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लाइफस्टाल में बदलाव रोक सकता है कैंसर के एक तिहाई भाग को 

BhaskarHindi.com | Last Modified - September 04th, 2018 10:54 IST

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डिजिटल डेस्क । कैंसर एक घातक बीमारी है। कुछ कैंसर का इलाज लास्ट स्टेज पर भी संभव हैं, लेकिन उसके चांसेस भी कम ही रहते है। कैंसर शरीर के किसी भी अंग में हो सकता है। इसका इलाज शारीरिक तौर पर जितना जटिल है उतना ही मेंटली, इमोशनली और फाइनेंशियल भी मुश्किल है। चाहे कितना भी रईस या इमोशनली स्ट्रॉन्ग पर्सन क्यों ना हो कैंसर हर तरह से उसे तोड़ देता है। इसलिए हर कोई कैंसर से डरता है। अगर आप भी कैंसर जैसी बीमारी से बचना चाहते है तो लाइफस्टाल में बदलाव एक बेहतरीन तरीका है। माना जाता है कि अगर लाइफस्टाइल में बदलाव किया जाए तो कुल होने वाले कैंसर के एक तिहाई भाग को होने से रोका जा सकता है। अभी भी कई लोग हैं जिनको यही नहीं पता कि उनकी किस आदत के कारण वे कैंसर का शिकार बन सकते हैं।

कैसे करें बदलाव?

यूरोपियन जर्नल ऑफ कैंसर में प्रकाशित एक रिपोर्ट के मुताबिक, लोगों अभी भी कैंसर के कारणों को लेकर कन्फ्यूज हैं। उन्हें कैसर होने के सही कारणों की ही जानकारी नहीं है। इतने प्रचार माध्यमों के बावजूद ये स्थिति वाकई चिंताजनक है। स्टडी के दौरान 1300 वयस्क लोगों को शामिल किया गया। स्टडी के बाद जो आंकड़े सामने आए वो चौंकाने वाले थे। आधे से भी कम लोगों को कैंसर होने के सही कारणों के बारे में पता था। 

भारत में कैंसर की वजह, विकासशील देशों से कुछ अलग है। इनमें गरीबी, अशिक्षा, कुपोषण, कम उम्र में विवाह, बार-बार गर्भवती होना, गंदगी और सेहत को लेकर अनदेखी जैसे कारण प्रमुख हैं। यही नहीं, कैंसर से जुड़े लगभग एक-तिहाई मामले तंबाकू की वजह से तो एक तिहाई खान-पान की आदतों के कारण होते हैं।

ग्लोबल इकोनॉमी की बात करें तो इसमें विकासशील देशों का पांच फीसदी हिस्सा है जबकि कैंसर के दो-तिहाई मामले इन्हीं देशों में होते हैं। इनमें से अधिकतर 80 फीसदी मामले तीसरी या चौथी स्टेज में होते हैं जबकि विकसित देशों में इसके उलट है।
 

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