दैनिक भास्कर हिंदी: डॉ. सीवी रमन जयंती: विज्ञान की दुनिया में आज भी प्रासंगिक है 'रमन इफेक्ट'

November 7th, 2019

हाईलाइट

  • रमन इफेक्ट का इस्तेमाल आज भी वैज्ञानिक क्षेत्र में हो रहा है
  • डॉ. सीवी की खोज को रमन इफेक्ट के नाम से जाना जाता है
  • उन्हें 1930 में भौतिक शास्त्र के नोबेल पुरस्कार से नवाजा गया

डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। विज्ञान के क्षेत्र में नोबेल जीतने वाले एशिया के पहले वैज्ञानिक सीवी रमन (चंद्रशेखर वेंकटरमन) की आज जन्म जयंती है। सीवी रमन एक ऐसे प्रख्यात भारतीय भौतिक-विज्ञानी थे, जिनकी दशक पहले की गई वैज्ञानिक खोज आज भी उतनी ही प्रासंगिक है, जितनी कि पहले थी। रमन इफेक्ट का इस्तेमाल आज भी वैज्ञानिक क्षेत्र में हो रहा है। उनकी खोज को रमन इफेक्ट के नाम से जाना जाता है। जब भारत से अंतरिक्ष मिशन चंद्रयान ने चांद पर पानी होने की घोषणा की तो इसके पीछे रमन स्पेक्ट्रोस्कोपी का ही हाथ था। 

डॉ. सीवी रमन ने अनुसंधान के क्षेत्र में कई कीर्तिमान स्थापित किए। भारत में विज्ञान को नई ऊंचाइयां प्रदान करने में उनका काफी बड़ा योगदान रहा है। आज उनके जन्मदिन के मौके पर उन्हें दुनिया भर में याद किया जा रहा है। आइए उनकी जन्म जयंती पर जानते ​हैं डॉ. सीवी रमन से जुड़ी कुछ खास बातें...