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हाईकोर्ट से चिदंबरम को झटका, जमानत याचिका खारिज, 3 अक्टूबर तक रहना होगा तिहाड़ में

October 01st, 2019 07:50 IST
हाईकोर्ट से चिदंबरम को झटका, जमानत याचिका खारिज, 3 अक्टूबर तक रहना होगा तिहाड़ में

हाईलाइट

  • दिल्ली हाईकोर्ट ने पी चिदंबरम को जमानत देने से इनकार कर दिया
  • उन्हें आईएनएक्स मीडिया भ्रष्टाचार मामले में गिरफ्तार किया गया है
  • 27 सितंबर को अदालत ने उनकी याचिका पर फैसला सुरक्षित रख लिया था

डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। दिल्ली हाईकोर्ट ने सोमवार को पूर्व वित्त मंत्री और वरिष्ठ कांग्रेस नेता पी चिदंबरम को जमानत देने से इनकार कर दिया। उन्हें आईएनएक्स मीडिया भ्रष्टाचार मामले में गिरफ्तार किया गया है। 27 सितंबर को अदालत ने उनकी याचिका पर फैसला सुरक्षित रख लिया था। बता दें कि चिदंबरम को 21 अगस्त को गिरफ्तार किया गया था और वह 3 अक्टूबर तक न्यायिक हिरासत में तिहाड़ जेल में हैं।

सेंट्रल ब्यूरो ऑफ इन्वेस्टिगेशन (CBI) ने शुक्रवार को चिदंबरम की जमानत याचिका का विरोध करते हुए कहा था कि वह देश छोड़कर भाग सकते हैं। उधर, चिदंबरम के वकील कपिल सिब्बल ने अदालत से कहा था कि पी. चिदंबरम कभी इंद्राणी मुखर्जी से नहीं मिले, इस बात को पीटर मुखर्जी ने भी स्वीकारा है। इसके बाद सीबीआई की ओर से कहा गया कि मार्च 2007 में पीटर मुखर्जी और इंद्राणी एक तीसरे व्यक्ति के साथ पी. चिदंबरम से मिले, इंद्राणी और पीटर मुखर्जी होटल ओबरॉय में ठहरे थे। उन्होंने ये भी कहा कि  पी. चिदंबरम की विजिटर डायरी के साथ छेड़छाड़ हुई है।

73 साल के चिदंबरम को सीबीआई ने 21 अगस्त को उनके जोर बाग स्थित आवास से गिरफ्तार किया था। उन्हें 22 अगस्त को कोर्ट में पेश किया गया था और चार दिन की सीबीआई हिरासत में भेज दिया गया था। बाद में उन्हें  5 सितंबर को 14 दिनों के लिए न्यायिक हिरासत में तिहाड़ जेल भेज दिया गया। 14 दिनों की न्यायिक हिरासत खत्म होने के बाद उन्हें अदालत में पेश किया गया था जिसके बाद उनकी न्यायिक हिरासत को 3 अक्टूबर तक बढ़ा दिया गया।

पी चिदंबरम के वकीलों ने इस दौरान अदालत में एक अन्य आवेदन भी दिया था जिसमें कहा गया था कि चिदंबरम प्रवर्तन निदेशालय (ED) मामले में आत्मसमर्पण करना चाहते हैं। चिदंबरम के इस आवेदन पर 12 सितंबर को सुनवाई हुई थी। हालांकि अदालत ने चिंदबरम के इस आवेदन को खारिज कर दिया था।

इस दौरान ED की तरफ से सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने चिदंबरम के आवेदन का विरोध किया था। उन्होंने स्पेशल जज अजय कुमार कुहर से कहा था, 'हमने इस मामले के छह लोगों को तलब किया है। उनमें से तीन से पूछताछ की गई। हमें सभी छह व्यक्तियों से पूछताछ करना है ताकि हम आरोपी (चिदंबरम) का उनसे सामना करा सकें। वह (चिदंबरम) सबूतों से छेड़छाड़ करने की स्थिति में नहीं है क्योंकि वह पहले से ही न्यायिक हिरासत में है।' उन्होंने कहा 'उचित समय पर चिदंबरम को गिरफ्तार किया जाएगा।'

बता दें कि 2007 में जब UPA-1 में चिदंबरम वित्त मंत्री थे उस वक्त उन्होंने मुंबई की INX मीडिया कंपनी को फॉरेन इन्वेस्टमेंट प्रमोशन बोर्ड (FIPB) की मंजूरी दिलाने में मदद की थी। उन्होंने अनियमितता बरतते हुए मीडिया समूह को FIPB क्लीयरेंस दे दिया। इसके बाद INX को 305 करोड़ रुपए मिले। इस मामले में CBI ने 15 मई, 2017 को एक एफआईआर दर्ज की थी। पिछले साल ED ने भी इस मामले में मनी-लॉन्ड्रिंग का केस दर्ज किया था। चिदंबरम के बेटे कार्ति चिदंबरम भी मामले में आरोपी हैं।

INX मीडिया कंपनी के मालिक पीटर मुखर्जी और इंद्राणी मुखर्जी हैं, जो अपनी बेटी शीना बोरा के मर्डर के आरोप में जेल में बंद हैं। 

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Paytm Money: अब पेटीएम मनी ऐप से हर कोई कर सकता है स्टॉक मार्किट में  निवेश, कंपनी का 10 लाख निवेशकों को जोड़ने का लक्ष्य

Paytm Money: अब पेटीएम मनी ऐप से हर कोई कर सकता है स्टॉक मार्किट में  निवेश, कंपनी का 10 लाख निवेशकों को जोड़ने का लक्ष्य

डिजिटल डेस्क, दिल्ली। भारत के घरेलु वित्तीय सेवा प्रदाता पेटीएम ने आज घोषणा की है कि इसकी पूर्ण स्वामित्व वाली सहायक कंपनी पेटीएम मनी ने देश में सभी के लिए स्टॉकब्रोकिंग की सुविधा शुरू कर दी है। कंपनी का लक्ष्य इस वित्त वर्ष में 10 लाख से अधिक निवेशकों को जोड़ना है, जिसमें अधिकतर छोटे शहरों और कस्बों से आने वाले फर्स्ट टाइम यूजर्स होंगे। इस प्रयास का उद्देश्य उत्पाद के आसान उपयोग, कम मूल्य निर्धारण (डिलीवरी ऑर्डर पर जीरो ब्रोकरेज, इंट्राडे के लिए 10 रुपये) और डिजिटल केवाईसी के साथ पेपरलेस खाता खोलने के साथ निवेश को प्रोत्साहित करना तथा अधिक-से-अधिक लोगों तक पहुंचना है। कंपनी भारत में सबसे व्यापक ऑनलाइन वेल्थ मैनेजमेंट प्लेटफार्म बनने के लिए प्रयासरत है, जो वित्तीय समावेशन के लक्ष्य के तहत आम लोगों तक आसानी से पहुंच सके।

पेटीएम मनी को अपने शुरुआती प्रयास में ही लोगों से भारी प्रतिक्रिया मिली और उसने 2.2 लाख से अधिक निवेशकों को अपने साथ जोड़ लिया। इनमें से, 65% उपयोगकर्ता 18 से 30 वर्ष के आयु वर्ग में हैं, जो दर्शाता है कि नई पीढ़ी अपनी वेल्थ पोर्टफोलियो का निर्माण कर रही है। टियर-1 शहरों जैसे मुंबई, बैंगलोर, हैदराबाद, जयपुर और अहमदाबाद में इस प्लेटफार्म को बड़े स्तर पर अपनाया गया है। ठाणे, गुंटूर, बर्धमान, कृष्णा, और आगरा जैसे छोटे शहरों में भी लोगों का भारी झुकाव देखने को मिला है। यह सेवा सुपर-फास्ट लोडिंग स्टॉक चार्ट्स, ट्रैक मार्केट मूवर्स एंड कंपनी फंडामेंटल्स सुविधाओं के साथ अब आईओएस, एंड्रॉइड और वेब पर उपलब्ध है। पेटीएम मनी ऐप शेयरों पर निवेश, व्यापार और सर्च के लिए प्राइस अलर्ट और एसआईपी सेट करने के लिए आसान इंटरफ़ेस प्रदान करता है।

इस अवसर पर पेटीएम मनी के सीईओ, वरुण श्रीधर ने कहा, "हमारा उद्देश्य वेल्थ मैनेजमेंट सेवाओं को आबादी के बड़े हिस्से तक पहुंचाना है, जो आत्मानिर्भर भारत के लक्ष्य में योगदान करेगी। हमारा मानना है कि यह मिलेनियल और नए निवेशकों को उनके वेल्थ पोर्टफोलियो के निर्माण में सक्षम बनाने का समय है। प्रौद्योगिकी पर आधारित हमारे समाधान शेयर में निवेश को सरल और आसान बनाता है। हम वर्तमान उत्पादों को चुनौती देते रहेंगे और भारत के सर्वश्रेष्ठ उत्पाद का निर्माण करते रहेंगे। हम पेटीएम मनी को सभी भारतीय के लिए एक व्यापक वेल्थ मैनेजमेंट प्लेटफार्म बनाने के लिए प्रतिबद्ध हैं। "

इतने कम समय में पेटीएम मनी पर स्टॉक ट्रेडिंग को व्यापक रूप से अपनाया जाना काफी महत्व रखता है। यह हर भारतीय के लिए डिजिटल निवेश को आसान बनाने के कंपनी के प्रयासों की सराहना को भी दर्शाता है। शेयरों में आसान निवेश के साथ, प्लेटफॉर्म उपयोगकर्ता को बाजार के बारे में शोध करने, मार्केट मूवर्स का पता लगाने, अनुकूल वॉचलिस्ट तैयार करने और 50 से अधिक शेयरों के लिए प्राइस अलर्ट सेट करने के अवसर प्रदान करता है। इसके अलावा, उपयोगकर्ता स्टॉक के लिए साप्ताहिक / मासिक एसआईपी सेट कर सकते हैं, और स्टॉक में निवेश को आॅटोमेट कर सकते हैं। बिल्ट-इन ब्रोकरेज कैलकुलेटर के साथ, निवेशक लेनदेन शुल्क का पता लगा सकते हैं और शेयरों को लाभ पर बेचने के लिए ब्रेक-इवेन प्राइस जान सकते हैं। इसके अलावा, स्टॉक ट्रेडिंग के अनुभव को और बेहतर बनाने के लिए एडवांस्ड चार्ट और अन्य विकल्प जैसे कवर चार्ट तथा ब्रैकेट ऑर्डर भी जोड़े गए हैं। इन सुविधाओं के अलावा बैंक-स्तरीय सुरक्षा के साथ निवेशकों के व्यक्तिगत डेटा को सुरक्षित रखते हुए अन्य सुविधाएं भी उपलब्ध होंगी।


पेटीएम मनी के बारे में
पेटीएम मनी वन97 कम्युनिकेशंस की पूर्ण स्वामित्व वाली एक सहायक कंपनी है। वन97 कम्युनिकेशंस भारत की घरेलू वित्तीय सेवा प्रदाता पेटीएम का स्वामित्व भी रखता है। यह देश का सबसे बड़ा ऑनलाइन इंवेस्टमेंट प्लेटफार्म है, और अब इसने उपयोगकर्ताओं के लिए डायरेक्ट म्यूचुअल फंड्स और एनपीएस के अपने वर्तमान आॅफर में स्टॉक्स को भी जोड़ दिया है। पेटीएम मनी का लक्ष्य एक पूर्ण-स्टैक इंवेस्टमेंट और वेल्थ मैनेजमेंट प्लेटफार्म बनना और लाखों भारतीयों तक धन सृजन के अवसरों को पहुंचाना है। बेंगलुरु स्थित मुख्यालय से संचालित इस कंपनी की टीम में 300 से अधिक सदस्य हैं।