दैनिक भास्कर हिंदी: SC/ST एक्ट में हुए संशोधन में बदलाव से सुप्रीम कोर्ट का इनकार

January 30th, 2019

हाईलाइट

  • 2018 में सरकार ने SC/ST एक्ट में बरती थी नरमी
  • दलित संगठनों के विरोध के बाद 2018 में सरकार लाई थी संसोधन कानून
  • पहले से चला आ रहा कानून ही अभी लागू

डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। सु्प्रीम कोर्ट ने एससी-एसटी एक्ट में 2018 के दौरान किए गए संशोधन पर रोक लगाने से इनकार कर दिया है। अब 19 जनवरी को सुप्रीम कोर्ट इस मामले में सुनवाई करेगा। बुधवार को कोर्ट ने स्पष्ट कर दिया है कि फिलहाल अनुसूचित जाति/जनजाति अत्याचार निवारण (संसोधन) कानून 2018 पर रोक नहीं लगाई जाएगी।

कोर्ट के फैसले के मुताबिक इस कानून में पुराना प्रावधान ही लागू होगा, जिसके बाद एट्रोसिटी एक्ट में गिरफ्तार होने वाले व्यक्ति को पहले की तरह ही जमानत नहीं मिलेगी। अब गिरफ्तारी से पहले इजाजत लेने की जरूरत भी नहीं होगी। सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि कानून में संशोधन मार्च 2018 के बाद किया गया है। बता दें कि एट्रोसिटी एक्ट में संशोधन के बाद से सुप्रीम कोर्ट में कई याचिकाएं आई हैं। इनमें से कुछ संशोधन के पक्ष में हैं तो कुछ उसके खिलाफत में, कोर्ट सभी याचिकाओं पर एक साथ ही सुनवाई करेगा।

दरअसल, सुप्रीम कोर्ट ने मार्च 2018 में एसटी-एससी एक्ट को हल्का करते हुए तत्काल गिरफ्तारी पर रोक लगा दी थी। इसके बाद दलित संगठनों ने भारत बंद बुलाया था। विरोध के बाद एसटी-एससी अत्याचार एक्ट पर केंद्र सरकार संसोधन कानून 2018 लाई थी, जिसमें दोबारा पुराने प्रावधानों को लागू कर दिया गया था।