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आजाद हिंद सरकार के 75 साल पूरे, पीएम ने लाल किले पर फहराया तिरंगा

October 21st, 2018 17:37 IST

हाईलाइट

  • आजाद हिंद सरकार की 75 वी जयंती आज
  • पीएम मोदी लाल किले पर फहराएंगे तिरंगा
  • नेता जी की याद में बनेगा संग्रहालय

डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। आजाद हिंद फौज के संस्थापक नेता जी सुभाष चंद्र बोस ने आज ही के दिन सर्वोच्च सेनापति होने के नाते स्वतंत्र भारत की अस्थायी सरकार बनाई थी। इस लिहाज से आज का दिन भारत के लिए काफी खास है। प्रधानमंत्री नरेद्र मोदी ने आजाद हिंद सरकार के 75 साल पूरे होने पर रविवार को लाल किले पर तिरंगा फहराया। इस दौरान पीएम मोदी ने कहा कि आज में उन सभी सैनिकों को नमन करता हूं, जिन्होने देश के लिए सर्वस्व निछावर कर दिया।उन्होने कहा कि नेता जी आजाद हिंद सरकार के पहले पीएम थे, उन्होने लाल किले पर तिरंगा फहराने का एलान किया था। पीएम मोदी कार्यक्रम के दौरान आजाद हिंद फौज की टोपी पहने नजर आये साथ ही उन्होने देश को आजाद हिंद सरकार के 75 साल पूरे होने पर शुभकामनाएं दी।

कांग्रेस पर साधा निशाना
पीएम मोदी ने कांग्रेस और गांधी पर निशाना साधते हुए कहा कि एक परिवार के लिए देश के सपूतों को भुला दिया गया। मोदी ने कहा कि ये दुखद है कि एक परिवार को बड़ा बताने के लिए, देश के अनेक सपूतों, वो चाहें सरदार पटेल हों, बाबा साहेब आंबेडकर हों, उन्हीं की तरह ही, नेताजी के योगदान को भी भुलाने का प्रयास किया गया।


लाल किले के अंदर स्थित सलीमगढ़ की इमारत इतिहास में अपना खास महत्व रखती है। दरअसल यहीं पर आज़ाद हिंद फौज के तीन अफसर कर्नल प्रेम सहगल, कर्नल गुरुबख्श सिंह ढिल्लन, मेजर जनरल शाहनवाज़ खान पर 'लाल किला अभियोग' नामक चर्चित मुकदमा चला था।

आज ऐतिहासिक तारीख
75 वर्ष पूर्व 21 अक्टूबर 1943 को नेता जी सुभाष चंद्र बोस ने अर्जी हुकूमत ए आजाद हिंद के रूप में आज़ाद भारत की पहली अस्थाई सरकार की नींव रखी थी। कई देशों ने अस्थाई भारत सरकार को मान्यता भी प्रदान की थी। संस्कृति मंत्री डॉ महेश शर्मा ने कहा कि ये ऐतिहासिक तारीख है, सुभाष चंद्र बोस ने आज़ाद हिंद फौज के माध्यम से जो लड़ाई लड़ी उसको याद करते हुए प्रधानमंत्री यहां झण्डा फहराएंगे। उन्होने यह भी कहा कि यह हमारी गौरवशाली विरासत का हिस्सा है जिसे पहले की सरकारों ने भुला दिया था।

होगा संग्रहालय का निर्माण
केंद्र सरकार लाल किले पर सुभाष चंद्र बोस के नाम से एक संग्रहालय खौलने की योजना बना रही है। इस संग्रहालय में आज़ाद हिंद फौज से जुड़ी अहम चीजों और भारत की आजादी की लड़ाई में हिंद फौज के योगदान को बताया जाएगा। इलके साथ ही एनिमेशन और हाईटेक लाइट एंड साउंड प्रोग्राम की मदद से बोस और अंग्रेजों के बीच लड़ी गई लड़ाइयों को भी प्रदर्शित किया जाएगा।

मोदी जाएंगे अंडमान-निकोबार
सुभाष चंद्र बोस और आज़ाद हिंद फौज के इतिहास को सहजने पीएम मोदी अंडमान-निकोबार की यात्रा भी करेंगे। पीएम इस यात्रा के दौरान सेलुलर जेल का दौरा करेंगे, जहां क्रांतीकारियों को काला पानी की सजा दी जाती थी। सुभाष चंद्र बोस के भारत की आज़ादी में योगदान की याद में हो रहे इस आयोजन में उनके परिवार के सदस्य भी शामिल होंगे।

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