मानसून सत्र 2026: राज्यसभा में गृह मंत्री अमित शाह कई अहम बिल करेंगे पेशन, सबसे पहले वंदे मातरम बिल को रखेंगे आगे

राज्यसभा में गृह मंत्री अमित शाह कई अहम बिल करेंगे पेशन, सबसे पहले वंदे मातरम बिल को रखेंगे आगे
मानसून सत्र शुरू होने वाला है और इस सत्र में गृह मंत्री अमित शाह कई अहम बिल पेश करने वाले हैं। सबसे पहले वंदे मातरम बिल पेश करने वाले हैं।

डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। संसद का मानसून सत्र 20 जुलाई से शुरू होने वाला है। इस दौरान केंद्र सरकार कई अहम विधेयक पेश करने वाली है, जिनमें सबसे ज्यादा चर्चित प्रस्तावित संशोधन 'वंदे मातरम बिल' है। जिसमें राष्ट्र गीत वंदे मातरम का अपमान करने या उसके गायन में जानबूझकर रुकावट डालने को दंडनीय अपराध बनाने की बात कही गई है। जानकारी के अनुसार, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह इस विधेयक को सबसे पहले राज्यसभा में पेश कर सकते हैं।

नए प्रस्ताव में क्या है?

प्रस्तावित संशोधन के मुताबिक, अगर कोई भी व्यक्ति जानबूझकर वंदे मातरम का अपमान करेगा, उसके गायन के दौरान बाधा पहुंचाएगा या किसी भी कार्यक्रम में हंगामा करके गीत को रुकवाने की कोशिश करेगा, तो उसके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जा सकती है। ऐसे में मामलों में दोषी पाए जाने पर 3 साल तक की जेल की सजा का प्रावधान भी रखा गया है। सरकार का कहना है कि जिस तरह राष्ट्रगान ‘जन गण मन’ को सम्मान और कानूनी सुरक्षा मिली हुई है, उसी तरह राष्ट्रीय गीत ‘वंदे मातरम्’ को भी उचित सम्मान मिलना चाहिए। इसी उद्देश्य से 1971 के राष्ट्रीय गौरव अपमान निवारण कानून में बदलाव का प्रस्ताव लाया जा रहा है।

सरकार को सदन में पूरा भरोसा

सूत्रों के मुताबिक, सरकार को भरोसा है कि इस विधेयक को पारित कराने के लिए उसके पास पर्याप्त समर्थन मौजूद है। यह भी कहा जा रहा है कि सरकार इस मुद्दे पर कुछ अन्य दलों के नेताओं से भी संपर्क बनाए हुए है, ताकि विधेयक को आसानी से मंजूरी मिल सके। मानसून सत्र के दौरान सरकार विदेशी अंशदान से जुड़े संशोधन विधेयक पर भी आगे बढ़ सकती है। यह प्रस्ताव पहले बजट सत्र में लोकसभा में पेश किया गया था, लेकिन उस समय इस पर चर्चा और पारित कराने की प्रक्रिया पूरी नहीं हो सकी थी। अब सरकार इसे दोबारा सदन में आगे बढ़ाने की तैयारी कर रही है।

बीजेपी का क्या कहना है?

बीजेपी का कहना है कि ‘वंदे मातरम्’ का स्वतंत्रता आंदोलन में बड़ा योगदान रहा है, लेकिन पहले की सरकारों ने इसे वह सम्मान नहीं दिया, जिसका यह हकदार था। पार्टी का मानना है कि राष्ट्रीय गीत के सम्मान की रक्षा के लिए सख्त कानूनी प्रावधान होना जरूरी है।

Created On :   17 July 2026 4:58 PM IST

Tags

Next Story