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सैमसंग प्लांट का उद्घाटन: मोदी बोले- भारत को मैन्युफैक्चरिंग हब बनाने की ओर पहला कदम

September 25th, 2018 14:29 IST
सैमसंग प्लांट का उद्घाटन: मोदी बोले- भारत को मैन्युफैक्चरिंग हब बनाने की ओर पहला कदम

हाईलाइट

  • साउथ कोरिया के राष्ट्रपति मून जे-इन चार दिवसीय आधिकारिक दौरे पर रविवार शाम दिल्ली पहुंचे।
  • प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और मून ने नोएडा में 35 एकड़ में फैले मोबाइल कंपनी सैंमसंग के नए प्लांट का उद्घाटन किया।
  • कंपनी का दावा है कि यह दुनिया का सबसे बड़ा मोबाइल मैन्युफैक्चरिंग प्लांट है।

डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। साउथ कोरिया के राष्ट्रपति मून जे-इन चार दिवसीय आधिकारिक दौरे पर रविवार शाम दिल्ली पहुंचे। यह उनका पहला भारत दौरा है। सोमवार को प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और मून ने नोएडा में 35 एकड़ में फैले मोबाइल कंपनी सैंमसंग के नए प्लांट का उद्घाटन किया। पीएम ने कहा कि ये फैक्ट्री भारत को मैन्युफैक्चरिंग हब बनाने की ओर पहला कदम है। कंपनी का दावा है कि यह दुनिया का सबसे बड़ा मोबाइल मैन्युफैक्चरिंग प्लांट है।

क्या कहा पीएम मोदी ने?

  •  इस यूनिट में हर महीने करीब 1 करोड़ मोबाइल फोन बनेंगे, जिसका 30 फीसदी एक्सपोर्ट किया जाएगा।
  • बीते चार वर्षों में फैक्ट्रियों की संख्या 2 से बढ़कर 120 हो गई हैं जिसमें से 50 से अधिक तो यहां नोएडा में ही हैं। इससे 4 लाख से अधिक नौजवानों को सीधा रोजगार मिला है।
  • मुझे प्रसन्नता है कि इस Initiative को आज दुनियाभर से सहयोग मिल रहा है। मोबाइल फोन मैन्युफैक्चरिंग की अगर बात करें तो आज भारत दुनिया में दूसरे नंबर पर पहुंच गया है।
  • भारत की बढ़ती हुई अर्थव्यवस्था और बढ़ता हुआ Neo Middle Class निवेश की असीम संभावनाओं से भरा हुआ है।
  • 'Make in India' के प्रति हमारा आग्रह सिर्फ एक Economic Policy का हिस्सा भर नहीं है, बल्कि ये कोरिया जैसे हमारे मित्र देशों के साथ रिश्तों का संकल्प भी है।
  • देशभर में फैले लगभग 3 लाख कॉमन सर्विस सेंटर गांव वालों की सेवा में काम कर रहे हैं। तो शहरों में फ्री Wi Fi Hotspot गरीब, मध्यम वर्गीय युवाओं की आकांक्षाओं को नई उड़ान दे रहे हैं।
  • बिजली – पानी का बिल भरना हो, स्कूल-कॉलेज में एडमिशन हो, PF हो या पेंशन, लगभग हर सुविधा ऑनलाइन मिल रही है।
  • GeM यानि Government e Market के जरिए सरकार अब सीधे Producers से सामान की खरीदारी कर रही है। इससे Medium और Small Entrepreneurs को भी लाभ हुआ है तो सरकारी खरीदारी में Transparency भी बढ़ी है।
  • सस्ते मोबाइल फोन, तेज़ इंटरनेट, सस्ते डेटा के चलते आज Fast और Transparent Service Delivery सुनिश्चित हुई है।
  • बहुत कम दर पर इंटरनेट डेटा उपलब्ध है, देश की एक लाख से अधिक ग्राम पंचायतों तक फाइबर नेटवर्क पहुंच चुका है। ये सारी बातें, देश में हो रही डिजिटल क्रांति का संकेत हैं।
  • आज Digital Technology सामान्य नागरिक के जीवन को सरल बनाने में अहम भूमिका निभा रही है। आज भारत में लगभग 40 करोड़ स्मार्टफोन उपयोग में है, 32 करोड़ लोग ब्रॉडबैंड इस्तेमाल कर रहे हैं।
  • निश्चित तौर पर भारतीय लोगों के जीवन में Samsung ने अपना विशेष स्थान बनाया है। खासतौर पर आपके फोन, तेज़ी से बढ़ रहे Smart Phone Market में आज World Leader की तरह हैं।
  • जब भी बिजनेस कम्यूनिटी के लोगों से मेरी बातचीत होती है तो एक बात मैं अक्सर कहता हूं। भारत में शायद ही ऐसा कोई मिडिल क्लास घर हो जहां कम से कम एक कोरियाई प्रोडक्ट ना पाया जाता हो।
  • भारत को manufacturing का वैश्विक हब बनाने की दिशा में आज का दिन बहुत विशेष है। 
  • 5 हज़ार करोड़ रुपए का ये निवेश ना सिर्फ Samsung के भारत में व्यापारिक रिश्तों को मजबूत बनाएगा, बल्कि भारत और कोरिया के संबंधों के लिए भी अहम सिद्ध होगा।
  • अपने मित्र President Moon के साथ नोएडा में बनी Samsung की इस फैक्ट्री में आना मेरे लिए बहुत सुखद अनुभव है। मोबाइल मैन्यूफैक्चरिंग की नई यूनिट भारत के साथ ही ये उत्तर प्रदेश और नोएडा के लिए भी गर्व का विषय है। इस नई यूनिट के लिए Samsung की पूरी टीम को बहुत-बहुत बधाई।

मेट्रो में किया दोनों नेताओं ने सफर
नोएडा के सेक्टर 18 में स्थित सैमसंग प्लांट तक जाने के लिए दोनों राज नेताओं ने मेट्रो का सफर किया। वो दिल्ली के मंडी हाउस मेट्रो स्टेशन से नोएडा के बॉटेनिकल गार्डन मेट्रो स्टेशन तक मेट्रो से पहुंचे।

गांधी स्मृति का दौरा
इससे पहले पीएम मोदी के साथ मून ने गांधी स्मृति का दौरा किया। गांधी स्मृति महात्मा गांधी को समर्पित म्यूजियम हैं। यहां पर दोनों ने महात्मा गांधी को श्रद्धांजलि अर्पित की। उन्होंने पीएम मोदी के साथ यहां पर गांधी जी के भजन भी सुने।

भारत हमारा दोस्त है : मून जे इन
मून जे इन ने गांधी स्मृति के दौरे के दौरान भारत की दिल खोलकर तारीफ की। उन्होंने कहा, 'भारत हमारा दोस्त है और हर मौके पर साथ दिया है इसलिए भारत में बनने वाले स्मार्ट सिटी में दक्षिण कोरिया मदद करेगा।' उन्होंने कहा, 'भारत सरकार 100 स्मार्ट सिटी और औद्योगिक गलियारा बना रहा है जिससे कि कई मुख्य शहरों को जोड़ा जाएगा। हमारी चाहत है दक्षिण कोरिया इस परियोना को पूरा करने में हिस्सा ले।' 'मेरी नई दक्षिण नीति पीएम मोदी की एक्ट ईस्ट पॉलिसी से मिलती जुलती हुई है। भारत और कोरिया के पास अदला बदली का लंबा इतिहास है, हम दोनों एक दोस्त की तरह काम कर रहे हैं जिसने हमें जरुरत के समय मदद की।'

वर्तमान में बनते हैं 6.7 करोड़ सैमसंग स्मार्टफोन
भारत में सैमसंग इस समय एक साल में 6.7 करोड़ स्मार्टफोन बना रही है और नए प्लांट के चालू हो जाने के बाद यह तकरीबन 12 करोड़ मोबाइल फोन की मैन्यूफैक्चरिंग कर सकेगी। नई फैक्ट्री में न सिर्फ मोबाइल बल्कि सैमसंग के कंज्यूमर इलेक्ट्रॉनिक सामान जैसे रेफ्रिजरेटर और फ्लैट पैनल वाले टेलीविजन का उत्पादन भी दोगुना हो जाएगा। नया प्लांट नोएडा के सेक्टर 81 में बनाया गया है।

अक्षरधाम मंदिर के किए दर्शन
मून जे इन के इस चार दिवसीय दौरे पर उनके साथ उनकी पत्नी किम जुंग-सुक, कैबिनेट के वरिष्ठ सदस्य, अधिकारी और 100 उद्योगपति भी आए हैं। रविवार को अक्षरधाम मंदिर के दर्शन के साथ उन्होंने अपनी यात्रा कि शुरुआत की। उन्होंने मंदिर के शानदार वास्तुशिल्प की सराहना की और इसके डिजाइन के पीछे की कहानियां सुनीं। मयूर स्वागत द्वार पर साधु ज्ञानमुनिदास ने माला पहनाकर, टीका लगाकर और कलाई पर कलावा बांधकर उनका स्वागत किया। मून और उनकी पत्नी ने मंदिर परिसर में तस्वीरें भी खिंचवाई।

मंगलवार को होगी डेलिगेशन लेवल की बैठक
सोमवार को जहां मून ने विदेश मंत्री सुषमा स्वराज से मुलाकात की तो वहीं मंगलवार को वह राष्ट्रपति भवन में रस्मी स्वागत समारोह में हिस्सा लेंगे और उसके बाद वह उपराष्ट्रपति वेंकैया नायडू से मुलाकात करेंगे। मंगलवार को ही मून, पीएम मोदी के साथ डेलिगेशन लेवल की बैठक करेंगे। राष्ट्रपति भवन में शाम को रात्री भोज का भी कार्यक्रम रखा गया है। रात्री भोज के बाद बुधवार सुबह मून अपने देश के लिए रवाना होंगे। 

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डिजिटल डेस्क, लखनऊ। उत्तरप्रदेश में अगले साल यानि कि 2022 में विधानसभा चुनाव होने हैं। इस चुनाव को लगातार दिलचस्प बना रहे हैं सपा प्रमुख अखिलेश यादव और उनके बाद बसपा सुप्रीमो मायावती। अखिलेश यादव की सक्रियता यूपी में देखने लायक है। बहन मायावती भी अब मुख्य चुनावी धारा में वापसी के लिए बेचैन नजर आने लगी हैं। पर मौजूदा हालात को देखते हुए यही कयास हैं कि बीजेपी की ही वापसी होगी। और संभवतः योगी आदित्यनाथ ही बीजेपी का चेहरा भी होंगे। इस चुनाव से पहले बीजेपी राम मंदिर मुद्दे को भी खत्म कर चुकी है। जनसंख्या नियंत्रण कानून पर भी चर्चा शुरू हो चुकी है। उसके बावजूद बीजेपी अपनी जीत को लेकर आश्वस्त नहीं बताई जाती। उसकी कुछ ये बड़ी वजह नजर आती हैं-

पूर्वांचल में पुराने साथियों का छूटना

2017 के विधानसभा चुनाव में पूर्वांचल फतह करने के लिए बीजेपी एक नए फॉर्मूले के साथ मैदान में उतरी थी। बीजेपी ने 2017 के विधानसभा चुनाव में उन छोटे राजनीतिक दलों के साथ में गठबंधन किया, जिनका अपना जातिगत वोटबैंक है। इसी फॉर्मूले का फायदा बीजेपी को मिला और बीजेपी को 2017 के विधानसभा चुनाव में 28 जिलों की 170 सीटों में से 115 सीटें मिली थीं। यह नंबर सच में करिश्माई थे लेकिन इस आंकड़े को अकेले बीजेपी ने अपने दम पर हासिल नहीं किया था। उसकी मदद इन छोटे राजनीतिक दलों से जुड़े उनके जातिगत वोटबैंक ने की थी। आइये समझते है पूर्वांचल में इन छोटे राजनीतिक दलों की ताकत जो किसी का भी खेल बना और बिगाड़ सकते हैं। 

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सपा का गठबंधन  

दूध का जला छाछ भी फूंक-फूंक कर पीता है कुछ ऐसा ही हाल अखिलेश यादव का है। 2019 में बसपा का साथ लेकर सपा को जो नुकसान हुआ था। उसके बाद अब अखिलेश 2022 के लिए छोटे छोटे दलों के साथ गठबंधन कर रहे हैं। सपा ने राष्ट्रीय लोकदल, संजय चौहान की जनतावादी पार्टी और केशव मौर्या की महान दल के साथ में गठबंधन कर लिया है। 

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बनारस, मथुरा, अयोध्या में सपा की बल्ले बल्ले

जिला पंचायत चुनाव में भले ही बीजेपी ने बाजी मारी हो। पर कुछ नतीजे बीजेपी के लिए भी चौंकाने वाले थे। क्योंकि पार्टी को उन जगहों पर झटका लगा था जहां बिलकुल उम्मीद नहीं थी। अयोध्या में मंदिर मसला हल होने का फायदा जिला पंचायत चुनाव के नतीजों में नजर नहीं आया। यहां समाजवादी पार्टी का दबदबा दिखाई दिया। कमोबेश यही नतीजे बनारस और मथुरा में नजर आए। बता दें बनारस पीएम नरेंद्र मोदी की लोकसभा सीट है। 

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किसान आंदोलन

देश में किसान पिछले 8 महीनों से आंदोलन कर रहे हैं। इस आंदोलन का असर उत्तर प्रदेश की सियासत पर देखने को मिल रहा है। किसान आंदोलन का सबसे अधिक असर पश्चिमी उत्तर प्रदेश में है। पश्चिमी उत्तर प्रदेश को जाट लैंड कहा जाता है, यहां पर एक कहावत कही जाती है कि 'जिसका जाट उसके ठाठ'। इसकी एक वजह यह है कि चौधराहट करने वाले इस समाज के निर्णय से कई जातियों का रुख तय होता है। किसान आंदोलन से यही जाट बीजेपी से खिसकते नजर आ रहे हैं।

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ब्राह्मणों की नाराजगी 

साल 2017 में बीजेपी ने पूर्ण बहुमत के साथ सत्ता में वापसी की तो राजपूत समुदाय से आने वाले योगी आदित्यनाथ मुख्यमंत्री बने। यही वजह है कि योगी सरकार में राजपूत बनाम ब्राह्मण के विपक्ष के नैरेटिव के मद्देनजर ब्राह्मण वोटों का अपने पाले में जोड़ने के लिए बसपा से लेकर सपा और कांग्रेस तक सक्रिय है।  विकास दुबे और उसके साथि‍यों के एनकाउंटर के बाद बहुजन समाज पार्टी (बसपा) की राष्ट्रीय अध्यक्ष मायावती ने उत्तर प्रदेश में योगी अदित्यनाथ की सरकार में  ब्राह्मणों पर अत्याचार बढ़ने का आरोप लगाया था। ब्राह्मण बुद्धिजीवियों का आरोप है कि एकतरफा समर्थन के बावजूद सरकार में ब्राह्मणों को राजनीतिक, सामाजिक और आर्थिक रूप से किनारे कर दिया गया है। 

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मोदी और योगी के बीच सब कुछ ठीक नहीं चल रहा है। उत्तर प्रदेश की राजनीतिक गलियारों में मोदी बनाम योगी को लेकर काफी चर्चाएं हैं। इन चर्चाओं ने ऐसे ही जन्म नहीं लिया है, इनके पीछे कुछ ठोस वजह हैं। हालांकि बीजेपी ने हर बार यही जाहिर किया है कि पार्टी के अंदर ऐसी कोई कलह नहीं है।

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ओलंपिक में जिमनास्टिक खिलाड़ियों ने पहली बार पहने ऐसे कपड़े, जिसने देखा रह गए हैरान

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डिजिटल डेस्क, टोक्यो। टोक्यो ओलंपिक में पूरी दुनिया से आए हुए खिलाड़ी अपनी प्रतिभा दिखा रहे हैं। खेल में अपनी प्रतिभा दिखाने के अलावा जर्मन की महिला जिमनास्टिक्स ने फ्रीडम ऑफ चॉइस यानी अपने मन के कपड़े पहनने की आजादी को अपने खेल के जरिए प्रमोट करने का फैसला किया है, जिससे उनकी हर तरफ चर्चा हो रही है। 

Germany Women's Gymnastics Team Wear Unitards at Olympics | POPSUGAR Fitness

जर्मनी की महिला जिमनास्ट रविवार को हुए टोक्यो ओलंपिक मुकाबले में फुल बॉडी सूट पहने नजर आई। खिलाड़ियों ने बताया कि इस सूट को फ्रीडम ऑफ चॉइस यानी अपनी पसंद के कपड़े पहनने की आजादी को बढ़ावा देने साथ ही महिलाओं को प्रोत्साहित करने के लिए डिजाइन किया गया है जिसे पहनकर महिला खिलाड़ी आरामदायक महसूस कर सकें।

Germany's gymnasts wear body-covering unitards, rejecting 'sexualization' of sport - CNN 
 

जर्मनी की 4 जिमनास्ट जिनके नाम है पॉलीन शेफर-बेट्ज, सारा वॉस, एलिजाबेथ सेट्ज और किम बुई लाल और सफेद रंग के इस यूनिटार्ड सूट में नजर आई जो लियोटार्ड और लेगिंग्स को मिलाकर बनाया गया था। खिलाड़ी इसी को पहन कर मैदान में उतरीं थी। 

German gymnastics team, tired of 'sexualisation,' wears unitards | Deccan Herald
 

जर्मनी की टीम ने अपनी ट्रेनिंग में भी इसी तरह के कपड़े पहने हुए थे और अपने कई इंटरव्यूज में खिलाड़ियों ने कहा था कि इस साल फाइनल कॉम्पटीशन में भी वो फ्रीडम ऑफ चॉइस को प्रमोट करने के लिए इसी तरह के कपड़े पहनेंगी। खिलाड़ी सारा वॉस ने द जापान टाइम्स को बताया था यूनिटार्ड को फाइनल करने से पहले उन्होंने इस पर चर्चा भी की थी। सारा ने ये भी कहा कि जैसे जैसे एक महिला बड़ी होती जाती है, वैसे ही उसे अपने शरीर के साथ सहज होने में काफी मुश्किल होती हैं। हम ऐसा कुछ करना चाहते थे जिसमें हम अच्छे भी दिखे और सहज भी महसूस करें। चाहे वो कोई लॉन्ग यूनिटार्ड हो या फिर शॉर्ट। 

Germany Women's Gymnastics Team Wear Unitards at Olympics | POPSUGAR Fitness
 

सारा ने यह भी बताया कि उनकी टीम ने इससे पहले यूरोपीय चैंपियनशिप में भी इसी तरह का फुल बॉडी सूट पहना था और इसका उद्देश्य सेक्सुलाइजेशन को कम करना है। हम लोगों के लिए एक रोल मॉडल बनना चाहते थे जिससे वो हमे फॉलो कर सकें। जर्मन के खिलाड़ियों की लोग काफी प्रशंसा भी कर रहे हैं। 


ओलंपिक प्रतियोगिताओं में जिमनास्ट महिलाओं को फुल या हाफ बाजू के पारंपरिक लियोटार्ड ही पहनना होता है साथ ही अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में फुल कपड़े पहनने की अनुमति तो है लेकिन किसी भी महिला जिमनास्ट ने इस तरह के कपड़े नहीं पहने थे। यह पहली बार था जब जर्मन खिलाड़ी महिलाओं ने इस तरह के कपड़े पहने थे। 
बीते कुछ सालों में खेल प्रतियोगिताओं में महिलाओं के शारीरिक शोषण के बढ़ते मामलों को देख महिला खिलाड़ियो की चिंता बढ़ती जा रही है अब एथलीटों की सुरक्षा को देखते हुए नए सेफ्टी प्रोटोकॉल बनाए जा रहे हैं।