दैनिक भास्कर हिंदी: एशियाई चैम्पियनशिप: मनु का गोल्डन शूट, दीपक ने ओलिंपिक क्वालीफाई किया

November 5th, 2019

हाईलाइट

  • भाकर ने फाइनल्स में 244.3 के स्कोर के साथ स्वर्ण पदक जीता
  • मनु पहले ही टोक्यो ओलंपिक-2020 कोटा हासिल कर चुकी हैं
  • दीपक कुमार ने कांस्य के साथ टोक्यो ओ​लिंपिक का टिकट हासिल किया

डिजिटल डेस्क, दोहा (कतर)। भारत की निशानेबाज मनु भाकर ने यहां जारी 14वें एशियाई चैम्पियनशिप में महिलाओं की 10 मीटर एयर पिस्टल स्पर्धा में स्वर्ण पदक अपने नाम कर लिया। भाकर से पहले इसी स्पर्धा में दीपक कुमार ने कांस्य पदक जीतने के साथ ही टोक्यो ओ​लिंपिक का टिकट हासिल कर लिया है। भारतीय खेल प्राधिकरण (साई) ने अपने आधिकारिक ट्विटर पर इसकी जानकारी दी।

 

भाकर ने फाइनल्स में 244.3 के स्कोर के साथ पहले स्थान पर रहते हुए स्वर्ण पदक अपने नाम किया। चैंपियनशिप में भारत का यह पहला स्वर्ण पदक है। मनु पहले ही टोक्यो ओलंपिक-2020 कोटा हासिल कर चुकी हैं। 17 साल की युवा निशानेबाज मनु ने इस साल मई में जर्मनी के म्युनिख में हुए विश्वकप निशानेबाजी टूर्नामेंट में महिलाओं की 10 मीटर एयर पिस्टल स्पर्धा में चौथे स्थान पर रहते हुए टोक्यो ओलंपिक का कोटा हासिल किया था।

वहीं चीन की क्यिान वांग ने 242.8 स्कोर के साथ रजत और वांग की हमवतन रेनक्सिन जियांग ने 220.2 स्कोर के साथ इस स्पर्धा का कांस्य पदक हासिल किया। भारत की यशस्वणी सिंह देशवाल ने इसी स्पर्धा में 157.4 के स्कोर के साथ छठा स्थान हासिल किया। 

वहीं वाणीकपूर और मनीषा कीर की जोड़ी ने चैंपियनशिप के मिश्रित टीम स्पर्धा में स्वर्ण पदक पर कब्जा जमाया। भारतीय जोड़ी ने फाइनल में चीनी जोड़ी को 34-29 से स्वर्ण पदक अपने नाम किया।

 

दीपक ने कांस्य जीत खुद को दिया बर्थडे गिफ्ट
इससे पहले दीपक ने मंगलवार को ही पुरुषों की 10 मीटर एयर राइफल स्पर्धा का कांस्य पदक अपने नाम करने के साथ ही 2020 में होने वाले खेलों महाकुंभ के लिए क्वालीफाई किया। भारतीय निशानेबाजों द्वारा हासिल किया गया, यह 10वां ओलिंपिक कोटा है। अब तक निशानेबाजी (राइफल एवं पिस्टल स्पर्धा) में एशियाई देशों में चीन ने सबसे अधिक 25 ओलिंपिक कोटे अपने नाम किए हैं। 32 वर्षीय दीपक ने अपने जन्मदिन को यादगार बनाते हुए दमदार प्रदर्शन किया। उन्होंने क्वालीफिकेशन में कुल 626.8 अंक हासिल किए और तीसरे पायदान पर रहते हुए फाइनल में जगह बनाई। फाइनल में भी भारतीय खिलाड़ी का प्रदर्शन अच्छा रहा और उसने कांस्य पदक जीता।