Sonam Wangchuk: सोनम वांगचुक की भूख हड़ताल का आज 17वां दिन, 8.5 किलो घट गया वजन, लोग कर रहे भूख हड़ताल तोड़ने की अपील

डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। एकेडमिक्स और क्लाइमेट प्रोटेक्शन के लिए काम करने वाले सोनम वांगचुक का जंतर-मंतर पर चल रहा अनशन अब 17वें दिन में पहुंच गया है। इस बीच उनकी सेहत को लेकर चिंता बढ़ती जा रही है। कॉकरोच जनता पार्टी के फाउंडर अभिजीत दीपके ने बताया कि लंबे समय से खाना न खाने की वजह से वांगचुक की मांसपेशियां कमजोर हो रही हैं। उन्हें शरीर में तेज दर्द महसूस हो रहा है और उनका वजन भी काफी कम हो गया है।
वजन में 8.5 किलो की कमी
अभिजीत दीपके के मुताबिक, अब तक वांगचुक का वजन करीब 8.5 किलो घट चुका है। उनका ब्लड प्रेशर 109/70 दर्ज किया गया है। दीपके ने बताया कि उन्होंने वांगचुक से अनशन खत्म करने की अपील की, लेकिन उन्होंने साफ कहा कि उनसे अनशन तोड़ने के लिए न कहा जाए। सरकार से पूछा जाए कि आखिर बातचीत शुरू करने में देरी क्यों हो रही है।
यह भी पढ़े -सोनम वांगचुक के समर्थन में उतरे फिल्मी सितारे; जीनत अमान और ओमी वैद्य ने सरकार से की बातचीत की अपील
सरकार से बातचीत शुरू करने की अपील
वांगचुक का मानना है कि यह आंदोलन किसी टकराव के लिए नहीं, बल्कि जवाबदेही की मांग को लेकर किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि इस मुद्दे को अहंकार की लड़ाई नहीं बनाया जाना चाहिए, क्योंकि इसमें लोगों की जान का सवाल जुड़ा हुआ है। उनके मुताबिक, गलती स्वीकार करना कमजोरी नहीं, बल्कि जिम्मेदारी और सुधार की दिशा में उठाया गया अहम कदम होता है।
यह भी पढ़े -वायनड हादसे को लेकर भाजपा का कांग्रेस पर तंज, गुरु प्रकाश बोले- आपदा के समय जनता के बीच रहना जनप्रतिनिधियों की जिम्मेदारी
कई नेताओं ने दिया समर्थन
वांगचुक के आंदोलन को कई राजनीतिक नेताओं का भी समर्थन मिला है। तृणमूल कांग्रेस की सांसद महुआ मोइत्रा, शिवसेना (उद्धव गुट) प्रमुख उद्धव ठाकरे, भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी के सांसद अमराराम और दिल्ली की पूर्व मुख्यमंत्री आतिशी जंतर-मंतर पहुंचकर अपना समर्थन जता चुके हैं। महुआ मोइत्रा ने कहा कि वांगचुक के अनशन ने देश के युवाओं को एकजुट किया है और उनसे अपनी जान की खातिर अनशन समाप्त करने की अपील की। वहीं उद्धव ठाकरे ने भी आंदोलन के उद्देश्य का समर्थन करते हुए वांगचुक से भूख हड़ताल खत्म करने का आग्रह किया।
Created On :   14 July 2026 3:32 PM IST







