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Covid19: सर्वदलीय बैठक में पीएम मोदी ने दिए संकेत, देश में बढ़ेगा लॉकडाउन !


हाईलाइट

  • प्रधानमंत्री मोदी की वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए सर्वदलीय बैठक

डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। नोवल कोरोनावायरस (Novel Coronavirus) के चलते देश में लागू लॉकडाउन (Lockdown) के 15वें दिन यानी बुधवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए सर्वदलीय बैठक की। देश में कोरोना के संकट को लेकर पीएम मोदी ने लोकसभा और राज्यसभा में तमाम पार्टी के नेताओं के साथ चर्चा की। सूत्रों के अनुसार, बैठक में पीएम मोदी ने विपक्षी दलों को देश में लॉकडाउन बढ़ाने के संकेत दिए हैं। पीएम ने कहा, वह 11 अप्रैल को फिर से सभी राज्यों के सीएम से बात करेंगे। गौरतलब है कि, 14 अप्रैल को लॉकडाउन खत्म होने वाला है।

कोरोना और लॉकडाउन को लेकर पीएम ने बीजेपी, कांग्रेस, डीएमके, एआईएडीएमके, टीआरएस, सीपीआईएम, टीएमसी, शिवसेना, एनसीपी, अकाली दल, एलजेपी, जेडीयू, एसपी, बीएसपी, वाईएसआर कांग्रेस और बीजेडी के फ्लोर लीडर्स के साथ बातचीत की।

फ्लोर लीडर्स ने पीएम के सामने पांच मांगें रखी
बैठक में फ्लोर लीडर्स ने पीएम के सामने पांच मांगें रखी। इसमें कोरोना टेस्ट को फ्री करने, राज्य एफआरबीएम राजकोषीय सीमा को 3 से 5 फीसदी करने, राज्यों को उनका बकाया देने, राहत पैकेज को जीडीपी के एक फीसदी से बढ़ाकर 5 फीसदी करने और पीपीई समेत सभी मेडिकल इक्विपमेंट को मुहैया कराने की मांग की गई। पीएम के साथ बैठक में कांग्रेस से गुलाम नबी आजाद, टीएमसी से सुदीप बंद्योपाध्याय, शिवसेना से संजय राउत, बीजेडी से पिनाकी मिश्रा, एनसीपी से शरद पवाल, समाजवादी पार्टी से रामगोपाल यादव, अकाली देल से सुखबीर सिंह बादल, बीएसपी से सतीश चंद्र मिश्रा, वाईएसआर कांग्रेस पार्टी से विजय साई रेड्डीऔर मिथुन रेड्डी, जेडीयू से राजीव रंजन सिंह, एलजेपी से चिराग पासवान आदि शामिल हुए। 

गौरतलब है कि, इस बैठक में उन्ही पार्टियों ने हिस्सा लिया जिनके सांसदों की संख्या 5 या उससे ज्‍यादा है। ऐसी स्थिति में बैठक के लिए आम आदमी पार्टी को न्यौता नहीं दिया गया था। संसदीय कार्य मंत्री प्रह्लाद जोशी ने बताया था, प्रधानमंत्री बुधवार को उन दलों के नेताओं से बातचीत करेंगे जिनके लोकसभा और राज्यसभा में पांच या इससे अधिक सदस्य हैं।

तृणमूल कांग्रेस के सांसद बैठक में हिस्सा नहीं लेंगे
वहीं तृणमूल कांग्रेस के सांसद और लोकसभा में पार्टी के नेता सुदीप बंदोपाध्याय ने कहा था, उनकी पार्टी के सांसद सर्वदलीय बैठक में हिस्सा नहीं लेंगे, क्योंकि पार्टी मुखिया ममता बनर्जी से सरकार ने संपर्क नहीं किया। वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग से आठ अप्रैल को होने वाली इस सर्वदलीय बैठक में न बुलाए जाने पर हैदराबाद के सांसद और एआईएमआईएम प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी ने नाराजगी जाहिर की है। उन्होंने अपने एक बयान में इसे हैदराबाद का अपमान करार दिया है।

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दरअसल कोरोना के खिलाफ संयुक्त रणनीति बनाने के उद्देश्य से प्रधानमंत्री मोदी लगातार समाज और राजनीति से जुड़े कई वरिष्ठ हस्तियों से बात कर रहे हैं। इससे पहले प्रधानमंत्री ने देश के पूर्व राष्ट्रपति, पूर्व प्रधानमंत्री और विपक्षी दलों के कई नेताओं से बातचीत की थी । प्रधानमंत्री मोदी ने पूर्व राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी, प्रतिभा पाटिल, पूर्व प्रधानमंत्री डॉ. मनमोहन सिंह और एचडी देवगौड़ा से फोन पर बात की थी। इसके साथ-साथ प्रधानमंत्री मोदी ने सोनिया गांधी सहित विपक्षी दलों के कई नेताओं से भी बात की। वहीं दो अप्रैल को प्रधानमंत्री ने राज्यों के मुख्यमंत्रियों से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिये बात की थी।

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