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Covid-19: कर्नाटक में 4 मई से खुलेंगे मॉल और शराब की दुकाने, सरकार ने दिए संकेत

Covid-19: कर्नाटक में 4 मई से खुलेंगे मॉल और शराब की दुकाने, सरकार ने दिए संकेत

हाईलाइट

  • कोरोनावायरस को लेकर किया गया देशव्यापी लॉकडाउन 3 मई को खत्म होने जा रहा है
  • कर्नाटक सरकार 4 मई से कमर्शियल और इंडस्ट्रियल एक्टिविटीज को दोबारा शुरू करने के पक्ष में
  • सरकार की शॉपिंग मॉल्स और शराब की दुकानें खोलने की योजना

डिजिटल डेस्क, बेंगलुरु। कोरोनावायरस को लेकर किया गया देशव्यापी लॉकडाउन 3 मई को खत्म होने जा रहा है। ऐसे में कर्नाटक सरकार ने गुरुवार को स्पष्ट संकेत दिया था कि वह 4 मई से अधिकांश कमर्शियल और इंडस्ट्रियल एक्टिविटीज को दोबारा शुरू करने के पक्ष में हैं। अब सरकार ने आने वाले हफ्ते में कंटेनमेंट ज़ोन को छोड़कर बाकी सभी जगहों पर शॉपिंग मॉल्स और  शराब की दुकानें खोलने की योजना बनाई है। हालांकि सरकार इस प्लान को लागू करने से पहले केंद्र से दिशा-निर्देशों की प्रतीक्षा कर रही है।

क्या कहा कर्नाटक के मुख्यमंत्री ने?
3 मई के बाद के रोडमैप पर चर्चा करने वाली एक कैबिनेट बैठक के बाद, मुख्यमंत्री बीएस येदियुरप्पा ने संवाददाताओं से कहा: 'जैसा कि कोविड-19 की समस्या आने वाले 2-3 महीने तक जारी रह सकती है तो ऐसे में इकोनॉमिक एक्टिविटीज और महामारी को नियंत्रित करने के प्रयास दोनों साथ-साथ करने होंगे। इसलिए हमने 4 मई से सभी क्षेत्रों में इंडस्ट्रियल और कमर्शियल एक्टिविटीज को शुरू करने की अनुमति देने का फैसला लिया है।

कर्नाटक में कोरोनावायरस के 557 मामले
बता दें कि कर्नाटक में कोरोना वायरस के 22 नए मामलों की पुष्टि हुई है। इसके बाद संक्रमित लोगों की संख्या बढ़कर 557 हो गई है।  इनमें 21 लोगों की मौत हो चुकी है और 223 मरीजों को अस्पताल से छुट्टी दी जा चुकी है। 22 नए मामलों में से 14 बेलगावी के, तीन बेंगलुरु शहर के, दो विजयपुरा के, और एक-एक दावणगेरे, दक्षिण कन्नड़ और तुमकुर का है। बेंगलुरु और मैसूर शहर सबसे अधिक कोरोना प्रभावित क्षेत्रों में है। यहां सबसे अधिक मामले दर्ज हुए है। इस वजह से इन्हें रोड जोन में रखा गया है।

देश में कोरोनावायर से 35 हजार से ज्यादा संक्रमित
वहीं पूरे देश की बात की जाए तो बीते 24 घंटे में कोरोना संक्रमण से 73 लोगों की मौत हुई और 1,993 नए पॉजिटिव केस सामने आए हैं। इसके साथ ही शुक्रवार सुबह 8 बजे तक भारत में संक्रमित लोगों की संख्या 35,043 हो गई है, जबकि मरने वालों की संख्या 1,147 पहुंच गई है। इसके अलावा 8,889 लोग स्वस्थ हुए हैं और 25,007 लोग कोरोना के कारण अस्पतालों में भर्ती हैं।

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छत्तीसगढ़ में नक्सलवाद का खात्मा ठोस रणनीति से संभव - अभय तिवारी

छत्तीसगढ़ में नक्सलवाद का खात्मा ठोस रणनीति से संभव - अभय तिवारी

डिजिटल डेस्क, भोपाल। 21वीं सदी में भारत की राजनीति में तेजी से बदल रही हैं। देश की राजनीति में युवाओं की बढ़ती रूचि और अपनी मौलिक प्रतिभा से कई आमूलचूल परिवर्तन देखने को मिल रहे हैं। बदलते और सशक्त होते भारत के लिए यह राजनीतिक बदलाव बेहद महत्वपूर्ण साबित होगा ऐसी उम्मीद हैं।

अलबत्ता हमारी खबरों की दुनिया लगातार कई चहरों से निरंतर संवाद करती हैं। जो सियासत में तरह तरह से काम करते हैं। उनको सार्वजनिक जीवन में हमेशा कसौटी पर कसने की कोशिश में मीडिया रहती हैं।

आज हम बात करने वाले हैं मध्यप्रदेश युवा कांग्रेस (सोशल मीडिया) प्रभारी व राष्ट्रीय समन्वयक, भारतीय युवा कांग्रेस अभय तिवारी से जो अपने गृह राज्य छत्तीसगढ़ से जुड़े मुद्दों पर बेबाकी से अपनी राय रखते हैं और छत्तीसगढ़ को बेहतर बनाने के प्रयास के लिए लामबंद हैं।

जैसे क्रिकेट की दुनिया में जो खिलाड़ी बॉलिंग फील्डिंग और बल्लेबाजी में बेहतर होता हैं। उसे ऑलराउंडर कहते हैं अभय तिवारी भी युवा तुर्क होने के साथ साथ अपने संगठन व राजनीती  के ऑल राउंडर हैं। अब आप यूं समझिए कि अभय तिवारी देश और प्रदेश के हर उस मुद्दे प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से लगातार अपना योगदान देते हैं। जिससे प्रदेश और देश में सकारात्मक बदलाव और विकास हो सके।

छत्तीसगढ़ में नक्सल समस्या बहुत पुरानी है. लाल आतंक को खत्म करने के लिए लगातार कोशिशें की जा रही है. बावजूद इसके नक्सल समस्या बरकरार है।  यह भी देखने आया की पूर्व की सरकार की कोशिशों से नक्सलवाद नहीं ख़त्म हुआ परन्तु कांग्रेस पार्टी की भूपेश सरकार के कदम का समर्थन करते हुए भारतीय युवा कांग्रेस के राष्ट्रीय कोऑर्डिनेटर अभय तिवारी ने विश्वास जताया है कि कांग्रेस पार्टी की सरकार एक संवेदनशील सरकार है जो लड़ाई में नहीं विश्वास जीतने में भरोसा करती है।  श्री तिवारी ने आगे कहा कि जितने हमारे फोर्स हैं, उसके 10 प्रतिशत से भी कम नक्सली हैं. उनसे लड़ लेना कोई बड़ी बात नहीं है, लेकिन विश्वास जीतना बहुत कठिन है. हम लोगों ने 2 साल में बहुत विश्वास जीता है और मुख्यमंत्री के दावों पर विश्वास जताया है कि नक्सलवाद को यही सरकार खत्म कर सकती है।  

बरहाल अभय तिवारी छत्तीसगढ़ मुख्यमंत्री बघेल के नक्सलवाद के खात्मे और छत्तीसगढ़ के विकास के संबंध में चलाई जा रही योजनाओं को जन-जन तक पहुंचाने के लिए निरंतर काम कर रहे हैं. ज्ञात हो कि छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री ने यह कई बार कहा है कि अगर हथियार छोड़ते हैं नक्सली तो किसी भी मंच पर बातचीत के लिए तैयार है सरकार। वहीं अभय तिवारी  सर्कार के समर्थन में कहा कि नक्सली भारत के संविधान पर विश्वास करें और हथियार छोड़कर संवैधानिक तरीके से बात करें।  कांग्रेस सरकार संवेदनशीलता का परिचय देते हुए हर संभव नक्सलियों को सामाजिक  देने का प्रयास करेगी।  

बीते 6 महीने से ज्यादा लंबे चल रहे किसान आंदोलन में भी प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से अभय तिवारी की खासी महत्वपूर्ण भूमिका हैं। युवा कांग्रेस के बैनर तले वे लगातार किसानों की मदद के लिए लगे हुए हैं। वहीं मौजूदा वक्त में कोरोना की दूसरी लहर के बाद बिगड़ी स्थितियों में मरीजों को ऑक्सीजन और जरूरी दवाऐं निशुल्क उपलब्ध करवाने से लेकर जरूरतमंद लोगों को राशन की व्यवस्था करना। राजनीति से इतर बेहद जरूरी और मानव जीवन की रक्षा के लिए प्रयासरत हैं।

बहरहाल उम्मीद है कि देश जल्दी करोना से मुक्त होगा और छत्तीसगढ़ जैसा राज्य नक्सलवाद को जड़ से उखाड़ देगा। देश के बाकी संपन्न और विकासशील राज्यों की सूची में जल्द शामिल होगा। लेकिन ऐसा तभी संभव होगा जब अभय तिवारी जैसे युवा और विजनरी नेता निरंतर रणनीति के साथ काम करेंगे तो जल्द ही छत्तीसगढ़ भी देश के संपन्न राज्यों की सूची में शामिल होगा।