मानसून सत्र: महिला आरक्षण एक बहाना, परिसीमन विधेयक पर दो तिहाई बहुमत पाना केंद्र सरकार का मकसद- कांग्रेस

डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। 20 जुलाई से शुरु होने वाले संसद के मानसून सत्र में केंद्र सरकार की ओर से पेश होने वाले विधेयकों को लेकर राजनीतिक दलों के बीच चर्चा का विषय बना हुआ है, क्योंकि दो दिन बाद सत्र शुरु होने वाला है, लेकिन विपक्षी दलों के नेताओं को विधेयकों के बारे में कुछ भी जानकारी नहीं है। इसे लेकर राज्य सभा में नेता प्रतिपक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे के पीएम मोदी को पत्र लिखकर सर्वदलीय बैठक बुलाए जाने की अपील की।
इसी कड़ी में संसद के मानसून सत्र पर कांग्रेस नेता जयराम रमेश ने एएनआई से कहा मोदी सरकार के समय में जो बुलेटिन में छपता है और जो विधेयक पेश किए जाते हैं वो बिल्कुल अलग हैं। जो करना चाहते हैं वो बुलेटिन में डालते नहीं हैं, बोलते नहीं हैं। बात नहीं करते हैं और अचानक पिछले शाम को बिल पेश होता है और बोलते हैं कि संविधान संशोधन होने वाला है। बुलेटिन औपचारिकता है। पर असली बात जो इनके मन में है वो कभी नहीं बोलेंगे। इनके मन में है परिसीमन विधेयक। वे बदला लेना चाहते हैं पार्टी तोड़ रहे हैं। TMC, शिवसेना(UBT) को तोड़ा है। ये कलंकित दो तिहाई बहुमत पाना चाहते हैं।
कांग्रेस नेता प्रमोद तिवारी ने राज्य सभा में नेता प्रतिपक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे के पीएम मोदी को लिखे पत्र पर एएनआई से कहा, "हमने तय किया है कि परिसीमन पर अलग-अलग बुलाकर दलों से बात ना करें। सर्वदलीय बैठक बुलाएं और सर्वदलीय बैठक में इस मुद्दे को रखे। ये पत्र पहले भी गया था फिर से गया है। हमारा दृष्टिकोण स्पष्ट है। महिला आरक्षण पर हम कल भी साथ थे, आज भी साथ हैं आगे भी साथ रहेंगे। लेकिन महिला आरक्षण के नाम पर जो इतिहास को परिसीमन लाकर कलंकित किया जा रहा है। हम इसका विरोध करेंगे।
Created On :   17 July 2026 1:48 PM IST











