Sonam Wangchuk Hunger Strike: 18 दिन से सोनम वांगचुक ने नहीं खाया खाना! इस हाल में कितने दिन तक जी सकते हैं लोग, दुनिया में किसने की सबसे लंबी भूख हड़ताल

डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। दिल्ली के जंतर-मंतर पर चल रहे प्रदर्शन के दौरान भूख हड़ताल चर्चा का विषय बनी हुई है। इस आंदोलन में सोशल वर्कर सोनम वांगचुक अनशन पर बैठे हैं। आज बिना कुछ खाए हुए उनको 18 दिन पूरे हो गए हैं। उन्हें खाना खिलाने के लिए हाई कोर्ट में याचिका भी दायर की गई है। साथ ही कहा गया है कि अगर एक-दो दिन और खाना नहीं खाया तो उनकी जान को भी खतरा है। ऐसे में कई लोगों के मन में सवाल खड़ा हो रहा होगा कि व्यक्ति लंबे समय तक खाना ना खाए तो उसका शरीर कितने दिनों तक काम कर सकता है। साथ ही उसके शरीर में क्या बदलाव देखने को मिलते हैं। तो चलिए इससे संबंधित कई अहम बातों के बारे में जानते हैं।
क्या है भूख हड़ताल का इतिहास?
भारत में भूख हड़ताल को लोकतांत्रिक विरोध का मजबूत तरीका बनाने का सबसे बड़ा श्रेय महात्मा गांधी को दिया जाता है। आजादी की लड़ाई के दौरान उन्होंने कई बार अनशन करके बिना हिंसा किए अहिंसक तरीके से अपनी बात रखी। उनके इस तरीके का असर इतना गहरा रहा कि बाद में कई सामाजिक आंदोलनों और नेताओं ने भी अपनी मांगों के लिए इसी रास्ते को अपनाया। क्रांतिकारी भगत सिंह और उनके साथियों ने भी साल 1929 में जेल के अंदर लंबी भूख हड़ताल की थी। उनकी मांग थी कि भारतीय राजनीतिक कैदियों के साथ भी वही सम्मानजनक व्यवहार किया जाए जो अंग्रेज कैदियों को मिलता था। बेहतर खाना, साफ कपड़े, पढ़ाई की सुविधा और इंसानों जैसा व्यवहार उनकी प्रमुख मांगों में शामिल था। करीब 116 दिनों तक चले इस अनशन को बाद में उन्होंने अपनों और नेताओं के आग्रह पर खत्म किया।
शरीर में कब क्या होता है?
डॉक्टरों के मुताबिक, जब कोई व्यक्ति खाना पूरी तरह छोड़ देता है तो शुरुआती 3 दिनों तक शरीर पहले से जमा ऊर्जा का इस्तेमाल करता है। इस दौरान तेज भूख और पेट में बेचैनी महसूस हो सकती है। इसके बाद शरीर ताकत के लिए जमा चर्बी को जलाना शुरू कर देता है। अगर व्यक्ति पानी पीता रहे तो कुछ समय तक शरीर किसी तरह काम करता रहता है। करीब 2 से 3 हफ्ते बाद शरीर की हालत तेजी से बिगड़ने लगती है। चर्बी कम होने के बाद शरीर मांसपेशियों और दूसरे जरूरी टिश्यूज से ऊर्जा लेना शुरू कर देता है। इससे कमजोरी बढ़ती है, चक्कर आते हैं और वजन तेजी से घटने लगता है।
कब बढ़ जाता है जान का खतरा?
अगर लंबे समय तक भोजन नहीं मिलता तो 4 से 6 हफ्ते के बीच दिमाग, नसों और दूसरे अहम अंगों पर असर साफ दिखने लगता है। धुंधला दिखना, लगातार कमजोरी, उल्टी और शरीर का जवाब देना जैसी परेशानियां सामने आ सकती हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि अगर केवल पानी के सहारे लंबे समय तक अनशन जारी रहे तो आखिरकार शरीर के जरूरी अंग काम करना बंद कर सकते हैं। ऐसे में दिल की धड़कन रुकने का खतरा भी बढ़ जाता है। हालांकि किसी व्यक्ति के जिंदा रहने की अवधि उसकी उम्र, सेहत, वजन और इलाज जैसी कई बातों पर निर्भर करती है।
सोनम वांगचुक पहले भी कर चुके हैं अनशन
बता दें, ऐसा पहली बार नहीं हो रहा है जब सोनम वांगचुक भूख हड़ताल पर बैठे हैं, इससे पहले वे लद्दाख से जुड़े मामलों में दो बार लंबा अनशन कर चुके हैं। साल 2024 में उन्होंने भीषण ठंड के बीच 21 दिन का अनशन किया था। इसके बाद उस साल ही 16 दिन तक एक बार फिर से भूख हड़ताल की थी। उनकी मांग थी कि लद्दाख को राज्य का दर्जा दिया जाए, उसे संविधान की छठी अनुसूची में शामिल किया जाए और वहां के पर्यावरण की भी सुरक्षा को बेहतर किया जाए।
यह भी पढ़े -भूख हड़ताल पर बैठे सोनम वांगचुक की हालत नासाज, खाना खिलाने के लिए HC में याचिका दायर, केंद्र सरकार से मांगा गया जवाब
आजादी के बाद भारत में हुए हैं कई बड़े अनशन
आजादी के बाद भी भारत में कई बड़े आंदोलन भूख हड़ताल के जरिए देशभर में चर्चा का विषय बने हैं। पोट्टी श्रीरामलू के अनशन के बाद अलग आंध्र राज्य के गठन का रास्ता खुला। इरोम शर्मिला ने करीब 16 साल तक अपना विरोध जारी रखा। अन्ना हजारे ने जन लोकपाल की मांग को लेकर आंदोलन किया, जबकि किसान नेता जगजीत सिंह डल्लेवाल, मेधा पाटकर और मनोज जरांगे पाटिल जैसे कई लोगों ने भी अपनी मांगों को लेकर भूख हड़ताल का रास्ता अपनाया। इन आंदोलनों ने समय-समय पर सरकारों पर दबाव बनाया और कई अहम मुद्दों को राष्ट्रीय बहस का हिस्सा बनाया।
किसकी रही सबसे लंबी भूख हड़ताल?
अगर सबसे लंबी भूख हड़ताल के बारे में जानना है तो, इसमें सबसे पहला नाम इरोम शर्मिला का आता है। उन्होंने 16 साल तक भूख हड़ताल की थी। इसके बाद जगजीत सिंह डल्लेवाल ने 123 दिन तक, भगत सिंह ने 116 दिनों तक, स्वामी निगमानंद ने 115 दिनों तक, दर्शन सिंह फेरुमान ने 74 दिनों तक, पोट्टी श्रीरामलू ने 56 दिनों तक और मास्टर तारा सिंह ने 48 दिनों तक अपनी भूख हड़ताल जारी रखी थी।
Created On :   15 July 2026 2:25 PM IST






