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22 करोड़ की जीएसटी चोरी के आरोपी शैलेष राजपाल को नहीं मिली जमानत

22 करोड़ की जीएसटी चोरी के आरोपी शैलेष राजपाल को नहीं मिली जमानत

डिजिटली डेस्क जबलपुर । 22 करोड़ रुपए की जीएसटी चोरी के मामले में गिरफ्तार शैलेश राजपाल को हाईकोर्ट से भी जमानत नहीं मिली। पूर्व में आरोपी की जमानत अर्जी निचली अदालत से भी खारिज हुई थी। गुरुवार को मामले पर सुरक्षित रखा फैसला सुनाते हुए जस्टिस राजीव कुमार दुबे की एकलपीठ ने कहा- च्यह टैक्स चोरी की बड़ी रकम का मामला है, जिसकी जांच फिलहाल जारी है। ऐसे में इस बात से इंकार नहीं किया जा सकता कि जमानत मिलने पर आरोपी सबूतों से छेड़छाड़ कर सकता है।

रकम ब्याज के साथ 62 करोड़ रुपए हो गई
गौरतलब है कि 17 सितंबर 2019 को गिरफ्तार शैलेष राजपाल पर आरोप है कि उसकी में. साईं सन आउट सोर्सिंग सर्विसेज प्रा. लि. का टर्नओवर जुलाई 2017 से मार्च 2018 के बीच 174 करोड़ रुपए का था। उसने फर्मों से जीएसटी की रकम तो वसूली, लेकिन वह विभाग में जमा नहीं की। इस तरह उसने 22 करोड़ रुपए की जीएसटी चोरी की। उस पर लगी पेनाल्टी की रकम ब्याज के साथ 62 करोड़ रुपए हो गई है। निचली अदालत से 20 सितंबर को जमानत न मिलने पर यह अर्जी हाईकोर्ट में दायर की गई थी। मामले पर हुई सुनवाई के दौरान जीएसटी आयुक्त की ओर से अधिवक्ता सिद्धार्थ सेठ ने दलीलें रखीं। उन्होंने अदालत को बताया कि टैक्स चोरी करना और अधिकारियों के समक्ष फर्जी दस्तावेज पेश करना आरोपी की आदत में शामिल है। उन्होंने कहा कि यदि आरोपी को जमानत का लाभ दिया जाता है, तो तय है कि वह सबूतों के साथ छेड़छाड़ करेगा। सुनवाई के बाद अदालत ने पूरे मामले पर गौर करने के बाद आरोपी की जमानत अर्जी खारिज कर दी।

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