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गुलाम नबी ने ऑपरेशन ऑल आउट को बताया जनसंहार, बीजेपी बोली- आतंकियों की भाषा बोल रहे कांग्रेसी

June 22nd, 2018 23:20 IST
गुलाम नबी ने ऑपरेशन ऑल आउट को बताया जनसंहार, बीजेपी बोली- आतंकियों की भाषा बोल रहे कांग्रेसी

हाईलाइट

  • कांग्रेस से राज्यसभा सांसद ने दिया विवादित बयान
  • जम्मू-कश्मीर में सेना पर लगाया जनसंहार करने का आरोप
  • कानून मंत्री रविशंकर प्रसाद बोले: ये कांग्रेस की विकृत मानसकिता

डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। कांग्रेस पार्टी अपने नेताओं के बयान पर फंसती नजर आ रही है। पहले सैफुद्दीन सोज और अब गुलाम नबी आजाद का बयान कांग्रेस के लिए मुश्किलें खड़ी करने वाला है। कश्मीर को लेकर गुलाम नबी आजाद ने सेना को निशाना बनाया है उन्होंने अपने बयान में कहा है कि कश्मीर में सेना आम नागरिकों का मार रही है। सेना का ऑपरेशन ऑल आउट नहीं जनसंहार है, इसमें आतंकी कम नागरिक ज्यादा मारे जा रहे हैं। आजाद के इस बयान के बाद आतंकी संगठन लश्कर-ए-तैयबा ने प्रेस रिलीज जारी कर उनके इस बयान का समर्थन किया है। 

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सैफुदीन सोज और राज्यसभा सांसद गुलाम नबी आजाद के बयान पर बीजेपी ने जमकर हमला बोला है। केन्द्रीय कानून मंत्री रविशंकर प्रसाद ने प्रेस कांफ्रेंस करते हुए कहा है कि कांग्रेसी नेताओं की भाषा आतंकियों की भाषा है। हैरानी होती है कि कांग्रेस में कैसे लोगों को जगह दी जा रही है। राहुल और सोनिया गांधी आजाद के बयान पर जवाब दें, क्यों उन्होंने सेना के खिलाफ इस तरह का बयान दिया है। वोट के लिए राहुल गांधी किसी भी हद तक जा सकते हैं। उन्होंने आतंकियों को धमकाते हुए कहा है कि कोई आतंकी संगठन गुलाम नबी के बयान पर ज्यादा खुश न हो, भारतीय सेना इसी तरह जवाब देती रहेगी। 

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लश्कर ने भारत पर लगाया आरोप
लश्कर तैयबा ने प्रेस रिलीज जारी कर भारत पर आरोप लगाया है कि भारत में पिछले सात दशक से जम्मू-कश्मीर में लोगों के साथ गलत व्यवहार किया जा रहा है। ईद और जुमे की नमाज भी नहीं करने दी जा रही है। सेना द्वारा कश्मीरियों की सोच को दबाया जा रहा है। रमजान के मौके पर लागू किए गए सीजफायर को लश्कर ने पूरी तरह से ड्रामा बताया है। लश्कर के इस प्रेस रिलीज पर बीजेपी के राष्ट्रीय प्रवक्ता संबित पात्रा ने कहा कि आतंकी संगठन का गुलाम नबी आजाद के बयान का समर्थन बेहद शर्मनाक है। 


बता दें, कि राज्यसभा सांसद गुलाम नबी आजाद ने एक निजी चैनल को दिए इंटरव्यू में कहा है कि केन्द्र सरकार की दमनकारी नीति का सबसे ज्यादा नुकसान कश्मीर की जनता को भुगतना पड़ा रहा है। एक आतंकी को मारने के लिए 13 नागरिकों को मार दिया जाता है। उन्होंने ऑपरेशन ऑल आउट को जनसंहार बताया है। जम्मू-कश्मीर के मुद्दे पर कांग्रेस नेता सैफुद्दीन सोज ने भी विवादित बयान दिया है। उन्होंने पाकिस्तान के पूर्व राष्ट्रपति परवेज मुशर्रफ के उस बयान का समर्थन किया है जिसमें उन्होंने कहा था कि कश्मीरी आजादी चाहते हैं।

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छत्तीसगढ़ में नक्सलवाद का खात्मा ठोस रणनीति से संभव - अभय तिवारी

छत्तीसगढ़ में नक्सलवाद का खात्मा ठोस रणनीति से संभव - अभय तिवारी

डिजिटल डेस्क, भोपाल। 21वीं सदी में भारत की राजनीति में तेजी से बदल रही हैं। देश की राजनीति में युवाओं की बढ़ती रूचि और अपनी मौलिक प्रतिभा से कई आमूलचूल परिवर्तन देखने को मिल रहे हैं। बदलते और सशक्त होते भारत के लिए यह राजनीतिक बदलाव बेहद महत्वपूर्ण साबित होगा ऐसी उम्मीद हैं।

अलबत्ता हमारी खबरों की दुनिया लगातार कई चहरों से निरंतर संवाद करती हैं। जो सियासत में तरह तरह से काम करते हैं। उनको सार्वजनिक जीवन में हमेशा कसौटी पर कसने की कोशिश में मीडिया रहती हैं।

आज हम बात करने वाले हैं मध्यप्रदेश युवा कांग्रेस (सोशल मीडिया) प्रभारी व राष्ट्रीय समन्वयक, भारतीय युवा कांग्रेस अभय तिवारी से जो अपने गृह राज्य छत्तीसगढ़ से जुड़े मुद्दों पर बेबाकी से अपनी राय रखते हैं और छत्तीसगढ़ को बेहतर बनाने के प्रयास के लिए लामबंद हैं।

जैसे क्रिकेट की दुनिया में जो खिलाड़ी बॉलिंग फील्डिंग और बल्लेबाजी में बेहतर होता हैं। उसे ऑलराउंडर कहते हैं अभय तिवारी भी युवा तुर्क होने के साथ साथ अपने संगठन व राजनीती  के ऑल राउंडर हैं। अब आप यूं समझिए कि अभय तिवारी देश और प्रदेश के हर उस मुद्दे प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से लगातार अपना योगदान देते हैं। जिससे प्रदेश और देश में सकारात्मक बदलाव और विकास हो सके।

छत्तीसगढ़ में नक्सल समस्या बहुत पुरानी है. लाल आतंक को खत्म करने के लिए लगातार कोशिशें की जा रही है. बावजूद इसके नक्सल समस्या बरकरार है।  यह भी देखने आया की पूर्व की सरकार की कोशिशों से नक्सलवाद नहीं ख़त्म हुआ परन्तु कांग्रेस पार्टी की भूपेश सरकार के कदम का समर्थन करते हुए भारतीय युवा कांग्रेस के राष्ट्रीय कोऑर्डिनेटर अभय तिवारी ने विश्वास जताया है कि कांग्रेस पार्टी की सरकार एक संवेदनशील सरकार है जो लड़ाई में नहीं विश्वास जीतने में भरोसा करती है।  श्री तिवारी ने आगे कहा कि जितने हमारे फोर्स हैं, उसके 10 प्रतिशत से भी कम नक्सली हैं. उनसे लड़ लेना कोई बड़ी बात नहीं है, लेकिन विश्वास जीतना बहुत कठिन है. हम लोगों ने 2 साल में बहुत विश्वास जीता है और मुख्यमंत्री के दावों पर विश्वास जताया है कि नक्सलवाद को यही सरकार खत्म कर सकती है।  

बरहाल अभय तिवारी छत्तीसगढ़ मुख्यमंत्री बघेल के नक्सलवाद के खात्मे और छत्तीसगढ़ के विकास के संबंध में चलाई जा रही योजनाओं को जन-जन तक पहुंचाने के लिए निरंतर काम कर रहे हैं. ज्ञात हो कि छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री ने यह कई बार कहा है कि अगर हथियार छोड़ते हैं नक्सली तो किसी भी मंच पर बातचीत के लिए तैयार है सरकार। वहीं अभय तिवारी  सर्कार के समर्थन में कहा कि नक्सली भारत के संविधान पर विश्वास करें और हथियार छोड़कर संवैधानिक तरीके से बात करें।  कांग्रेस सरकार संवेदनशीलता का परिचय देते हुए हर संभव नक्सलियों को सामाजिक  देने का प्रयास करेगी।  

बीते 6 महीने से ज्यादा लंबे चल रहे किसान आंदोलन में भी प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से अभय तिवारी की खासी महत्वपूर्ण भूमिका हैं। युवा कांग्रेस के बैनर तले वे लगातार किसानों की मदद के लिए लगे हुए हैं। वहीं मौजूदा वक्त में कोरोना की दूसरी लहर के बाद बिगड़ी स्थितियों में मरीजों को ऑक्सीजन और जरूरी दवाऐं निशुल्क उपलब्ध करवाने से लेकर जरूरतमंद लोगों को राशन की व्यवस्था करना। राजनीति से इतर बेहद जरूरी और मानव जीवन की रक्षा के लिए प्रयासरत हैं।

बहरहाल उम्मीद है कि देश जल्दी करोना से मुक्त होगा और छत्तीसगढ़ जैसा राज्य नक्सलवाद को जड़ से उखाड़ देगा। देश के बाकी संपन्न और विकासशील राज्यों की सूची में जल्द शामिल होगा। लेकिन ऐसा तभी संभव होगा जब अभय तिवारी जैसे युवा और विजनरी नेता निरंतर रणनीति के साथ काम करेंगे तो जल्द ही छत्तीसगढ़ भी देश के संपन्न राज्यों की सूची में शामिल होगा।