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पार्षदों की चुनाव खर्च की सीमा तय नहीं करने पर निर्वाचन आयोग के सचिव को नोटिस 

पार्षदों की चुनाव खर्च की सीमा तय नहीं करने पर निर्वाचन आयोग के सचिव को नोटिस 

डिजिटल डेस्क,जबलपुर। हाईकोर्ट ने नगर प्रशासन विभाग के सचिव संजय दुबे और राज्य निर्वाचन आयोग के सचिव जीपी श्रीवास्तव को नोटिस जारी कर पूछा है कि पार्षदों की चुनाव खर्च की सीमा तय करने पर निर्णय क्यों नहीं लिया गया। जस्टिस जेके माहेश्वरी और जस्टिस अंजुली पालो की युगल पीठ ने अनावेदकों को 26 जुलाई तक जवाब पेश करने का निर्देश दिया है। 

आर्थिक रूप से कमजोर लोगों का चुनाव लडऩा मुश्किल

नागरिक उपभोक्ता मार्गदर्शक मंच के डॉ. पीजी नाजपांडे और रजत भार्गव की ओर से दायर अवमानना याचिका में कहा गया कि नगरीय निकाय चुनाव में महापौर और नगर पालिका अध्यक्ष के लिए चुनाव खर्च की सीमा तय की गई है, लेकिन नगर निगम और नगर पालिका के पार्षदों के लिए चुनाव खर्च की सीमा तय नहीं की गई है। पार्षदों के लिए चुनाव खर्च की सीमा तय नहीं होने से आर्थिक रूप से कमजोर लोगों का चुनाव लडऩा मुश्किल हो गया है। रसूखदार लोग धनबल के जरिए पार्षद पद का चुनाव लड़कर जीत हासिल कर रहे है। इस मामले में हाईकोर्ट ने 15 अप्रैल को जनहित याचिका का निराकरण करते हुए राज्य सरकार और निर्वाचन आयोग को पार्षदों की चुनाव खर्च की सीमा तय करने संबंधी अभ्यावेदन पर विचार जल्द निराकृत करने का निर्देश दिया था। अधिवक्ता पराग चतुर्वेदी और परिमल चतुर्वेदी ने तर्क दिया कि हाईकोर्ट के निर्देश के बाद पार्षदों की चुनाव खर्च की सीमा तय करने पर निर्णय नहीं लिया गया। प्रांरभिक सुनवाई के बाद युगल पीठ ने अनावेदकों को नोटिस जारी कर जवाब-तलब किया है।

चंडालभाटा ट्रांसपोर्ट नगर में क्यों लगाए गए हाइट बेरियर

हाईकोर्ट ने राज्य शासन, कलेक्टर, एसपी और नगर निगम आयुक्त को नोटिस जारी कर पूछा है कि चंडालभाटा ट्रांसपोर्ट नगर में हाइट बेरियर क्यों लगाए गए है। एक्टिंग चीफ जस्टिस आरएस झा और जस्टिस विजय शुक्ला की युगल पीठ ने अनावेदकों को जवाब के लिए चार सप्ताह का समय दिया है। ट्रांसपोर्ट व्यवसायी राजेश अग्रवाल बबलू की ओर से दायर जनहित याचिका में कहा गया है कि जबलपुर के चंडालभाटा ट्रांसपोर्ट नगर और शांतिनगर में सार्वजनिक सड़क पर अवैध तरीके से लोहे और सीमेंट से हाइट बेरियर बना दिए गए है। इसकी वजह से ट्रांसपोर्ट नगर में चार पहिया वाहनों का प्रवेश नहीं हो पा रहा है। अधिवक्ता मनीष सोनी ने तर्क दिया कि सार्वजनिक सड़क पर कोई भी हाइट बेरियर नहीं बना सकता है। अवैध तरीके से बनाए गए हाइट बैरियर को हटाने के लिए कलेक्टर, एसपी और नगर निगम आयुक्त को अभ्यावेदन दिया गया। अभ्यावेदन दिए जाने के बाद भी हाइट बेरियर को हटाने के लिए कोई कार्रवाई नहीं की गई। प्रांरभिक सुनवाई के बाद युगल पीठ ने अनावेदकों को नोटिस जारी कर जवाब-तलब किया है।
 

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