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केन्द्रीय विद्यालय में प्राचार्य पद पर काम नहीं कर सकेंगे अहिरे

केन्द्रीय विद्यालय में प्राचार्य पद पर काम नहीं कर सकेंगे अहिरे


डिजिटल डेस्क जबलपुर।  केन्द्रीय विद्यालय क्रमांक-1 रायपुर में पदस्थ भगवान सिंह अहिरे को प्राचार्य के पद पर काम करने पर केन्द्रीय प्रशासनिक अधिकरण (कैट) ने रोक लगा दी है। दरअसल प्राचार्य अहिरे का ट्रांसफर रायपुर से जांजगीर हुआ था, जिस पर कैट ने पूर्व में रोक लगा दी थी। इस स्टे को वापस लेने केन्द्रीय विद्यालय संगठन की ओर से एक अर्जी दायर की गई थी। आवेदक प्राचार्य और संगठन की ओर से दी गईं दलीलों पर गौर करने के बाद अधिकरण ने आवेदक के ट्रांसफर पर लगाई रोक पर दखल देने से इंकार तो किया, लेकिन प्राचार्य के पद पर काम करने पर रोक लगा दी।
इस मामले में प्राचार्य अहिरे पर आरोप है कि पहली कक्षा की छात्रा के साथ शोषण होने की मिली रिपोर्ट के बावजूद उसने न तो एफआईआर दर्ज कराई और न ही कोई आवश्यक कार्रवाई की। मामले पर हुई जांच के बाद 5 सितंबर 19 को अहिरे का स्थानांतरण रायपुर से जांजगीर कर दिया गया था। मामले को लेकर की जा रही विभागीय जांच की बात को छिपाकर अहिरे ने 11 सितंबर 19 को कैट से ट्रांसफर पर स्टे प्राप्त किया था। इस स्टे को वापस लेने दायर अर्जी पर गुरुवार को सुनवाई हुई। अर्जी पर आवेदक प्राचार्य की ओर से आपत्ति ली गई कि स्टे युगलपीठ द्वारा दिया गया है, ऐसे में एकलपीठ उस अंतरिम आदेश को वापस नहीं ले सकती।
वहीं केन्द्रीय विद्यालय संगठन की ओर से अधिवक्ता पंकज दुबे ने कहा कि मामले में आवेदक पर संगीन आरोप लगा है। यदि वे प्राचार्य पद पर काम करते हैं और फिर से स्कूल में कोई अनहोनी हो गई तो उसका जिम्मेदार कौन होगा। एकलपीठ ने स्टे के आदेश में दखल से इंकार करके  आवेदक को प्राचार्य के पद पर काम करने से रोक दिया। साथ ही मामले की अंतिम सुनवाई के लिए प्रकरण युगलपीठ के समक्ष लगाने के निर्देश दिए।

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