दैनिक भास्कर हिंदी: कर्नाटक चुनाव: कुमारस्वामी बुधवार को लेंगे मुख्यमंत्री पद की शपथ

May 20th, 2018

डिजिटल डेस्क, बें'गलुरु। कर्नाटक के दो दिन के सीएम येदियुरप्पा के इस्तीफे के बाद एचडी कुमारस्वामी ने राज्यपाल से मुलाकात की। राज्यपाल से मिलकर कुमारस्वामी ने कांग्रेस जेडीएस गंठबंधन की सरकार बनाने का दावा पेश किया। कुमारस्वामी को बहुमत साबित करने के लिए 15 दिनों का वक्त दिया गया है। वह बुधवार को सीएम पद की शपथ ग्रहण करेंगे। पहले सोमवार को शपथ लेने की बात कही जा रही थी, लेकिन बाद में इसमें परिवर्तन कर दिया गया। लिहाजा अब शपथ ग्रहण समारोह सोमवार की बजाय बुधवार को होगा। जेडीएस के नेशनल सेक्रेटरी जनरल दानिश अली ने बताया कि राज्यपाल वजुभाई वाला ने एचडी कुमारस्वामी को 23 मई (बुधवार) को दोपहर 12:30 बजे मुख्यमंत्री पद की शपथ लेने के लिए आमंत्रित किया है।

 

 

 

 

 


बहुमत के लिए पर्याप्त विधायक
इससे पहले मीडिया से बात करते हुए कुमारस्वामी ने कहा, हम जानते है कि बहुमत साबित करने के लिए हमारे पास पर्याप्त विधायक है। ये सभी विधायक शपथ ग्रहण समारोह में शामिल होंगे। उन्होंने कहा कि 'हमने राज्यपाल के सामने सरकार बनाने का दावा पेश किया है और सोमवार को शपथ ग्रहण होगा। सभी से चर्चा के बाद मंत्रिमंडल का गठन किया जाएगा।' (हालांकि अब शपथ ग्रहन का समय बदलकर बुधवार दोपहर 12.30 बजे कर दिया गया है।) कुमारस्वामी ने आगे कहा, राज्यपाल की ओर से बुलाए जाने के बाद उन्होंने अपना दावा पेश किया है। शपथ ग्रहण समारोह  में सभी क्षेत्रीय दलों के नेताओं को भी आमंत्रित किया गया है।

 

 

न्याय व्यवस्था को बधाई
कुमारस्वामी ने देश की न्याय व्यवस्था को बधाई और धन्यवाद दिया। उन्होंने कहा, 'मैं देश की न्याय व्यवस्था को बधाई और धन्यवाद देता हूं जिसने लोकतंत्र की रक्षा की और हमारा सहयोग किया।' कुमारस्वामी ने कांग्रेस नेताओं पूर्व अध्यक्ष सोनिया गांधी और अध्यक्ष राहुल गांधी के अलावा बीएसपी सुप्रीमो मायावती को भी सरकार बनाने में सहयोग देने के लिए धन्यवाद दिया। उन्होंने कहा कि जल्द ही बाकी चीजें भी स्पष्ट होंगी। बता दें कि इस वक्त कांग्रेस के पास जेडीएस के समर्थन के साथ 116 विधायक हैं और राज्य में बहुमत के लिए जरूरी संख्या 112 है। 

दो दिन के सीएम का इस्तीफा
इससे पहले पांच दिनों तक चले पॉलिटिकल ड्रामे का अंत हुआ। दो दिन के सीएम येदियुरप्पा ने फ्लोर टेस्ट से पहले ही अपने इस्तीफे का ऐलान कर दिया। कर्नाटक में भाजपा सरकार बने रहना पार्टी के लिए तो महत्वपूर्ण था ही, लेकिन खुद 75 पार के बीएस येद्दियुरप्पा के लिए यह कहीं ज्यादा महत्वपूर्ण था। इसलिए बहुत से लोग मान रहे हैं कि अब उनके राजनीतिक जीवन के पटाक्षेप की शुरुआत भी होने जा रही है। वहीं कांग्रेस-जेडीएस का गठबंधन अब कर्नाटक में सरकार बनाने जा रही है। जानकार इसे कांग्रेस के लिए एक संजीवनी की तरह मान रहे हैं।