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फर्जी वोटर मामला : ज्योतिरादित्य सिंधिया ने उठाए EC की जांच पर सवाल

June 12th, 2018 11:16 IST
फर्जी वोटर मामला : ज्योतिरादित्य सिंधिया ने उठाए EC की जांच पर सवाल

हाईलाइट

  • ज्योतिरादित्य सिंधिया ने उठाए जांच पर सवाल।
  • जांच पर सिंधिया ने जाताया आश्चर्य। कहा दोबारा हो जांच।
  • सिंधिया के अनुसार यह प्रदेश प्रशासन की मानसिकता को दर्शाता है।

डिजिटल डेस्क, भोपाल। मध्य प्रदेश में 60 लाख कथित फर्जी वोटर कार्ड जारी करने के मामले ने नया मोड़ ले लिया है। कांग्रेस सांसद ज्योतिरादित्य सिंधिया ने सोमवार को चुनाव आयोग द्वारा की गयी मामले की जांच पड़ताल पर सवाल उठाते हुए, आयोग से दोबारा जांच कराने का आग्रह किया है।

सिंधिया ने जताया आश्चर्य
कांग्रेस के गुना क्षेत्र से सांसद ज्योतिरादित्य सिंधिया ने चुनाव आयोग पर की जांच पर सवाल उठा दिए और आयोग से दोबारा निष्पक्ष जांच कराए जाने का अनुरोध किया है। सिंधिया ने कहा कि उन्हें हैरत है कि कैसे चुनाव आयोग की टीम ने भोपाल पहुंचकर इतने गंभीर मामले की जांच को दो दिनों में खत्म कर दिया। इससे पहले भी सिंधिया ने प्रेस कांफ्रेंस में कमलनाथ के साथ मिलकर भाजपा पर आरोप लगाते हुए कहा था की यह प्रदेश प्रशासन कि मानसिकता को दर्शाता है।

चुनाव आयोग ने जांच के बाद कांग्रेस के भाजपा पर लगाए सभी आरोपों को नकार दिया है। कांग्रेस के आरोपों का जवाब देते हुए चुनाव आयोग ने कहा था कि जांच में हमें कुछ भी असामान्य नहीं मिला है।

क्या थे आरोप
बीते फरवरी माह में कांग्रेस के तीन बड़े नेताओं कमलनाथ, ज्योतिरादित्य सिंधिया और दिग्विजय सिंह ने दिल्ली स्थित पार्टी दफ्तर में एक प्रेस कांफ्रेंस बुलाई। कांफ्रेंस में कांग्रेस के इन नेताओं ने भारतीय जानता पार्टी के प्रशासनिक अधिकारियों पर 60 लाख फर्जी वोटर कार्ड जारी कर आने वाले चुनाव को प्रभावित करने आरोप लगाए थे।

अपने आरोप में कांग्रेस ने कहा था कि मध्यप्रदेश में अधिकारियों ने भाजपा के पक्ष में मतदान करने की दृष्टि से 60 लाख फर्जी वोटर बना दिए हैं। पार्टी ने इस आरोप पर चुनाव आयोग से मतदाताओं की सूची की जांच कराने का अनुरोध किया। साथ ही कांग्रेस ने आयोग से उक्त अधिकारियों के खिलाफ भी जांच की मांग की जो इस सूची फर्जीवाड़े में लिप्त हैं।

कमलनाथ के अनुसार बीते सालों में मध्यप्रदेश की जनसंख्या में 24 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई है, लेकिन वोटर लिस्ट के हिसाब से देखें तो 40 फीसदी जनसंख्या बढ़ गई है। इस हिसाब से प्रदेश में करीब 60 लाख फर्जी वोटर हैं।

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छत्तीसगढ़ में नक्सलवाद का खात्मा ठोस रणनीति से संभव - अभय तिवारी

छत्तीसगढ़ में नक्सलवाद का खात्मा ठोस रणनीति से संभव - अभय तिवारी

डिजिटल डेस्क, भोपाल। 21वीं सदी में भारत की राजनीति में तेजी से बदल रही हैं। देश की राजनीति में युवाओं की बढ़ती रूचि और अपनी मौलिक प्रतिभा से कई आमूलचूल परिवर्तन देखने को मिल रहे हैं। बदलते और सशक्त होते भारत के लिए यह राजनीतिक बदलाव बेहद महत्वपूर्ण साबित होगा ऐसी उम्मीद हैं।

अलबत्ता हमारी खबरों की दुनिया लगातार कई चहरों से निरंतर संवाद करती हैं। जो सियासत में तरह तरह से काम करते हैं। उनको सार्वजनिक जीवन में हमेशा कसौटी पर कसने की कोशिश में मीडिया रहती हैं।

आज हम बात करने वाले हैं मध्यप्रदेश युवा कांग्रेस (सोशल मीडिया) प्रभारी व राष्ट्रीय समन्वयक, भारतीय युवा कांग्रेस अभय तिवारी से जो अपने गृह राज्य छत्तीसगढ़ से जुड़े मुद्दों पर बेबाकी से अपनी राय रखते हैं और छत्तीसगढ़ को बेहतर बनाने के प्रयास के लिए लामबंद हैं।

जैसे क्रिकेट की दुनिया में जो खिलाड़ी बॉलिंग फील्डिंग और बल्लेबाजी में बेहतर होता हैं। उसे ऑलराउंडर कहते हैं अभय तिवारी भी युवा तुर्क होने के साथ साथ अपने संगठन व राजनीती  के ऑल राउंडर हैं। अब आप यूं समझिए कि अभय तिवारी देश और प्रदेश के हर उस मुद्दे प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से लगातार अपना योगदान देते हैं। जिससे प्रदेश और देश में सकारात्मक बदलाव और विकास हो सके।

छत्तीसगढ़ में नक्सल समस्या बहुत पुरानी है. लाल आतंक को खत्म करने के लिए लगातार कोशिशें की जा रही है. बावजूद इसके नक्सल समस्या बरकरार है।  यह भी देखने आया की पूर्व की सरकार की कोशिशों से नक्सलवाद नहीं ख़त्म हुआ परन्तु कांग्रेस पार्टी की भूपेश सरकार के कदम का समर्थन करते हुए भारतीय युवा कांग्रेस के राष्ट्रीय कोऑर्डिनेटर अभय तिवारी ने विश्वास जताया है कि कांग्रेस पार्टी की सरकार एक संवेदनशील सरकार है जो लड़ाई में नहीं विश्वास जीतने में भरोसा करती है।  श्री तिवारी ने आगे कहा कि जितने हमारे फोर्स हैं, उसके 10 प्रतिशत से भी कम नक्सली हैं. उनसे लड़ लेना कोई बड़ी बात नहीं है, लेकिन विश्वास जीतना बहुत कठिन है. हम लोगों ने 2 साल में बहुत विश्वास जीता है और मुख्यमंत्री के दावों पर विश्वास जताया है कि नक्सलवाद को यही सरकार खत्म कर सकती है।  

बरहाल अभय तिवारी छत्तीसगढ़ मुख्यमंत्री बघेल के नक्सलवाद के खात्मे और छत्तीसगढ़ के विकास के संबंध में चलाई जा रही योजनाओं को जन-जन तक पहुंचाने के लिए निरंतर काम कर रहे हैं. ज्ञात हो कि छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री ने यह कई बार कहा है कि अगर हथियार छोड़ते हैं नक्सली तो किसी भी मंच पर बातचीत के लिए तैयार है सरकार। वहीं अभय तिवारी  सर्कार के समर्थन में कहा कि नक्सली भारत के संविधान पर विश्वास करें और हथियार छोड़कर संवैधानिक तरीके से बात करें।  कांग्रेस सरकार संवेदनशीलता का परिचय देते हुए हर संभव नक्सलियों को सामाजिक  देने का प्रयास करेगी।  

बीते 6 महीने से ज्यादा लंबे चल रहे किसान आंदोलन में भी प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से अभय तिवारी की खासी महत्वपूर्ण भूमिका हैं। युवा कांग्रेस के बैनर तले वे लगातार किसानों की मदद के लिए लगे हुए हैं। वहीं मौजूदा वक्त में कोरोना की दूसरी लहर के बाद बिगड़ी स्थितियों में मरीजों को ऑक्सीजन और जरूरी दवाऐं निशुल्क उपलब्ध करवाने से लेकर जरूरतमंद लोगों को राशन की व्यवस्था करना। राजनीति से इतर बेहद जरूरी और मानव जीवन की रक्षा के लिए प्रयासरत हैं।

बहरहाल उम्मीद है कि देश जल्दी करोना से मुक्त होगा और छत्तीसगढ़ जैसा राज्य नक्सलवाद को जड़ से उखाड़ देगा। देश के बाकी संपन्न और विकासशील राज्यों की सूची में जल्द शामिल होगा। लेकिन ऐसा तभी संभव होगा जब अभय तिवारी जैसे युवा और विजनरी नेता निरंतर रणनीति के साथ काम करेंगे तो जल्द ही छत्तीसगढ़ भी देश के संपन्न राज्यों की सूची में शामिल होगा।