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हद है: इंदौर में कोरोना संदिग्ध महिला को मेडिकल के लिए लेने गई टीम पर पथराव, दिल्ली के क्वारैंटाइन सेंटर में चि​कित्सक पर थूका


हाईलाइट

  • दिल्ली में मरकज से निकाले लोगों ने क्वारैंटाइन स्टाफ पर थूका
  • इंदौर में क्वारैंटाइन व्यक्ति के सैंपल लेने गई टीम पर पथराव
  • सोशल-डिस्टेंसिंग कराने गए दारोगा को भीड़ ने अधमरा किया

डिजिटल डेस्क, इंदौर। एक ओर जहां पूरी दुनिया कोरोना वायरस से जंग लड़ रही है। इस जानलेवा वायरस को हराने के लिए भारत में लॉकडाउन किया गया है। वहीं दूसरी ओर देश में कुछ लोग इस वायरस के खतरे को हल्के में ले रहे हैं। लोग न सिर्फ लॉकडाउन को तोड़ रहे हैं, बल्कि स्वास्थ्य विभाग की टीम से बदसलूकी भी कर रहे हैं। यह नहीं पुलिस की टीम पर पथराव कर घायल भी कर दिया। ऐसे कुछ मामले दिल्ली, उत्तर प्रदेश के मुजफ्फरपुर और मध्यप्रदेश के इंदौर से बुधवार को सामने आए हैं। 

पहला मामला: इंदौर में क्वारैंटाइन व्यक्ति के सैंपल लेने गई टीम पर पथराव 
इंदौर में अब तक कोरोना वायरस संक्रमण से 4 लोगों की मौत हुई है और 76 पॉजिटिव केस सामने आ चुके हैं। बावजूद इसके यहां के लोग स्वास्थ्य विभाग की टीम और पुलिस से बदसलूकी कर रहे हैं। बुधवार को टाटपट्टी बाखल और सिलावट पुरा के रहवासियों ने जमकर हंगामा किया। नौबत यहां तक आ गई कि लोगों ने स्वास्थ्य विभाग की टीम पर पथराव तक कर दिया और बैरिकेट भी तोड़ दिए। स्वास्थ्य विभाग की टीम यहां क्वारैंटाइन की गई कोरोना के संदिग्ध बुजुर्ग महिला को मेडिकल के लिए लेने गई थी। टीम पर पथराव के बाद यहां भारी पुलिस बल की मौजूदगी में जांच की गई।

पुलिस ने कहा केस दर्ज करेंगे
पुलिस अधिकारियों के मुताबिक शुरुआत में कई इलाकों में लोग सहयोग नहीं कर रहे हैं। एक बुजुर्ग महिला को जांच के लिए ले जाने को लेकर कुछ लोग विरोध कर रहे थे। उसी को लेकर पथराव किया गया और बैरिकेट भी तोड़े गए। पुलिस बल मौजूद है इसलिए स्थिति पूरी तरह से कंट्रोल में है। जो भी सरकारी महकमें के साथ दुर्व्यवहार कर रहा है। उसके खिलाफ एफआईआर दर्ज की जाएगी।

सोमवार को स्वास्थ्यकर्मी से दुर्व्यहार, पुलिसकर्मी को दी थी जान से मारने की धमकी
दरअसल, इंदौर में जिन 26 इलाकों में सबसे ज्यादा कोविड-19 के पॉजिटिव मिले हैं, उन इलाकों को क्वारैंटाइन कर दिया गया है। इन इलाकों में जब स्वास्थ्य विभाग की टीम जांच करने जाती है तो यहां के रहवासी उनके साथ दुर्व्यहार कर रहे हैं। सोमवार को रानीपूरा इलाके में स्वास्थ्य विभाग के कर्मचारी के साथ यहां के रहवासियों द्वारा दुर्व्यवहार करने की बात सामने आई थी। इससे पहले यहां पुलिसकर्मी के साथ गाली-गलौच भी हो चुकी है और उनके साथ मारपीट करने की धमकी दी जा चुकी है। 

इंदौर के ये इलाके भी सील
इंदौर के रानीपुरा क्षेत्र को पूरी तरह सील कर दिया गया है। कोरोना पॉजिटिव मरीज मिलने पर इंदौर के स्नेह नगर और सैफी नगर भी सील करने का काम शुरू कर दिया है। थाना इंचार्ज अनिल गौतम ने बताया कि सैफी नगर में 13 और स्नेह नगर की 9 गलियों के करीब एक किलोमीटर के दायरे को बैरिकेड्स से सील कर दिया है। इलाके में कुछ लोग बदसलूकी भी कर रहे हैं, जिनके खिलाफ कार्रवाई की जा रही है।

दूसरा मामला: दिल्ली में मरकज से निकाले लोगों ने क्वारैंटाइन स्टाफ पर थूका
दिल्ली के निजामुद्दीन स्थित मरकज की इमारत से बुधवार सुबह तक दो हजार से ज्यादा जमातियों को बाहर निकाला गया। तब्लीगी जमात के 167 लोगों को बसों के जरिए मंगलवार रात तुगलकाबाद क्वारैंटाइन सेंटर ले जाया गया था। इन्हें दो जगहों पर रखा गया है। दिल्ली सरकार के एक अधिकारी ने बताया कि ये लोग कोरोना वायरस को हल्के में ले रहे हैं। ये लोग क्वारैंटाइन सेंटर में जगह-जगह थूक रहे हैं। यहां तक कि इन लोगों ने डॉक्टरों और देखरेख में जुटे स्टाफ को गालियां तक दीं और उन पर थूका। ये लोग पूरी इमारत में घूम रहे हैं। एक व्यक्ति ने तो खुदकुशी करने की कोशिश भी की।

तीसरा मामला मुजफ्फरनगर: सोशल-डिस्टेंसिंग कराने गए दारोगा को भीड़ ने अधमरा किया
जफ्फरनगर जिले के थाना भोपा अंतर्गत गांव मोरना में लॉकडाउन और सोशल डिस्टेंसिंग लागू करने पहुंची पुलिस को भीड़ ने लहूलुहान कर दिया। गांव वालों की भीड़ द्वारा किए गए हमले में चौकी इंचार्ज मोरना सब-इंस्पेक्टर लेखराज सिंह सहित दो सिपाही बुरी तरह जख्मी हो गए। चौकी इंचार्ज की गंभीर हालत के चलते उन्हें तत्काल इलाज के लिए अब से कुछ देर पहले ही मेरठ रेफर कर दिया गया है। इस सिलसिले में पुलिस ने मोरना गांव के पूर्व प्रधान और उसकी दो पुत्रवधुओं को गिरफ्तार कर लिया है।

घटना की पुष्टि करते हुए जिला पुलिस प्रवक्ता सतेंद्र सिंह ने बताया कि घटना की जानकारी मिलते ही वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक अभिषेक यादव सहित तमाम आला पुलिस अफसर घटनास्थल पर पहुंच गए हैं। घटनाक्रम के मुताबिक, शाम करीब 6 बजे चौकी इंचार्ज मोरना सब-इंस्पेक्टर लेखराज सिंह और दो सिपाही रवि कुमार व एक अन्य सिपाही के साथ इलाके में घूम रहे थे। उसी वक्त पुलिस वालों ने मोरना गांव में करहेड़ मोड़ पर मौजूद भीड़ देखी। मुजफ्फरनगर जिला पुलिस प्रवक्ता के मुताबिक, गांव वालों की भीड़ गांव के पूर्व प्रधान नाहर सिंह के घर के बाहर इकट्ठी थी। पुलिस टीम ने नाहर सिंह और भीड़ में मौजूद लोगों से लॉकडाउन और सोशल डिस्टेंसिंग की बात कही। इस पर भीड़ पुलिस वालों के ऊपर टूट पड़ी। भीड़ गांव की कई महिलाएं भी आकर शामिल हो गईं। भीड़ के हाथों में लाठी-डंडे, लोहे सरिया इत्यादि थे। भीड़ ने पुलिस टीम को घेरकर सुनियोजित तरीके से हमला किया था। इसलिए पुलिसकर्मी खुद का बचाव भी नहीं कर पाए।

घायल सब-इंस्पेक्टर मेरठ रेफर
घटना की सूचना मिलते ही पुलिस अधीक्षक (देहात) नेपाल सिंह, व भोपा के क्षेत्राधिकारी (सीओ) राम मोहन शर्मा भी मौके पर अतिरिक्त पुलिस बल लेकर पहुंच गए। अधिकारियों ने मौके पर बेहोश पड़े पुलिस कर्मियों को तुरंत पास के ही सरकारी अस्पताल में दाखिल कराया। बुधवार देर रात सब-इंस्पेक्टर (मोरना चौकी इंचार्ज) लेखराज सिंह की हालत गंभीर होने पर उन्हें मेरठ रेफर कर दिया गया है। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक अभिषेक यादव के मुताबिक, फिलहाल हमलावरों में तीन लोग गिरफ्तार कर लिए गए हैं। गिरफ्तार लोगों में गांव मोरना का ही पूर्व ग्राम प्रधान नाहर सिंह व उसके दोनो बेटों की बहुएं शामिल हैं। बाकी लोग मौके से भागने में कामयाब हो गए। उनकी तलाश में पुलिस टीमें निकली हुई हैं।

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