बिहार न्यूज: सीएम के जनता दरबार कार्यक्रम पर सत्तापक्ष और विपक्ष में टकराव, एक दूसरे पर हमलावर

सीएम के जनता दरबार कार्यक्रम पर सत्तापक्ष और विपक्ष में टकराव, एक दूसरे पर हमलावर
सत्तापक्ष के नेताओं ने लोग समस्या साझा कर पाएंगे, विपक्ष ने कहा क्या लाभ जनता को मिलेगा? यहां तो अफसर शाही है।

डिजिटल डेस्क, पटना। बिहार में सीएम सम्राट चौधरी के जनता दरबार कार्यक्रम को लेकर सत्तापक्ष और विपक्ष के नेता एक दूसरे पर हमलावर है।

आरजेडी नेता मृत्युंजय तिवारी ने बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के जनता दरबार कार्यक्रम पर समाचार एजेंसी एएनआई से कहा जन सुनवाई आयोजित करने तक कुछ नहीं होगा। जब तक जनता की समस्याओं का समाधान नहीं हो जाता, तब तक इससे क्या फायदा? अधिकारी तो जनसुनवाई कार्यक्रम तक जनता को पहुंचने ही नहीं देते। आरजेडी नेता ने सरकार से सवाल उठाते हुए कहा ऐसे कार्यक्रम का क्या लाभ जनता को मिलेगा? यहां तो अफसर शाही है।

JDU नेता राजीव रंजन ने बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के जनता दरबार कार्यक्रम के समर्थन में कहा ये बेहद महत्वपूर्ण प्रक्रिया है। लोगों की समस्याओं को जिला स्तर पर भी सुनने का कार्य किया जाता है। जिनकी शिकायतों का तार्किक समाधान नहीं हो पाया है, वो आज की इस बातचीत के दौरान अपनी समस्या साझा कर पाएंगे जिसके बाद कार्रवाई होगी। बिहार में नीतीश कुमार के कार्यकाल में ये यात्राएं, संवाद और जनता दरबार जैसे अनेक कार्यक्रमों ने अनेक कल्याणकारी योजनाओं की बुनियाद रखी। जनता को ये भरोसा होता था कि उनकी समस्याओं का समाधान नीतीश कुमार स्वयं करेंगे और उस विरासत को प्रभावी तरीके से सम्राट चौधरी आगे बढ़ा रहे हैं।

बिहार भाजपा अध्यक्ष संजय सरावगी ने सीएम के कार्यक्रम पर समाचार एजेंसी से कहा मुख्यमंत्री को आम लोगों के प्रति चिंता है कि आम लोगों की चिंता का समाधान किया जाए। उन्होंने माह के प्रथम मंगलवार और तीसरे मंगलवार को पंचायतों में सहयोग शिविर लगाना प्रारंभ किया है। उन आवेदनों को 30 दिनों के अंदर निष्पादन करने का भी निर्णय लिया गया है। दूसरे चरण में जो लोग दूसरे जिलों में निष्पादन से संतुष्ट नहीं हैं, उन आवेदकों के लिए मुख्यमंत्री स्वयं सुनवाई करेंगे, मुख्यमंत्री को इस बात की चिंता है कि आम लोगों की समस्याओं का समाधान कैसे हो।

बिहार सरकार में मंत्री श्रवण कुमार ने सीएम के जनता दरबार कार्यक्रम को लेकर कहा ये अच्छा कार्यक्रम है। जो काम जिला, प्रखंड और पंचायत स्तर से होने हैं, उसका निष्पादन हो गया। जिन कार्यों को नहीं करना है, उसे अस्वीकार भी किया गया। लंबित कार्य किए जा रहे हैं, इसकी पूरी समीक्षा की जाएगी और समीक्षा के बाद उस पर निर्णय लिया जाएगा।

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Created On :   14 July 2026 1:29 PM IST

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