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बोरवेल में फंसे मासूम के लिए मोदी ने की दुआ- 60 फीट की गहराई तक पहुंचा बचाव दल

बोरवेल में फंसे मासूम के लिए मोदी ने की दुआ- 60 फीट की गहराई तक पहुंचा बचाव दल

हाईलाइट

  • 70 फीट तक की गहराई में 3 दिन से फंसा है 2 साल का मासूम सुजीत
  • बेहोश हुआ सुजीत, सांसें अब भी चल रही हैं, दल ने बचाव कार्य किया तेज
  • NDRF के 25 जवानों के साथ स्थानीय पुलिस और प्रशासन की टीम जुटी

डिजिटल डेस्क, चेन्नई। तमिलनाडु के तिरुचिरापल्ली जिले के एक गांव में 3 दिन से बोरवेल में 70 फीट नीचे फंसे 2 साल के मासूम बच्चे की सलामती की दुआ की है। पीएम मोदी ने मुख्यमंत्री ई. पलानिसामी से बच्चे को बचाने के लिए किए जा रहे प्रयासों की जानकारी भी ली। पीएम ने ट्वीट कर कहा कि मेरी दुआएं हिम्मती सुजीत विल्सन के साथ हैं। सुजीत को बचाने के लिए चल रहे बचाव अभियान के संबंध में मुख्यमंत्री ई. पलानिसामी से मेरी बात हुई है। वह सुरक्षित रहे इसके लिए सभी संभव प्रयास किए जा रहे हैं। 

जानकारी अनुसार अब तक 60 फीट तक गड्ढा खोदा जा चुका है। बोरवेल ड्रिलिंग मशीन द्वारा ड्रिलिंग पूरी हो गई है, आगे की ड्रिलिंग एक रिग मशीन द्वारा की जा रही है।

गौरतलब है कि शनिवार को बोरवेल में ​गिरे बच्चे को बचाने के लिए बड़े स्तर पर रेस्क्यू ऑपरेशन किया जा रहा है। रेस्क्यू ऑपरेशन कर रहे अधिकारियों बताया कि मौके पर एनडीआरएफ के 25 जवानों के साथ स्थानीय पुलिस और प्रशासन की टीम बच्चे को निकालने का प्रयास कर रही है। इसके अलावा बोरवेल में बच्चे की मूवमेंट पर लगातार नजर रखी जा रही है।

अधिकारी पूर्व में उसे रस्सी की मदद से निकालने का प्रयास कर रहे थे, लेकिन बाद जब सफलता नहीं मिली तो बोरवेल के समानांतर एक मीटर चौड़ी सुरंग बनाने का काम शुरू किया गया। अधिकारियों के मुताबिक सुजीत पहले 26 फीट गहरे गड्डे में गिरा था, लेकिन अचानक वह 70 फीट तक की गहराई तक फिसल गया। अधिकारियों ने बताया कि बच्चा बेहोश हो गया है, हालांकि उसकी सांसें अब भी चल रही हैं। दूसरी तरफ बच्चे को बचाने के लिए एनडीआरएफ, एसडीआरएफ, राज्य पुलिस और स्थानीय प्रशासन की कई टीमें काम कर रही हैं।

राहुल गांधी ने भी सुजीत की सलामती की दुआ
सुजीत सलामती के लिए कांग्रेस पूर्व अध्यक्ष नेता राहुल गांधी ने भी उसकी सलामती की दुआ की है। दूसरी ओर प्रदेश सरकार लगातार स्थितियों पर नजर बनाए हुए हैं। सुजीत को रेस्क्यू करने के लिए मौके पर राज्य सरकार के कई बड़े अधिकारी मौजूद हैं। इसके अलावा तमिलनाडु सरकार के मंत्रियों को भी मौके पर भेजा गया है।
 

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छत्तीसगढ़ में नक्सलवाद का खात्मा ठोस रणनीति से संभव - अभय तिवारी

छत्तीसगढ़ में नक्सलवाद का खात्मा ठोस रणनीति से संभव - अभय तिवारी

डिजिटल डेस्क, भोपाल। 21वीं सदी में भारत की राजनीति में तेजी से बदल रही हैं। देश की राजनीति में युवाओं की बढ़ती रूचि और अपनी मौलिक प्रतिभा से कई आमूलचूल परिवर्तन देखने को मिल रहे हैं। बदलते और सशक्त होते भारत के लिए यह राजनीतिक बदलाव बेहद महत्वपूर्ण साबित होगा ऐसी उम्मीद हैं।

अलबत्ता हमारी खबरों की दुनिया लगातार कई चहरों से निरंतर संवाद करती हैं। जो सियासत में तरह तरह से काम करते हैं। उनको सार्वजनिक जीवन में हमेशा कसौटी पर कसने की कोशिश में मीडिया रहती हैं।

आज हम बात करने वाले हैं मध्यप्रदेश युवा कांग्रेस (सोशल मीडिया) प्रभारी व राष्ट्रीय समन्वयक, भारतीय युवा कांग्रेस अभय तिवारी से जो अपने गृह राज्य छत्तीसगढ़ से जुड़े मुद्दों पर बेबाकी से अपनी राय रखते हैं और छत्तीसगढ़ को बेहतर बनाने के प्रयास के लिए लामबंद हैं।

जैसे क्रिकेट की दुनिया में जो खिलाड़ी बॉलिंग फील्डिंग और बल्लेबाजी में बेहतर होता हैं। उसे ऑलराउंडर कहते हैं अभय तिवारी भी युवा तुर्क होने के साथ साथ अपने संगठन व राजनीती  के ऑल राउंडर हैं। अब आप यूं समझिए कि अभय तिवारी देश और प्रदेश के हर उस मुद्दे प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से लगातार अपना योगदान देते हैं। जिससे प्रदेश और देश में सकारात्मक बदलाव और विकास हो सके।

छत्तीसगढ़ में नक्सल समस्या बहुत पुरानी है. लाल आतंक को खत्म करने के लिए लगातार कोशिशें की जा रही है. बावजूद इसके नक्सल समस्या बरकरार है।  यह भी देखने आया की पूर्व की सरकार की कोशिशों से नक्सलवाद नहीं ख़त्म हुआ परन्तु कांग्रेस पार्टी की भूपेश सरकार के कदम का समर्थन करते हुए भारतीय युवा कांग्रेस के राष्ट्रीय कोऑर्डिनेटर अभय तिवारी ने विश्वास जताया है कि कांग्रेस पार्टी की सरकार एक संवेदनशील सरकार है जो लड़ाई में नहीं विश्वास जीतने में भरोसा करती है।  श्री तिवारी ने आगे कहा कि जितने हमारे फोर्स हैं, उसके 10 प्रतिशत से भी कम नक्सली हैं. उनसे लड़ लेना कोई बड़ी बात नहीं है, लेकिन विश्वास जीतना बहुत कठिन है. हम लोगों ने 2 साल में बहुत विश्वास जीता है और मुख्यमंत्री के दावों पर विश्वास जताया है कि नक्सलवाद को यही सरकार खत्म कर सकती है।  

बरहाल अभय तिवारी छत्तीसगढ़ मुख्यमंत्री बघेल के नक्सलवाद के खात्मे और छत्तीसगढ़ के विकास के संबंध में चलाई जा रही योजनाओं को जन-जन तक पहुंचाने के लिए निरंतर काम कर रहे हैं. ज्ञात हो कि छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री ने यह कई बार कहा है कि अगर हथियार छोड़ते हैं नक्सली तो किसी भी मंच पर बातचीत के लिए तैयार है सरकार। वहीं अभय तिवारी  सर्कार के समर्थन में कहा कि नक्सली भारत के संविधान पर विश्वास करें और हथियार छोड़कर संवैधानिक तरीके से बात करें।  कांग्रेस सरकार संवेदनशीलता का परिचय देते हुए हर संभव नक्सलियों को सामाजिक  देने का प्रयास करेगी।  

बीते 6 महीने से ज्यादा लंबे चल रहे किसान आंदोलन में भी प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से अभय तिवारी की खासी महत्वपूर्ण भूमिका हैं। युवा कांग्रेस के बैनर तले वे लगातार किसानों की मदद के लिए लगे हुए हैं। वहीं मौजूदा वक्त में कोरोना की दूसरी लहर के बाद बिगड़ी स्थितियों में मरीजों को ऑक्सीजन और जरूरी दवाऐं निशुल्क उपलब्ध करवाने से लेकर जरूरतमंद लोगों को राशन की व्यवस्था करना। राजनीति से इतर बेहद जरूरी और मानव जीवन की रक्षा के लिए प्रयासरत हैं।

बहरहाल उम्मीद है कि देश जल्दी करोना से मुक्त होगा और छत्तीसगढ़ जैसा राज्य नक्सलवाद को जड़ से उखाड़ देगा। देश के बाकी संपन्न और विकासशील राज्यों की सूची में जल्द शामिल होगा। लेकिन ऐसा तभी संभव होगा जब अभय तिवारी जैसे युवा और विजनरी नेता निरंतर रणनीति के साथ काम करेंगे तो जल्द ही छत्तीसगढ़ भी देश के संपन्न राज्यों की सूची में शामिल होगा।