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लखनऊ में हिंदू समाज पार्टी के नेता कमलेश की हत्या, सीसीटीवी फुटेज में दिखे आरोपी

लखनऊ में हिंदू समाज पार्टी के नेता कमलेश की हत्या, सीसीटीवी फुटेज में दिखे आरोपी

हाईलाइट

  • 2015 में पैगंबर मुहम्मद के खिलाफ दिया था विवादित बयान
  • हत्यारों ने चाकू से करीब 15 से ज्यादा वार किए, तमंचे से फायर भी किया
  • कमलेश के समर्थक खुर्शीदबाग कॉलोनी में प्रदर्शन कर रहे हैं

जिटल डेस्क, लखनऊ। उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में हिंदू समाज पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष कमलेश तिवारी की दो बदमाशों ने हत्या कर दी। घटना शुक्रवार दोपहर की है। हत्या की वजह का अब तक पता नहीं चल सका है। वहीं वारदात को अंजाम देते ही दोनों आरोपी मौके से फरारा हो गए। पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज के आधार पर आरोपियों की पहचान कर ली है। सूत्रों के मुताबिक चश्मदीद ने दोनों संदिग्धों की पहचान कर ली है। पुलिस ने कहा कि दोनों आरोपियों की पहचान कर ली गई है। उन्हें जल्द ही गिरफ्तार कर लिया जाएगा।

लखनऊ पुलिस के अनुसार हत्यारे कमलेश से मिलने खुर्शीद बाग स्थित हिंदू समाज पार्टी कार्यालय में चाय पीने आए थे। दोनों मिठाई के डब्बे में चाकू और तमंचा लेकर आए थे। बदमाशों ने पहले चाय पी और इसके बाद ​मिठाई के डिब्बे से तमंचा निकालकर फायर कर दिया। इसके बाद कमलेश पर चाकू से करीब 15 से ज्यादा वार किए। परिजन कमलेश को इलाज के लिए ट्रामा सेंटर लेकर गए, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। पुलिस टीम सेलफोन की डिटेल खंगालने के साथ ही सर्विलांस की मदद से आरोपी की तलाश में जुट गई है।

पुलिस को घटनास्थल से तमंचा और कारतूस मिले हैं। कमलेश तिवारी के गले पर गहरी चोट है। पुलिस ने बताया कि हमलावरों ने गोली के साथ-साथ गले पर तेजधार हथियार से हमला किया है। उधर, कमलेश तिवारी हत्याकांड से लोगों में आक्रोश फैल गया है। कमलेश के समर्थक खुर्शीदबाग कॉलोनी में प्रदर्शन कर रहे हैं। घटनास्थल पर बड़ी संख्या में पुलिस बल व पीएसी की तैनात है। 

गौरतलब है कि कमलेश तिवारी ने दिसंबर, 2015 में पैगंबर मुहम्मद के खिलाफ विवादित बयान दिया था। इसके बाद कमलेश को ​गिरफ्तार किया गया था और उन पर राष्ट्रीय सुरक्षा कानून (रासुका) भी लगाई गई थी। वह फिलहाल जमानत पर रिहा थे। इलाहाबाद हाईकोर्ट की लखनऊ बेंच ने अभी हाल ही में कमलेश तिवारी पर लगी रासुका को हटा दिया गया था।

उस समय एक मुस्लिम संगठन ने सर कलम करने का फतवा भी जारी किया था। बिजनौर के उलेमा अनवारुल हक और मुफ्ती नईम कासमी पर कमलेश तिवारी का सिर कलम करने का फतवा जारी करने का आरोप लगा था।

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