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PNB SCAM: मेहुल चोकसी ने ली एंटीगुआ की नागरिकता, पासपोर्ट भी मिला

July 25th, 2018 09:22 IST
PNB SCAM: मेहुल चोकसी ने ली एंटीगुआ की नागरिकता, पासपोर्ट भी मिला

हाईलाइट

  • मेहुल चोकसी के एंटीगुआ की नागरिकता लेने की खबर है।
  • मेहुल चोकसी ने अमेरिका से एंटीगुआ जाने के लिए जेट ब्लू फ्लाइट का इस्तेमाल किया।
  • इस हवाई यात्रा के लिए उसने भारतीय पासपोर्ट नहीं बल्कि एंटीगुआ के पासपोर्ट का इस्तेमाल किया।

डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। पंजाब नेशनल बैंक में हुए 13000 करोड़ के घोटाले के आरोपी मेहुल चोकसी के एंटीगुआ की नागरिकता लेने की खबर है। जानकारी मिली है कि मेहुल चोकसी ने अमेरिका से एंटीगुआ जाने के लिए जेट ब्लू फ्लाइट का इस्तेमाल किया। इस हवाई यात्रा के लिए उसने भारतीय पासपोर्ट नहीं बल्कि एंटीगुआ के पासपोर्ट का इस्तेमाल किया। बता दें कि एंटीगुआ के कानून के मुताबिक, अगर यहां कोई व्यक्ति 4 लाख अमेरिकी डॉलर कीमत की प्रॉपर्टी खरीदता लेता है तो उसे वहां की नागरिकता मिल जाती है।

एंटीगुआ के अधिकारियों ने दी जानकारी
मेहुल चोकसी के खिलाफ गैर जमानती वॉरंट जारी है और उसके प्रत्यर्पण की कोशिश लगातार भारत सरकार कर रही है। इस बीच अब खबर आ रही है कि मेहुल चोकसी अमेरिका से एंटीगुआ आइलैंड भाग गया है। सूत्रों के अनुसार इंटरपोल द्वारा जारी नोटिस के बाद एंटीगुआ के अधिकारियों ने इसकी जानकारी दी है। मेहुल चोकसी बीते 8 जुलाई को यहां के वी.सी बर्ड इंटरनेशल एयरपोर्ट पहुंचा है। जिसके एक दिन बाद ही भारतीय एजेंसियों ने अमेरिका से मेहुल चोकसी के प्रत्यर्पण की संभावनाओं पर चर्चा की थी।

कैसे मिलती है एंटिगुआ की नागरिकाता?
एंटिगुआ की नागरिकता हासिल करना बेहद आसान है। बड़ी बात ये है कि पासपोर्ट हासिल करने के लिए वहां मौजूद होना जरूरी नहीं होता है। एंटीगुआ के कानून के मुताबिक, अगर यहां कोई व्यक्ति 4 लाख अमेरिका डॉलर कीमत की प्रॉपर्टी खरीद लेता है तो उसे वहां की नागरिकता मिल जाती है। इसके अलावा अगर कोई कारोबारी यहां 1.5 मिलियन अमेरिकी डॉलर का निवेश करता है तो वह भी एंटीगुआ की नागरिकता पा सकता है।

मेहुल ने की थी मॉब लिंचिंग की आशंका जाहिर
सोमवार को मेहुल चोकसी ने कानून के शिकंजे से बचने के लिए मॉब लिंचिंग की आशंका जाहिर करते हुए स्पेशल कोर्ट से अपने खिलाफ जारी गैर जमानती वॉरंट को रद्द करने की मांग की थी। स्पेशल कोर्ट में दायर याचिका में चौकसी ने भारत वापसी पर अपने पूर्व कर्मचारियों, कर्जदाताओं के अलावा जेल स्टाफ और अन्य कैदियों से जान को खतरा बताया था। उसने याचिका में कहा था कि भारत में मॉब लिंचिंग की घटनाएं बढ़ रही हैं। हाल के समय में आम जनता सड़क पर ही न्याय करने के लिए ऐसी घटनाओं को अंजाम दे रही है।   

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