comScore

© Copyright 2019-20 : Bhaskarhindi.com. All Rights Reserved.

हरियाणा चुनाव : कांग्रेस की गलत नीति ने देश को तबाह कर दिया -पीएम मोदी

हरियाणा चुनाव : कांग्रेस की गलत नीति ने देश को तबाह कर दिया -पीएम मोदी

हाईलाइट

  • कांग्रेस ने आस्था, परंपरा और संस्कृति को कभी मान नहीं दिया
  • पहले की सोई सरकारें कश्मीर में हालात बिगाड़ती गई
  • हरियाणा में सिंचाई की सुविधा में व्यापक सुधार हुआ है

डिजिटल डेस्क,ऐलनाबाद। हरियाणा विधानसभा चुनाव प्रचार के आखिरी दिन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ऐलनाबाद में विशाल जनसभा को संबोधित किया। इस दौरान उन्होंने कहा कि कपूरथला से तरन तारन के पास गोविंदवाल साहिब तक जो नया नेशनल हाईवे बना है। उसे अब गुरु नानक देवजी मार्ग के नाम से जाना जाएगा। पीएम ने कहा,केंद्र सरकार सौभाग्य मिला है। हमारे गुरु के पवित्र स्थान करतारपुर साहिब और हमसभी के बीच की दूरी खत्म होने वाली है। 

अपने भाषण में पीएम मोदी ने कांग्रेस पर भी तीखा हमला किया। उन्होने कहा, कांग्रेस और उसे जुड़े दलों ने हिंदुस्तानियों की आस्था, परंपरा और संस्कृति को कभी मान नहीं दिया। सिर्फ चार किलोमीटर के फासले से भक्तों को गुरु से अलग कर दिया। इसके बाद 70 सालों तक दूरी मिटाने की कोई कोशिश नहीं की। प्रधानमंत्री मे कहा कि कांग्रेस की जो अप्रोच पवित्र स्थानों के साथ रही,वहीं कश्मीर के साथ भी रही। पहले दिल्ली में सोई सरकारें कश्मीर में हालात बिगाड़ती गई। कांग्रेस की गलत नीति और रणनीति ने देश को तबाह करके रख दिया है। 

पीएम मोदी ने कहा हमारे हक के पानी के लिए 70 सालों तक कोई ठोस कदम नहीं उठाए गए। हमारी नदियों से हमारे हिस्से का पानी पाकिस्तान चला जाता रहा और सरकारें देखती रहीं। हरियाणा में सिंचाई की सुविधा में व्यापक सुधार हुआ है। आने वाले पांच सालों में भारत को सूखा मुक्त, जल युक्त बनाएंगे।

उन्होंने कहा कि बीजेपी सरकार खेती और किसानी से जुड़ी अर्थव्यवस्था को मजबूत करने में जुटी है। वर्ष 2022 तक किसनों की आय को दोगुना किया जाएगा इसके लिए कई स्तरों पर काम किया जा रहा है। भाजपा किसानों के हित में कदम उठा रही है। हरियाणा में बीजेपी सरकार ने सरकारी नौकियों में होने वाली बंदरबांट को बंद कर दिया है। 

पीएम ने अपने भाषण में नशे की लत का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा, ये सिर्फ एक व्यक्ति को नहीं पूरे परिवार, समाज और देश को बर्बाद कर देती है। पड़ोसी देश नेश की खेप चोरी-छिपे भेज रहा है। हमें उससे वैसे ही निपटना है, जैसें आतंकवादियों से हमारे जवान निपटते हैं। 

कमेंट करें
kmOjP
NEXT STORY

Real Estate: खरीदना चाहते हैं अपने सपनों का घर तो रखे इन बातों का ध्यान, भास्कर प्रॉपर्टी करेगा मदद

Real Estate: खरीदना चाहते हैं अपने सपनों का घर तो रखे इन बातों का ध्यान, भास्कर प्रॉपर्टी करेगा मदद

डिजिटल डेस्क, जबलपुर। किसी के लिए भी प्रॉपर्टी खरीदना जीवन के महत्वपूर्ण कामों में से एक होता है। आप सारी जमा पूंजी और कर्ज लेकर अपने सपनों के घर को खरीदते हैं। इसलिए यह जरूरी है कि इसमें इतनी ही सावधानी बरती जाय जिससे कि आपकी मेहनत की कमाई को कोई चट ना कर सके। प्रॉपर्टी की कोई भी डील करने से पहले पूरा रिसर्च वर्क होना चाहिए। हर कागजात को सावधानी से चेक करने के बाद ही डील पर आगे बढ़ना चाहिए। हालांकि कई बार हमें मालूम नहीं होता कि सही और सटीक जानकारी कहा से मिलेगी। इसमें bhaskarproperty.com आपकी मदद कर सकता  है। 

जानिए भास्कर प्रॉपर्टी के बारे में:
भास्कर प्रॉपर्टी ऑनलाइन रियल एस्टेट स्पेस में तेजी से आगे बढ़ने वाली कंपनी हैं, जो आपके सपनों के घर की तलाश को आसान बनाती है। एक बेहतर अनुभव देने और आपको फर्जी लिस्टिंग और अंतहीन साइट विजिट से मुक्त कराने के मकसद से ही इस प्लेटफॉर्म को डेवलप किया गया है। हमारी बेहतरीन टीम की रिसर्च और मेहनत से हमने कई सारे प्रॉपर्टी से जुड़े रिकॉर्ड को इकट्ठा किया है। आपकी सुविधाओं को ध्यान में रखकर बनाए गए इस प्लेटफॉर्म से आपके समय की भी बचत होगी। यहां आपको सभी रेंज की प्रॉपर्टी लिस्टिंग मिलेगी, खास तौर पर जबलपुर की प्रॉपर्टीज से जुड़ी लिस्टिंग्स। ऐसे में अगर आप जबलपुर में प्रॉपर्टी खरीदने का प्लान बना रहे हैं और सही और सटीक जानकारी चाहते हैं तो भास्कर प्रॉपर्टी की वेबसाइट पर विजिट कर सकते हैं।

ध्यान रखें की प्रॉपर्टी RERA अप्रूव्ड हो 
कोई भी प्रॉपर्टी खरीदने से पहले इस बात का ध्यान रखे कि वो भारतीय रियल एस्टेट इंडस्ट्री के रेगुलेटर RERA से अप्रूव्ड हो। रियल एस्टेट रेगुलेशन एंड डेवेलपमेंट एक्ट, 2016 (RERA) को भारतीय संसद ने पास किया था। RERA का मकसद प्रॉपर्टी खरीदारों के हितों की रक्षा करना और रियल एस्टेट सेक्टर में निवेश को बढ़ावा देना है। राज्य सभा ने RERA को 10 मार्च और लोकसभा ने 15 मार्च, 2016 को किया था। 1 मई, 2016 को यह लागू हो गया। 92 में से 59 सेक्शंस 1 मई, 2016 और बाकी 1 मई, 2017 को अस्तित्व में आए। 6 महीने के भीतर केंद्र व राज्य सरकारों को अपने नियमों को केंद्रीय कानून के तहत नोटिफाई करना था।