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चंद्रमा की कक्षा में पहुंचा 'चंद्रयान-2', 7 सितंबर को लैंडिंग देखने ISRO जाएंगे PM मोदी


हाईलाइट

  • चंद्रमा की कक्षा में पहुंचा चंद्रयान-2
  • मंगलवार सुबह 9 बजकर 30 मिनट चंद्रमा की कक्षा में पहुंचा चंद्रयान-2
  • 7 सिंतबर को चंद्रमा की सतह पर करेगा लैंडिंग

डिजिटल डेस्क, बेंगलूरू। भारत ने अंतरिक्ष में एक नई ऐतिहासिक सफलता से बस कुछ ही कदम दूर है। आज (मंगलवार) चंद्रयान-2 ने चंद्रमा की कक्षा में प्रवेश कर लिया है। इसरो ने इस बात की जानकारी दी है। इसरो ने बताया कि चंद्रयान-2  ने सुबह ठीक 9 बजकर 30 मिनट पर चंद्रमा की कक्षा LBN#1 में प्रवेश कर लिया है। आज से 19 दिन बाद 7 सिंतबर को चंद्रयान-2 चंद्रमा की सतह पर लैंडिंग करेगा। इस दिन टच टाउन कार्यक्रम को देखने के लिए प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी इसरो जाएंगे। 

इसरो के अध्यक्ष के. सिवन ने ने बताया कि भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (ISRO) के वैज्ञानिकों ने सुबह 8.30 से 9.30 बजे के बीच चंद्रयान-2 को चांद की कक्षा LBN#1 में प्रवेश कराया। अब चंद्रयान-2, 118 किमी की एपोजी (चांद से कम दूरी) और 18078 किमी की पेरीजी (चांद से ज्यादा दूरी) वाली अंडाकार कक्षा में अगले 24 घंटे तक चक्कर लगाएगा। इस दौरान चंद्रयान की गति को 10.98 किमी प्रति सेकंड से घटाकर करीब 1.98 किमी प्रति सेकंड किया गया।

इसरो के चेयनमैन के.सिवन ने कहा
चंद्रयान-2 को लेकर इसरो के चेयरमैन के.सिवन ने आज (मंगलवार) को प्रेस कांफ्रेंस में कहा, आज सुबह 9.30 पर चंद्रयान-2 ने चंद्रमा की कक्षा में सफलता पूर्वक प्रवेश किया। अभी चंद्रयान-2 चांद की परिक्रमा कर रहा है। अब अगली बड़ी घटना 2 सितंबर को होगी जब लैंडर ऑर्बिटर से अलग हो जाएगा। हम पूरी तरह से एक्यूरेसी पर काम कर रहे हैं ताकि मिशन चंद्रयान-2 को चांद के दक्षिणी सतह पर उतार सके। 28, 30 अगस्त और 1 सितंबर को चंद्रयान-2 को 18 हजार किलोमीटर की ऊंचाई से 100/100 किलोमीटर की ऊंचाई तक लाएंगे। 2 सिंतबर को लैंडर ऑर्बिटर से अलग होगा। इसके बाद लैंडर पर हमारा ध्यान होगा। ताकि यान आसानी से चांद की सतह पर उतर सके। जब हम सबकुछ सही पाएंगे तो चंद्रयान-2 को चांद पर उतराने की प्रक्रिया शुरू होगी।

के.सिवन ने कहा, 7 सितंबर को 1.45 AM पर पावर मिशन शुरू होगा। 15 मिनट बाद 27 डिग्री साउथ 22 डिग्री ईस्ट चांद की दक्षिणी सतह पर यान को उतरा जाएगा। 2 घंटे बाद लैंडर धीरे-धीरे चांद की सतह पर उतरेगा। 3 घंटे 10 मिनट बाद सोलर पैनल रोवर काम करना शुरू करेगा। 3 घंटे बाद रोवर लैंडर से निकलेगा। 4 घंटे बाद लैंडर चांद की सतह पर उतरेगा। हमें उम्मीद है कि 7 सिंतबर को 1.45 AM चांद की सतह पर उतरेंगे। के.सिवन ने कहा, चंद्रयान 2 को चांद पर उतारने की प्रक्रिया बहुत जटिल है।  इसकी वजह इसका 39,240 किलोमीटर प्रति घंटे का वेग है। ये स्पीड हवा के माध्यम से ध्वनि के स्पीड से करीब 30 गुना ज्यादा है। सिवन ने बताया कि आप कल्पना कर सकते हैं कि एक छोटी सी गलती भी चंद्रयान 2 की चांद के साथ मुलाकात को नाकाम कर सकती है। 

भारत के पहले चंद्रमा मिशन चंद्रयान 1 के प्रमुख और इसरो के उपग्रह केंद्र के पूर्व निदेशक डॉ एम अन्नादुरई ने इस मिशन की जटिलता के बारे में कहा, ये मिशन उस सज्जन की तरह है, जो हाथ में गुलाब लिए एक महिला को प्रपोज कर रहा है। जो 3,600 किलोमीटर प्रति घंटे की आश्चर्यजनक स्पीड से डांस कर रही है, और वो आपके सामने नहीं है। बल्कि आपसे 3.84 लाख किलोमीटर की दूरी पर है। ऐसे में अगर मुलाकात करनी है तो आपकी सटीकता का बहुत महत्वपूर्ण है। 

बता दें कि इसरो ने पीएम नरेंद्र मोदी को चंद्रयान-2 के टच डाउन के लिए आमंत्रण भेजा है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी चंद्रयान-2 लैंडिंग देखने के लिए इसरो जाएंगे। 7 सितंबर को चंद्रयान- 2 का टचडाउन कार्यक्रम होगा। पीएम मोदी भी इसरो की इस ऐतिहासिक उपलब्धि के साक्षी बनेंगे। 7 सितम्बर को चन्द्रयान-2 चांद के दक्षिण ध्रुव पर उतरेगा।

1 सितंबर तक चार बार चंद्रयान-2 बदलेगा अपनी कक्षा

  • LBN#2- 21 अगस्त की दोपहर 12.30-1.30 बजे के बीच चंद्रयान-2 को 121x4303 किमी की कक्षा में डाला जाएगा
  • LBN#3- 28 अगस्त की सुबह 5.30-6.30 बजे के बीच चंद्रयान-2 को 178x1411 किमी की कक्षा में डाला जाएगा   
  • LBN#4- 30 अगस्त की शाम 6.00-7.00 बजे के बीच चंद्रयान-2 को 126x164 किमी की कक्षा में डाला जाएगा
  • LBN#5- 01 सितंबर की शाम 6.00-7.00 बजे के बीच चंद्रयान-2 को 114x128 किमी की कक्षा में डाला जाएगा
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