comScore

जमात-उल-मुजाहिदीन बांग्लादेश आतंकी संगठन घोषित, गृह मंत्रालय ने लगाया बैन

जमात-उल-मुजाहिदीन बांग्लादेश आतंकी संगठन घोषित, गृह मंत्रालय ने लगाया बैन

हाईलाइट

  • गृह मंत्रालय ने शुक्रवार को जमात-उल-मुजाहिदीन बांग्लादेश को आतंकी संगठन घोषित कर दिया
  • इस संगठन को 2016 में ढाका के एक कैफे में हुए आतंकी हमले के लिए दोषी ठहराया गया था
  • यह संगठन भारत में आतंकवादी गतिविधियों के लिए युवाओं को कट्टरपंथी बनाने और भर्ती करने में लगा था

डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। गृह मंत्रालय ने शुक्रवार को जमात-उल-मुजाहिदीन बांग्लादेश को आतंकी संगठन घोषित कर दिया। इस संगठन को 2016 में ढाका के एक कैफे में हुए आतंकी हमले के लिए दोषी ठहराया गया था, जिसमें 17 विदेशियों सहित 22 लोग मारे गए थे। आतंकी हमले के शिकार लोगों में एक भारतीय युवती भी थी। बांग्लादेश में यह संगठन पहले से ही प्रतिबंधित है।

मिनिस्ट्री ऑफ होम अफेयर्स ने बयान जारी करते हुए कहा, 'इस संगठन ने आतंकवाद के कृत्यों को अंजाम दिया है और बढ़ावा दिया है। यह संगठन भारत में आतंकवादी गतिविधियों के लिए युवाओं को कट्टरपंथी बनाने और भर्ती करने में लगा हुआ है। इसलिए, जमात-उल-मुजाहिदीन बांग्लादेश या जमात-उल-मुजाहिदीन भारत या जमात-उल-मुजाहिदीन हिंदुस्तान और इसकी सभी अभिव्यक्तियों को गैरकानूनी गतिविधियों (रोकथाम) अधिनियम, 1967 की पहली अनुसूची में डाला गया है।'

गृह मंत्रालय के एक अधिकारी ने कहा कि यूएपीए की पहली अनुसूची के तहत लिस्टिंग का मतलब है कि संगठन अब भारत में एक प्रतिबंधित संगठन है। 1 जुलाई, 2016 को बांग्लादेश की राजधानी ढाका के गुलशन इलाके में होले आर्टिसन बेकरी में हुए हमले में 17 विदेशियों सहित 20 लोग मारे गए थे। इसके बाद एक संयुक्त अभियान के दौरान पुलिस ने छह हमलावरों को मार गिराया था। छह दिनों के बाद, आतंकवादियों ने बांग्लादेश में एक बार फिर से पुलिस पर हमला किया और तीन और लोगों को मार डाला।

बांग्लादेश पुलिस ने दोनों आतंकी हमलों के लिए आतंकवादी समूह जेएमबी को दोषी ठहराया था। भारत में सुरक्षा एजेंसियों ने 2 अक्टूबर, 2014 को पश्चिम बंगाल के बर्दवान में और 19 जनवरी, 2018 को बोधगया में हुए बम धमाकों के साथ जेएमबी के लिंक स्थापित किए हैं। असम पुलिस ने भी उनके द्वारा दर्ज पांच मामलों में जेएमबी की संलिप्तता पाई है और जेएमबी से जुड़े कुल 56 आरोपियों को गिरफ्तार किया है।

गृह मंत्रालय की अधिसूचना के अनुसार, जेएमबी 1998 में अस्तित्व में आया था। जमात-उल-मुजाहिदीन इंडिया या जमात-उल-मुजाहिदीन हिंदुस्तान जैसे जेएमबी और इसकी संरचनाओं ने आतंकवाद के कृत्यों को बढ़ावा दिया है और भारत में आतंकवादी गतिविधियों के लिए युवाओं के कट्टरपंथीकरण और भर्ती में लगे हुए हैं। जेएमबी भर्ती और आतंकवादी गतिविधियों के लिए धन जुटाने, विस्फोटक रसायनों की खरीद और इम्प्रोवाइज्ड एक्सप्लोसिव डिवाइसेस की असेंबलिंग में जुटी हुई थी।

अधिसूचना में कहा गया है कि जांच में पश्चिम बंगाल, असम और त्रिपुरा के कई जिलों में भारत-बांग्लादेश सीमा के साथ दस किलोमीटर के भीतर स्थायी ठिकाने बनाने की जेएमबी की योजना का भी पता चला है। ये संगठन दक्षिण भारत में अपने नेटवर्क को फैलाने की योजना बनाने में जुटे हुए थे। 

कमेंट करें
aTq5b