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आज अति दुर्लभ योग, गुरू पुष्य के साथ बना गजकेसरी राजयोग

BhaskarHindi.com | Last Modified - December 07th, 2017 07:33 IST

डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। गुरू पुष्य योग का शुभ मुहूर्त 7 दिसंबर गुरूवार को अर्थात आज पड़ रहा है। यह मुहूर्त स्वयं सिद्ध एवं अति शुभ बताया गया है। इस मुहूर्त में किए गए कार्य अवश्य ही सिद्ध होते हैं। साल के अंत में गुरू पुष्य योग के शुभ मुहूर्त के दिन एक खास बात और है इस दिन गजकेसरी राजयोग भी है। 

 

चंद्र एवं गुरू के परस्पर केंद्र में आने से

ज्योतिष विज्ञान में इसे अति दुर्लभ माना गया है। वर्षों के बाद ग्रह नक्षत्रों के फेर से ऐसा संयोग बनता है। इस दिन गुरू तुला राशि में रहेंगे। चंद्र एवं गुरू के परस्पर केंद्र में आने की वजह से यह शुभ गजकेसरी योग बन रहा है। पुष्य नक्षत्र के साथ ही गजकेसरी योग के शुभ मुहूर्त बनने से किसी भी कार्य को इस दिन सिद्ध किया जा सकता है। 

 

मन के साथ ही कार्यों की प्रकृति का भी निर्धारक

यह नक्षत्र चंद्रमा की स्थिति को बताता है। मन एवं धन का अधिष्ठाता है। ग्रह नक्षत्रों का परिवर्तन मन के साथ ही कार्यों की प्रकृति का भी निर्धारक माना गया है। पुष्य नक्षत्र गुरूवार को आया है। इसलिए इसे गुरू पुष्य नक्षत्र कहा जा रहा है। यदि यह सोमवार या रविवार को आता है तो इसे रवि पुष्य या सोम पुष्य कहा जाता है।

 

शुभ कार्यों को प्रारंभ करना श्रेष्ठतम 

यह संयोग साल में कभी-कभी ही आता है। इसलिए इस अवधि में शुभ कार्यों को प्रारंभ करना श्रेष्ठतम बताया गया है। खासकर लेखन एवं व्यापार से संबंधित। इस नक्षत्र में कंप्यूटर, डायरी, रजिस्टर आदि को खरीदना भी अति उत्तम माना गया है।नया वाहन खरीदना, आभूषण क्रय करना, किसी प्रतिष्ठान का शुभारंभ के लिए इससे अच्छा शुभ मुहूर्त साल 2017 में नही मिलेगा। यह मुहूर्त स्वयंसिद्ध है तो तांत्रिक इस दिन सिद्धियां प्राप्त करने या विभिन्न देवों को सिद्ध करने का प्रयास करते हैं। गूलर की जड़, चमेली की चड़, श्वेतार्क मदार की जड़ को उचित मार्गदर्शन में सिद्ध किया जा सकता है।

 

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