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राष्ट्रपति ने पेश किया सरकार का ऐक्शन प्लान- सुरक्षा, किसानों और गरीबी पर फोकस

June 21st, 2019 08:07 IST

हाईलाइट

  • राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने संसद के संयुक्त सत्र को किया संबोधित
  • राष्ट्रपति ने अपने अभिभाषण में सरकार की भावी योजनाओं और एजेंडे को देश के सामने रखा
  • राज्यसभा का सत्र भी आज से शुरु हो रहा है, जो 26 जुलाई तक चलेगा

डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने आज (20 जून) संसद भवन के सेंट्रल हॉल में अभिभाषण दिया। संसद के संयुक्त सत्र को संबोधित करते हुए राष्ट्रपति कोविंद ने सभी नवनिर्वाचित सांसदों को बधाई दी। इसके साथ ही उन्होंने नरेंद्र मोदी सरकार का ऐक्शन प्लान भी देश के सामने रखा। राष्ट्रपति ने नरेंद्र मोदी सरकार की राष्ट्रीय सुरक्षा, किसानों, जवानों और गरीबों के लिए कई योजनाओं का जिक्र किया। बता दें कि राज्यसभा का सत्र भी आज से शुरु हो गया है, सत्र 26 जुलाई तक चलेगा।

अभिभाषण में राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने कहा, इस बार महिलाओं ने पहले की तुलना में अधिक मतदान किया है। उनकी भागीदारी पुरुषों के बराबर रही है। सभी मतदाता बधाई के पात्र हैं। इस लोकसभा में लगभग आधे सांसद पहली बार निर्वाचित हुए हैं। इस बार 78 महिला सांसदों को चुना जाना नए भारत की तस्वीर प्रस्तुत करता है।

राष्ट्रपति ने कहा, सरकार राष्ट्र निर्माण के उस सोच के प्रति संकल्पित है जिसकी नींव 2014 में रखी गई थी। इस बार मतदाताओं ने मजबूत जनादेश दिया है। सरकार ने सबका साथ, सबका विश्वास पर चलना शुरू किया। बीते 5 सालों के दौरान देशवासियों में ये विश्वास जगा है कि सरकार उनके साथ है।

मोदी सरकार का ऐक्शन प्लान सामने रखते हुए राष्ट्रपति ने कहा-

  • आने वाले समय में जल संकट बढ़ सकता है। जल शक्ति मंत्रालय बनाने का फैसला निर्णायक कदम है। सरकार सूखे की समस्याओं के प्रति भी सचेत है। पहली बार किसी सरकार ने छोटे दुकानदार भाई-बहनों की आर्थिक सुरक्षा पर ध्यान दिया है। कैबिनेट की पहली बैठक में ही छोटे दुकानदारों और रीटेल ट्रेडर्स के लिए एक अलग ‘पेंशन योजना’ को मंजूरी दे दी गई है। इस योजना का लाभ देश के लगभग 3 करोड़ छोटे दुकानदारों को मिलेगा।
     
  • नया भारत, गुरुदेव रवीन्द्र नाथ टैगोर के आदर्श भारत के उस स्वरूप की ओर आगे बढ़ेगा जहां लोगों का चित्त भय-मुक्त हो, और आत्म-सम्मान से उनका मस्तक ऊंचा रहे। गुरुदेव के शब्दों में, चित्तो जेथा भय-शून्नो, उच्चो जेथा शिर।
  • जो किसान हमारा अन्नदाता है, उसकी सम्मान-राशि की पहुंच बढ़ाते हुए, अब ‘प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि’ को देश के प्रत्येक किसान के लिए उपलब्ध कराने का निर्णय लिया गया है। सरकार पहले दिन से ही सभी देशवासियों का जीवन सुधारने, कुशासन से पैदा हुई उनकी मुसीबतें दूर करने और समाज की आखिरी पंक्ति में खड़े व्यक्ति तक सभी जरुरी सुविधाएं पहुंचाने के लक्ष्य के प्रति समर्पित है।

  • हमें अपने बच्चों और आने वाली पीढ़ियों के लिए पानी बचाना ही होगा। नए ‘जलशक्ति मंत्रालय’ का गठन, इस दिशा में एक निर्णायक कदम है जिसके दूरगामी लाभ होंगे। इस नए मंत्रालय के माध्यम से जल संरक्षण एवं प्रबंधन से जुड़ी व्यवस्थाओं को और अधिक प्रभावी बनाया जाएगा। 'नेशनल डिफेंस फंड’ से वीर जवानों के बच्चों को मिलने वाली स्कॉलरशिप की राशि बढ़ा दी गई है। इसमें पहली बार राज्य पुलिस के जवानों के बेटे-बेटियों को भी शामिल किया गया है।

  • किसान ग्रामीण अर्थव्यवस्था के आधारस्तंभ हैं। ग्रामीण भारत को मजबूत बनाने के लिए बड़े पैमाने पर निवेश किया गया है। 25 लाख करोड़ रुपये का आने वर्षों में और निवेश किया जाएगा। 2022 तक किसान की आय दोगुनी हो सके इसके लिए कई कदम उठाए गए हैं।

  • आज भारत दुनिया के सबसे अधिक स्टार्टअप वाले देशों में शामिल हो गया है। सरकार भ्रष्टाचार के विरुद्ध अपनी जीरो टॉलरेंस की नीति को और ज्यादा मजबूत करेगी। आज भारत विश्व की सबसे तेजी से विकसित हो रही अर्थव्यवस्थाओं में से एक है।

  • ‘ईज ऑफ डूइंग बिजनेस’ की रैंकिंग में वर्ष 2014 में भारत 142वें स्थान पर था। पिछले 5 सालों में 65 रैंक ऊपर आकर 77वें स्थान पर पहुंच गया है। अब विश्व के शीर्ष 50 देशों की सूची में आना हमारा लक्ष्य है। टैक्स-व्यवस्था में निरंतर सुधार के साथ-साथ सरलीकरण पर भी जोर दिया जा रहा है। 5 लाख रुपए तक की आय को कर मुक्त करने का फैसला इसी दिशा में उठाया गया एक महत्वपूर्ण कदम है।

बता दें कि, राज्यसभा का सत्र भी आज से शुरु हो गया है। जबकि लोकसभा का सत्र 17 जून से शुरु हो चुका है। संसद का यह सत्र 26 जुलाई तक चलेगा। 4 जुलाई को वित्त मंत्रालय का आर्थिक सर्वेक्षण आएगा। 5 जुलाई को वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण बजट पेश करेंगी।

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