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मन की बात में बोले पीएम, ई-सिगरेट से रहें दूर, गांधी जयंती पर लें स्वच्छता का संकल्प

मन की बात में बोले पीएम, ई-सिगरेट से रहें दूर, गांधी जयंती पर लें स्वच्छता का संकल्प

हाईलाइट

  • दूसरे कार्यकाल में आज चौथी बार मन की बात कार्यक्रम में पीएम मोदी का संबोधन

डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज (29 सितंबर) रेडियो कार्यक्रम मन की बात के जरिए देशवासियों को संबोधित किया। पीएम मोदी ने देशवासियों से गांधी जयंती पर स्वच्छता का संकल्प लेने, सिंगल यूज प्लास्टिक का इस्तेमाल न करने और ई-सिगरेट, तंबाकू के नशे दूर रहने की अपील की। पीएम मोदी ने 'मन की बात' कार्यक्रम की शुरुआत में मशहूर गायिका लता मंगेशकर का जिक्र किया। पीएम मोदी ने कहा- हम दोनों के बीच भाई बहन का रिश्ता है। पीएम मोदी ने लता मंगेशकर के साथ बातचीत को सभी के साथ शेयर किया और कहा उम्र के इस पड़ाव पर भी लता दीदी काफी ऐक्टिव हैं।

प्रधानमंत्री मोदी ने मन की बात में सुर सम्राज्ञी लता मंगेशकर के साथ खास बातचीत शेयर की। पीएम ने अमेरिका रवाना होने से पहले लता मंगेशकर को फोन कर जन्मदिन की अग्रिम बधाई दी थी। उन्होंने मशहूर गायिका को 90वें जन्मदिन की बधाई देने के अनुभव को शेयर करते हुए कहा, यह बड़ी बहन और छोटे भाई के बीच हुए संवाद जैसा था।

पीएम मोदी ने देशवासियों को नवरात्रि, दशहरा, दीवाली, भाई दूज और छठ पर्व की शुभकामनाएं दी। पीएम मोदी ने कहा, मेरे प्यारे देशवासियों नवरात्रि के साथ ही आज से त्योहारों का माहौल फिर एक बार नयी उमंग, नयी ऊर्जा, नया उत्साह, नए संकल्प से भर जाएगा। इन त्योहारों में परिवार के सब लोग साथ होंगे, घर खुशियों से भरे होंगे लेकिन हमारे आसपास बहुत सारे ऐसे लोग हैं जो इन त्योहारों की खुशियों से वंचित रह जाते हैं। इसी को तो कहते हैं- चिराग तले अंधेरा। इन त्योहारों का असली आनंद तभी है जब यह अंधेरा छठे और उजियाला फैले। हम वहां भी खुशियां बांटे जहां अभाव है। इस त्योहार कई गरीब परिवारों के चेहरे पर मुस्कान लाने का काम करें।

पीएम मोदी ने कहा, हमारी संस्कृति में बेटियों को लक्ष्मी माना गया है क्योंकि बेटियां सौभाग्य और समृद्धि लाती हैं। क्या इस बार हम अपने समाज में, गांवों में, शहरों में बेटियों के सम्मान के कार्यक्रम रख सकते हैं। हमारे बीच ऐसी कई बेटियां होंगी जो अपनी मेहनत और लगन से, टैलंट से परिवार का, समाज का, देश का नाम रोशन कर रही होंगी। क्या इस दिवाली पर भारत की इन लक्ष्मी के सम्मान में हम कार्यक्रम कर सकते हैं?

पीएम मोदी ने तंबाकू का जिक्र करते हुए लोगों से अपील की कि, तंबाकू के नशे से दूर रहें। तंबाकू कई जानलेवा बीमारियों को जन्म देता है। ई-सिगरेट भी स्वास्थ्य के लिए हानिकारक है। हमने हाल ही में ई-सिगरेट पर प्रतिबंध लगाया है। हमें नशे के इस नए तरीके से दूर रहने की जरूरत है।

सिंगल यूज प्लास्टिक का इस्तेमाल न करने की सलाह देते हुए पीएम मोदी ने देशवासियों से आग्रह किया कि इस 2 अक्टूबर को सिंगल यूज प्लास्टिक के खिलाफ देशव्यापी अभियान का हिस्सा बनें। पीएम ने कहा, बापू की 150वीं जन्म जयंती पर स्वच्छता और सिंगल यूज प्लास्टिक से आजादी का संकल्प लें। स्वच्छता अभियान चलाने वाले प्लॉगर युवा रिपुदमन से मन की बात में संवाद करते हुए पीएम मोदी ने उनकी पहल के लिए बधाई दी। साथ ही उनके इस पहल को खेल मंत्रालय द्वारा 2 अक्टूबर को आगे बढ़ाने का आश्वासन भी दिया।

पीएम मोदी ने सरदार पटेल का जिक्र करते हुए कहा कि आने वाले 31 अक्टूबर को हमें देश की एकता के लिए दौड़ लगाना है।

पीएम मोदी ने 'मन की बात' कार्यक्रम में टेनिस खिलाड़ी देनिल मेदवेदेव का जिक्र करते हुए उनकी काफी तारीफ की। पीएम ने कहा, मैच में हार के बाद भी उनका हौसला काबिल-ए-तारीफ है। जीवन में हार-जीत मायने नहीं रखती है। मेदवेदेव के हौसले ने दुनिया का दिल जीता। हमारे यहां शास्त्रों में कहा गया है कि जब किसी व्यक्ति में योग्यता और विनम्रता एक साथ समाहित हो जाए, तो वो फिर किसका दिल नहीं जीत सकता है।

पीएम मोदी ने सिस्टर मरियम थ्रेसिया का जिक्र करते हुए कहा- उन्होंने 50 साल के छोटे से जीवनकाल में मानवता की भलाई के लिए जो कार्य किया वह पूरी दुनिया के लिए मिसाल है। पोप फ्रांसिस आने वाले 13 अक्टूबर को मरियम थ्रेसिया को संत घोषित करेंगे। ईसाई भाई-बहनों को बहुत-बहुत बधाई।

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छत्तीसगढ़ में नक्सलवाद का खात्मा ठोस रणनीति से संभव - अभय तिवारी

छत्तीसगढ़ में नक्सलवाद का खात्मा ठोस रणनीति से संभव - अभय तिवारी

डिजिटल डेस्क, भोपाल। 21वीं सदी में भारत की राजनीति में तेजी से बदल रही हैं। देश की राजनीति में युवाओं की बढ़ती रूचि और अपनी मौलिक प्रतिभा से कई आमूलचूल परिवर्तन देखने को मिल रहे हैं। बदलते और सशक्त होते भारत के लिए यह राजनीतिक बदलाव बेहद महत्वपूर्ण साबित होगा ऐसी उम्मीद हैं।

अलबत्ता हमारी खबरों की दुनिया लगातार कई चहरों से निरंतर संवाद करती हैं। जो सियासत में तरह तरह से काम करते हैं। उनको सार्वजनिक जीवन में हमेशा कसौटी पर कसने की कोशिश में मीडिया रहती हैं।

आज हम बात करने वाले हैं मध्यप्रदेश युवा कांग्रेस (सोशल मीडिया) प्रभारी व राष्ट्रीय समन्वयक, भारतीय युवा कांग्रेस अभय तिवारी से जो अपने गृह राज्य छत्तीसगढ़ से जुड़े मुद्दों पर बेबाकी से अपनी राय रखते हैं और छत्तीसगढ़ को बेहतर बनाने के प्रयास के लिए लामबंद हैं।

जैसे क्रिकेट की दुनिया में जो खिलाड़ी बॉलिंग फील्डिंग और बल्लेबाजी में बेहतर होता हैं। उसे ऑलराउंडर कहते हैं अभय तिवारी भी युवा तुर्क होने के साथ साथ अपने संगठन व राजनीती  के ऑल राउंडर हैं। अब आप यूं समझिए कि अभय तिवारी देश और प्रदेश के हर उस मुद्दे प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से लगातार अपना योगदान देते हैं। जिससे प्रदेश और देश में सकारात्मक बदलाव और विकास हो सके।

छत्तीसगढ़ में नक्सल समस्या बहुत पुरानी है. लाल आतंक को खत्म करने के लिए लगातार कोशिशें की जा रही है. बावजूद इसके नक्सल समस्या बरकरार है।  यह भी देखने आया की पूर्व की सरकार की कोशिशों से नक्सलवाद नहीं ख़त्म हुआ परन्तु कांग्रेस पार्टी की भूपेश सरकार के कदम का समर्थन करते हुए भारतीय युवा कांग्रेस के राष्ट्रीय कोऑर्डिनेटर अभय तिवारी ने विश्वास जताया है कि कांग्रेस पार्टी की सरकार एक संवेदनशील सरकार है जो लड़ाई में नहीं विश्वास जीतने में भरोसा करती है।  श्री तिवारी ने आगे कहा कि जितने हमारे फोर्स हैं, उसके 10 प्रतिशत से भी कम नक्सली हैं. उनसे लड़ लेना कोई बड़ी बात नहीं है, लेकिन विश्वास जीतना बहुत कठिन है. हम लोगों ने 2 साल में बहुत विश्वास जीता है और मुख्यमंत्री के दावों पर विश्वास जताया है कि नक्सलवाद को यही सरकार खत्म कर सकती है।  

बरहाल अभय तिवारी छत्तीसगढ़ मुख्यमंत्री बघेल के नक्सलवाद के खात्मे और छत्तीसगढ़ के विकास के संबंध में चलाई जा रही योजनाओं को जन-जन तक पहुंचाने के लिए निरंतर काम कर रहे हैं. ज्ञात हो कि छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री ने यह कई बार कहा है कि अगर हथियार छोड़ते हैं नक्सली तो किसी भी मंच पर बातचीत के लिए तैयार है सरकार। वहीं अभय तिवारी  सर्कार के समर्थन में कहा कि नक्सली भारत के संविधान पर विश्वास करें और हथियार छोड़कर संवैधानिक तरीके से बात करें।  कांग्रेस सरकार संवेदनशीलता का परिचय देते हुए हर संभव नक्सलियों को सामाजिक  देने का प्रयास करेगी।  

बीते 6 महीने से ज्यादा लंबे चल रहे किसान आंदोलन में भी प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से अभय तिवारी की खासी महत्वपूर्ण भूमिका हैं। युवा कांग्रेस के बैनर तले वे लगातार किसानों की मदद के लिए लगे हुए हैं। वहीं मौजूदा वक्त में कोरोना की दूसरी लहर के बाद बिगड़ी स्थितियों में मरीजों को ऑक्सीजन और जरूरी दवाऐं निशुल्क उपलब्ध करवाने से लेकर जरूरतमंद लोगों को राशन की व्यवस्था करना। राजनीति से इतर बेहद जरूरी और मानव जीवन की रक्षा के लिए प्रयासरत हैं।

बहरहाल उम्मीद है कि देश जल्दी करोना से मुक्त होगा और छत्तीसगढ़ जैसा राज्य नक्सलवाद को जड़ से उखाड़ देगा। देश के बाकी संपन्न और विकासशील राज्यों की सूची में जल्द शामिल होगा। लेकिन ऐसा तभी संभव होगा जब अभय तिवारी जैसे युवा और विजनरी नेता निरंतर रणनीति के साथ काम करेंगे तो जल्द ही छत्तीसगढ़ भी देश के संपन्न राज्यों की सूची में शामिल होगा।