comScore

© Copyright 2019-20 : Bhaskarhindi.com. All Rights Reserved.

गुलाम नबी ने ऑपरेशन ऑल आउट को बताया जनसंहार, बीजेपी बोली- आतंकियों की भाषा बोल रहे कांग्रेसी

June 22nd, 2018 23:20 IST

हाईलाइट

  • कांग्रेस से राज्यसभा सांसद ने दिया विवादित बयान
  • जम्मू-कश्मीर में सेना पर लगाया जनसंहार करने का आरोप
  • कानून मंत्री रविशंकर प्रसाद बोले: ये कांग्रेस की विकृत मानसकिता

डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। कांग्रेस पार्टी अपने नेताओं के बयान पर फंसती नजर आ रही है। पहले सैफुद्दीन सोज और अब गुलाम नबी आजाद का बयान कांग्रेस के लिए मुश्किलें खड़ी करने वाला है। कश्मीर को लेकर गुलाम नबी आजाद ने सेना को निशाना बनाया है उन्होंने अपने बयान में कहा है कि कश्मीर में सेना आम नागरिकों का मार रही है। सेना का ऑपरेशन ऑल आउट नहीं जनसंहार है, इसमें आतंकी कम नागरिक ज्यादा मारे जा रहे हैं। आजाद के इस बयान के बाद आतंकी संगठन लश्कर-ए-तैयबा ने प्रेस रिलीज जारी कर उनके इस बयान का समर्थन किया है। 

Image result for ghulam nabi azad

सैफुदीन सोज और राज्यसभा सांसद गुलाम नबी आजाद के बयान पर बीजेपी ने जमकर हमला बोला है। केन्द्रीय कानून मंत्री रविशंकर प्रसाद ने प्रेस कांफ्रेंस करते हुए कहा है कि कांग्रेसी नेताओं की भाषा आतंकियों की भाषा है। हैरानी होती है कि कांग्रेस में कैसे लोगों को जगह दी जा रही है। राहुल और सोनिया गांधी आजाद के बयान पर जवाब दें, क्यों उन्होंने सेना के खिलाफ इस तरह का बयान दिया है। वोट के लिए राहुल गांधी किसी भी हद तक जा सकते हैं। उन्होंने आतंकियों को धमकाते हुए कहा है कि कोई आतंकी संगठन गुलाम नबी के बयान पर ज्यादा खुश न हो, भारतीय सेना इसी तरह जवाब देती रहेगी। 

Image result for saifuddin soz


लश्कर ने भारत पर लगाया आरोप
लश्कर तैयबा ने प्रेस रिलीज जारी कर भारत पर आरोप लगाया है कि भारत में पिछले सात दशक से जम्मू-कश्मीर में लोगों के साथ गलत व्यवहार किया जा रहा है। ईद और जुमे की नमाज भी नहीं करने दी जा रही है। सेना द्वारा कश्मीरियों की सोच को दबाया जा रहा है। रमजान के मौके पर लागू किए गए सीजफायर को लश्कर ने पूरी तरह से ड्रामा बताया है। लश्कर के इस प्रेस रिलीज पर बीजेपी के राष्ट्रीय प्रवक्ता संबित पात्रा ने कहा कि आतंकी संगठन का गुलाम नबी आजाद के बयान का समर्थन बेहद शर्मनाक है। 


बता दें, कि राज्यसभा सांसद गुलाम नबी आजाद ने एक निजी चैनल को दिए इंटरव्यू में कहा है कि केन्द्र सरकार की दमनकारी नीति का सबसे ज्यादा नुकसान कश्मीर की जनता को भुगतना पड़ा रहा है। एक आतंकी को मारने के लिए 13 नागरिकों को मार दिया जाता है। उन्होंने ऑपरेशन ऑल आउट को जनसंहार बताया है। जम्मू-कश्मीर के मुद्दे पर कांग्रेस नेता सैफुद्दीन सोज ने भी विवादित बयान दिया है। उन्होंने पाकिस्तान के पूर्व राष्ट्रपति परवेज मुशर्रफ के उस बयान का समर्थन किया है जिसमें उन्होंने कहा था कि कश्मीरी आजादी चाहते हैं।

Image result for army and ghulam nabi azad


 

कमेंट करें
zxhaN
NEXT STORY

Real Estate: खरीदना चाहते हैं अपने सपनों का घर तो रखे इन बातों का ध्यान, भास्कर प्रॉपर्टी करेगा मदद

Real Estate: खरीदना चाहते हैं अपने सपनों का घर तो रखे इन बातों का ध्यान, भास्कर प्रॉपर्टी करेगा मदद

डिजिटल डेस्क, जबलपुर। किसी के लिए भी प्रॉपर्टी खरीदना जीवन के महत्वपूर्ण कामों में से एक होता है। आप सारी जमा पूंजी और कर्ज लेकर अपने सपनों के घर को खरीदते हैं। इसलिए यह जरूरी है कि इसमें इतनी ही सावधानी बरती जाय जिससे कि आपकी मेहनत की कमाई को कोई चट ना कर सके। प्रॉपर्टी की कोई भी डील करने से पहले पूरा रिसर्च वर्क होना चाहिए। हर कागजात को सावधानी से चेक करने के बाद ही डील पर आगे बढ़ना चाहिए। हालांकि कई बार हमें मालूम नहीं होता कि सही और सटीक जानकारी कहा से मिलेगी। इसमें bhaskarproperty.com आपकी मदद कर सकता  है। 

जानिए भास्कर प्रॉपर्टी के बारे में:
भास्कर प्रॉपर्टी ऑनलाइन रियल एस्टेट स्पेस में तेजी से आगे बढ़ने वाली कंपनी हैं, जो आपके सपनों के घर की तलाश को आसान बनाती है। एक बेहतर अनुभव देने और आपको फर्जी लिस्टिंग और अंतहीन साइट विजिट से मुक्त कराने के मकसद से ही इस प्लेटफॉर्म को डेवलप किया गया है। हमारी बेहतरीन टीम की रिसर्च और मेहनत से हमने कई सारे प्रॉपर्टी से जुड़े रिकॉर्ड को इकट्ठा किया है। आपकी सुविधाओं को ध्यान में रखकर बनाए गए इस प्लेटफॉर्म से आपके समय की भी बचत होगी। यहां आपको सभी रेंज की प्रॉपर्टी लिस्टिंग मिलेगी, खास तौर पर जबलपुर की प्रॉपर्टीज से जुड़ी लिस्टिंग्स। ऐसे में अगर आप जबलपुर में प्रॉपर्टी खरीदने का प्लान बना रहे हैं और सही और सटीक जानकारी चाहते हैं तो भास्कर प्रॉपर्टी की वेबसाइट पर विजिट कर सकते हैं।

ध्यान रखें की प्रॉपर्टी RERA अप्रूव्ड हो 
कोई भी प्रॉपर्टी खरीदने से पहले इस बात का ध्यान रखे कि वो भारतीय रियल एस्टेट इंडस्ट्री के रेगुलेटर RERA से अप्रूव्ड हो। रियल एस्टेट रेगुलेशन एंड डेवेलपमेंट एक्ट, 2016 (RERA) को भारतीय संसद ने पास किया था। RERA का मकसद प्रॉपर्टी खरीदारों के हितों की रक्षा करना और रियल एस्टेट सेक्टर में निवेश को बढ़ावा देना है। राज्य सभा ने RERA को 10 मार्च और लोकसभा ने 15 मार्च, 2016 को किया था। 1 मई, 2016 को यह लागू हो गया। 92 में से 59 सेक्शंस 1 मई, 2016 और बाकी 1 मई, 2017 को अस्तित्व में आए। 6 महीने के भीतर केंद्र व राज्य सरकारों को अपने नियमों को केंद्रीय कानून के तहत नोटिफाई करना था।