दैनिक भास्कर हिंदी: कोरोना : इंडोनेशिया से रामपुर लौटा संदिग्ध घर से बाहर मिला, एफआईआर दर्ज

March 24th, 2020

हाईलाइट

  • कोरोना : इंडोनेशिया से रामपुर लौटा संदिग्ध घर से बाहर मिला, एफआईआर दर्ज

रामपुर, 24 मार्च (आईएएनएस)। जिले में जो भी कोरोना को लेकर अफवाहें फैलाएगा, कोरोना पीड़ित/संदिग्ध की मदद से कतराएगा, कोरोना को लेकर किए जा रहे राजकीय कार्यों का मजाक उड़ाएगा, ऐसे सभी लोगों से कोरोना वार्ड में भर्ती मरीजों और संदिग्धों की सेवा कराई जाएगी, साथ ही वार्डस की साफ-सफाई भी करवाई जाएगी। ताकि लोगों को सबक के साथ सेवा का भी मौका मिल सके।

यह बेबाक टिप्पणी रामपुर के जिलाधिकारी (डीएम) आञ्जनेय कुमार सिंह ने मंगलवार को आईएएनएस से फोन पर विशेष बातचीत के दौरान की। डीएम रामपुर ने आगे कहा, अभी तक रामपुर जिले में मैंने लॉकडाउन लागू नहीं किया था। मेरा इरादा मंगलवार को आधी रात से जिले को लॉकडाउन करने का था। लेकिन इससे पहले ही प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पूरे देश में 21 दिनों के लॉकडाउन की घोषणा कर दी।

डीएम आञ्जनेय कुमार ने आगे कहा, जो भी महामारी की इस घड़ी में दूर भागेगा, उसे कानूनन करीब लाया जाएगा, ताकि बाकियों को सबक मिल सके, साथ ही कोरोना को लेकर लापरवाही बिलकुल बर्दाश्त नहीं करुंगा। चाहे फिर जिले का कोई सरकारी अधिकारी, कर्मचारी हो या आमजन। इसी के चलते मैंने सोमवार को एक संदिग्ध के खिलाफ भी रामपुर सिविल लाइंस थाने में मामला दर्ज कराया है।

थाना सिविल लाइंस (रामपुर) में 23 मार्च, 2020 को दर्ज और आईएएनएस के पास मौजूद एफआईआर के मुताबिक, रामपुर की इंद्रप्रस्थ कॉलोनी में रहने वाला एक नव-दंपति इंडोनेशिया से 16 मार्च को भारत लौटा। कोरोना महामारी की बात तब तक दुनिया में फैल चुकी थी। इसके बाद भी इस युगल ने पुलिस और रामपुर जिला प्रशासन को इंडोनेशिया से रामपुर लौट आने की जानकारी नहीं दी।

जिलाधिकारी रामपुर के मुताबिक, जब जिला प्रशासन को पता चला तो हमारी टीमें संबंधित युगल के घर 21 मार्च को पहुंचीं। टीमों ने उन्हें घर में ही ब-हिफाजत रहने की हिदायत दी।

डीएम रामपुर ने आगे कहा, अचानक यह पता करने के लिए कि दंपत्ति घर में ही है या नहीं? टीमें जब कोरोना संदिग्ध के घर पहुंचीं तो युवक गायब मिला। छानबीन करने पर पता चला कि युवक जिस संस्था में विधिक सलाहकार है, वहां काम निपटाने/निपटवाने पहुंच गया था। लिहाजा मैंने उसी वक्त रामपुर के अपर मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. ओ.पी. आर्य को आदेश दिया कि वह तुरंत आरोपी के खिलाफ सिविल लाइंस थाने में आपराधिक मामला दर्ज करवाए।