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स्विस बैंकों में बढ़ रहा भारतीयों का धन, स्वामी और कांग्रेस ने मोदी सरकार को घेरा

June 30th, 2018 14:08 IST
स्विस बैंकों में बढ़ रहा भारतीयों का धन, स्वामी और कांग्रेस ने मोदी सरकार को घेरा

हाईलाइट

  • रिपोर्ट के अनुसार स्विस बैंकों में भारतीयों का पैसा 50 फीसदी बढ़ गया है।
  • 1 अरब स्विस फ्रैंक यानि 7000 करोड़ भारतीय रुपये तक पहुंच गया है।
  • स्विस बैंक खातों में रखे भारतीयों के धन में 2011 में इसमें 12 फीसदी, 2013 में 43 फीसदी, 2017 में इसमें 50.2 फीसदी की बढ़त हुई।

डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। स्विस बैंकों में लगातार बढ़ रहे भारतीय लोगों के काले धन ने एक बार फिर मोदी सरकार को कटघरे में लाकर खड़ा कर दिया है। कालेधन को लेकर कांग्रेस पार्टी समेत बीजेपी के ही वरिष्ठ नेता सुब्रमण्यम स्वामी ने पीएम नरेंद्र मोदी को उनके पुराने वादे याद दिलाए हैं। बता दें कि हाल ही में सामने आई एक रिपोर्ट में खुलासा हुआ है कि स्विस बैंकों में भारतीयों का पैसा 50 फीसदी बढ़ गया है।

टैक्स हैवन कंट्री स्विटजरलैंड के बैंकों में भारतीयों के पैसों में बढ़ोतरी पर सुब्रमण्यम स्वामी ने तंज भरे लहजे में ट्वीट कर कहा, 'वित्त सचिव अधिया के लिए एक बड़ी कामयाबी, एक तरफ पूरी दुनिया का स्विस बैंक में डिपोजिट सिर्फ 3 फीसदी बढ़ा है, तो वहीं भारतीयों का 50 फीसदी बढ़ गया है।'

स्विस बैंक में भारतीयों के पैसों में हुई बेतहाशा बढ़ोतरी पर सीपीआईएम महासचिव सीताराम येचुरी ने भी सोशल मीडिया ट्विटर पर पोस्ट शेयर करते हुए मोदी सरकार को घेरा है। येचुरी ने कहा, 'इसमें कोई आश्चर्य नहीं है. उन्होंने केंद्र की मोदी सरकार पर हमला बोलते हुए ट्वीट किया कि जुमलामैन के पास 2014 में किये गये वायदों को याद करने के समय और इरादा नहीं है।'

कांग्रेस पार्टी के मुख्य प्रवक्ता रणदीप सुरजेवाला ने भी ट्वीट करते हुए स्विस बैंकों में लगातार बढ़ रहे भारतीयों के पैसों पर तीखी टिप्पणी की है। सुरजेवाला ने मोदी को उनका वादा याद दिलाते हुए कहा, 'स्विस बैंकों में काला धन 50 प्रतिशत बढ़कर 7000 करोड़ रुपया हुआ! वादा था विदेशी बैंकों से 100 दिनों में 80 लाख करोड़ रुपये वापस लाने का! जुमले बने 'अच्छे दिन', कहां गये वो सच्चे दिन?'

कांग्रेस ने कहा, ''मोदी जी नोटबंदी तो फेल हो ही गई, आपके वादे और दावे भी बुरी तरह से फेल हो गए हैं; अब तो बता दीजिये कि आपकी नाक के नीचे ये काला धन स्विस बैंकों में किसने जमा किया?''


पीयूष गोयल ने कालेधन पर दी सफाई
स्विस बैंकों में बढ़े 50 प्रतिशत कालेधन पर पीयूष गोयल ने सफाई दी है। पीयुष ने कहा है कि इस मामले में कालेधन या अवैध लेन-देने का अनुमान लगाने की जरूरत नहीं है। उन्होंने ट्विट करते हुए कहा, 'भारत और स्विट्ज़रलैंड के बीच 1 जनवरी 2018 से वित्तीय वर्ष के खत्म होने तक यह समझौता है कि वह हमें सभी डेटा उपलब्ध कराएगा। तो हम अभी से ये क्यों मान लें कि यह काला धन या अवैध लेनदेन है?'


बता दें कि स्विस नेशनल बैंक (एसएनबी) के आंकड़ों के अनुसार पिछले एक साल में बैंक में भारतीयों के जमा पैसे में 50 फीसदी का इजाफा हुआ है। अब ये 1 अरब स्विस फ्रैंक यानि 7000 करोड़ भारतीय रुपये तक पहुंच गया है। स्विस बैंक खातों में रखे भारतीयों के धन में 2011 में इसमें 12 फीसदी, 2013 में 43 फीसदी, 2017 में इसमें 50.2 फीसदी की बढ़त हुई। इससे पहले 2004 में यह धन 56 फीसदी बढ़ा था।

गौरतलत हो कि 2014 के लोकसभा चुनाव में पीएम मोदी ने कालाधन और स्विस बैंक में भारतीयों के रुपए जमा होने को खूब मुद्दा बनाया था। इसी मामले में पीएम मोदी ने उस दौरान कांग्रेस सरकार को भी कठघरे में खड़ा किया था और वादा किया था की बीजेपी की सरकार में आते ही वह कालाधन वापस लाने के लिए बड़ा कदम उठाएंगे। हालांकि पीएम मोदी ने कालाधन संबंधी कुछ फैसले लिए भी। पीएम मोदी ने सत्ता संभालते ही कालाधन वापस लाने के लिए एसआईटी का गठन किया था। अब नरेद्र मोदी सत्ता में हैं और स्विस बैंक में भारतीयों के पैसों में बढ़ोतरी हुई है।

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छत्तीसगढ़ में नक्सलवाद का खात्मा ठोस रणनीति से संभव - अभय तिवारी

छत्तीसगढ़ में नक्सलवाद का खात्मा ठोस रणनीति से संभव - अभय तिवारी

डिजिटल डेस्क, भोपाल। 21वीं सदी में भारत की राजनीति में तेजी से बदल रही हैं। देश की राजनीति में युवाओं की बढ़ती रूचि और अपनी मौलिक प्रतिभा से कई आमूलचूल परिवर्तन देखने को मिल रहे हैं। बदलते और सशक्त होते भारत के लिए यह राजनीतिक बदलाव बेहद महत्वपूर्ण साबित होगा ऐसी उम्मीद हैं।

अलबत्ता हमारी खबरों की दुनिया लगातार कई चहरों से निरंतर संवाद करती हैं। जो सियासत में तरह तरह से काम करते हैं। उनको सार्वजनिक जीवन में हमेशा कसौटी पर कसने की कोशिश में मीडिया रहती हैं।

आज हम बात करने वाले हैं मध्यप्रदेश युवा कांग्रेस (सोशल मीडिया) प्रभारी व राष्ट्रीय समन्वयक, भारतीय युवा कांग्रेस अभय तिवारी से जो अपने गृह राज्य छत्तीसगढ़ से जुड़े मुद्दों पर बेबाकी से अपनी राय रखते हैं और छत्तीसगढ़ को बेहतर बनाने के प्रयास के लिए लामबंद हैं।

जैसे क्रिकेट की दुनिया में जो खिलाड़ी बॉलिंग फील्डिंग और बल्लेबाजी में बेहतर होता हैं। उसे ऑलराउंडर कहते हैं अभय तिवारी भी युवा तुर्क होने के साथ साथ अपने संगठन व राजनीती  के ऑल राउंडर हैं। अब आप यूं समझिए कि अभय तिवारी देश और प्रदेश के हर उस मुद्दे प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से लगातार अपना योगदान देते हैं। जिससे प्रदेश और देश में सकारात्मक बदलाव और विकास हो सके।

छत्तीसगढ़ में नक्सल समस्या बहुत पुरानी है. लाल आतंक को खत्म करने के लिए लगातार कोशिशें की जा रही है. बावजूद इसके नक्सल समस्या बरकरार है।  यह भी देखने आया की पूर्व की सरकार की कोशिशों से नक्सलवाद नहीं ख़त्म हुआ परन्तु कांग्रेस पार्टी की भूपेश सरकार के कदम का समर्थन करते हुए भारतीय युवा कांग्रेस के राष्ट्रीय कोऑर्डिनेटर अभय तिवारी ने विश्वास जताया है कि कांग्रेस पार्टी की सरकार एक संवेदनशील सरकार है जो लड़ाई में नहीं विश्वास जीतने में भरोसा करती है।  श्री तिवारी ने आगे कहा कि जितने हमारे फोर्स हैं, उसके 10 प्रतिशत से भी कम नक्सली हैं. उनसे लड़ लेना कोई बड़ी बात नहीं है, लेकिन विश्वास जीतना बहुत कठिन है. हम लोगों ने 2 साल में बहुत विश्वास जीता है और मुख्यमंत्री के दावों पर विश्वास जताया है कि नक्सलवाद को यही सरकार खत्म कर सकती है।  

बरहाल अभय तिवारी छत्तीसगढ़ मुख्यमंत्री बघेल के नक्सलवाद के खात्मे और छत्तीसगढ़ के विकास के संबंध में चलाई जा रही योजनाओं को जन-जन तक पहुंचाने के लिए निरंतर काम कर रहे हैं. ज्ञात हो कि छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री ने यह कई बार कहा है कि अगर हथियार छोड़ते हैं नक्सली तो किसी भी मंच पर बातचीत के लिए तैयार है सरकार। वहीं अभय तिवारी  सर्कार के समर्थन में कहा कि नक्सली भारत के संविधान पर विश्वास करें और हथियार छोड़कर संवैधानिक तरीके से बात करें।  कांग्रेस सरकार संवेदनशीलता का परिचय देते हुए हर संभव नक्सलियों को सामाजिक  देने का प्रयास करेगी।  

बीते 6 महीने से ज्यादा लंबे चल रहे किसान आंदोलन में भी प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से अभय तिवारी की खासी महत्वपूर्ण भूमिका हैं। युवा कांग्रेस के बैनर तले वे लगातार किसानों की मदद के लिए लगे हुए हैं। वहीं मौजूदा वक्त में कोरोना की दूसरी लहर के बाद बिगड़ी स्थितियों में मरीजों को ऑक्सीजन और जरूरी दवाऐं निशुल्क उपलब्ध करवाने से लेकर जरूरतमंद लोगों को राशन की व्यवस्था करना। राजनीति से इतर बेहद जरूरी और मानव जीवन की रक्षा के लिए प्रयासरत हैं।

बहरहाल उम्मीद है कि देश जल्दी करोना से मुक्त होगा और छत्तीसगढ़ जैसा राज्य नक्सलवाद को जड़ से उखाड़ देगा। देश के बाकी संपन्न और विकासशील राज्यों की सूची में जल्द शामिल होगा। लेकिन ऐसा तभी संभव होगा जब अभय तिवारी जैसे युवा और विजनरी नेता निरंतर रणनीति के साथ काम करेंगे तो जल्द ही छत्तीसगढ़ भी देश के संपन्न राज्यों की सूची में शामिल होगा।