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एयर इंडिया का होगा निजीकरण, कंपनी अक्टूबर के बाद नहीं दे सकेगी कर्मचारियों को वेतन


हाईलाइट

  • एयर इंडिया को हो रहा है प्रतिदिन 15 करोड़ का नुकसान - नागरिक उड्डयन मंत्री
  • पाकिस्तानी उड़ान क्षेत्र में एयर इंडिया की उड़ानों पर रोक है नुकसान की वजह
  • एयर इंडिया पैसे की कमी के चलते अक्टूबर के बाद नहीं दे सकेगी कर्मचारियों को वेतन

डिजिटल डेस्क। पब्‍लिक सेक्‍टर की एयरलाइन कंपनी एयर इंडिया निजीकरण लगभग तय हो गया है। केंद्रीय नागरिक उड्डयन मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने सदन को यह जानकारी दी है, जिसके अनुसार एयर इंडिया को चला पाना अब संभव नहीं है। हरदीप सिंह ने कहा है कि एयर इंडिया को प्रतिदिन 15 करोड़ का नुकसान हो रहा है। साथ ही एयर इंडिया 20 एयरक्राफ्ट की कमी से जूझ रहा है। इस हालात से बाहर निकलने के लिए एयर इंडिया को विनिवेश करने की जरूरत है। 

बता दें कि एयर इंडिया को इस वित्त वर्ष में 9,000 करोड़ रुपये के कर्ज का भुगतान करना है। कंपनी ने इस को लेकर सरकार की मदद मांगी थी, लेकिन उसे स्वीकार नहीं किया गया था। जानकारी के अनुसार सरकार इस एयरलाइन में से अपनी 76 फीसदी हिस्‍सेदारी बेचना चाहती है।

हरदीप सिंह पुरी ने बताया है कि पाकिस्तानी उड़ान क्षेत्र में एयर इंडिया की उड़ानों पर रोक के कारण ऐसा हुआ है। बता दें कि जम्मू-कश्मीर के पुलवामा में बीते 14 फरवरी को आत्मघाती बम विस्फोट के बाद भारत और पाकिस्तान के बीच तनाव बढ़ने के कारण भारतीय उड़ानों के लिए पाकिस्तानी हवाई क्षेत्र को बंद कर दिया गया था। रिपोर्ट्स के अनुसार पाकिस्तानी उड़ान क्षेत्र में उड़ानों पर रोक की वजह से एयर इंडिया को 300  करोड़ रुपये से ज्यादा का नुकसान हो चुका है।

रिपोर्ट्स के अनुसार आने वाले दिनों में एयर इंडिया पूँजी की कमीं के कारण कर्मचारियों का वेतन तक चुका पाने में असमर्थ हो जाएगी। जानकारी के मुताबिक एयर इंडिया के पास अक्‍टूबर के बाद कर्मचारियों को सैलरी देने के लिए पैसे नहीं हैं। एक सरकारी कर्मचारी द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार एयर इंडिया को सरकार ने 7,000 करोड़ की रकम पर सॉवरन गारंटी दी थी। साथ ही कम्पनी के पास आज की स्थिति में 2500 करोड़ रूपये की राशि और बाकी हैं। जो कि अन्य खर्चों के साथ कर्मचारियों के वेतन देने में कुछ महीनों में ख़त्म हो जाएगी। 

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