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एशियाई चैम्पियनशिप: मनु का गोल्डन शूट, दीपक ने ओलिंपिक क्वालीफाई किया

एशियाई चैम्पियनशिप: मनु का गोल्डन शूट, दीपक ने ओलिंपिक क्वालीफाई किया

हाईलाइट

  • भाकर ने फाइनल्स में 244.3 के स्कोर के साथ स्वर्ण पदक जीता
  • मनु पहले ही टोक्यो ओलंपिक-2020 कोटा हासिल कर चुकी हैं
  • दीपक कुमार ने कांस्य के साथ टोक्यो ओ​लिंपिक का टिकट हासिल किया

डिजिटल डेस्क, दोहा (कतर)। भारत की निशानेबाज मनु भाकर ने यहां जारी 14वें एशियाई चैम्पियनशिप में महिलाओं की 10 मीटर एयर पिस्टल स्पर्धा में स्वर्ण पदक अपने नाम कर लिया। भाकर से पहले इसी स्पर्धा में दीपक कुमार ने कांस्य पदक जीतने के साथ ही टोक्यो ओ​लिंपिक का टिकट हासिल कर लिया है। भारतीय खेल प्राधिकरण (साई) ने अपने आधिकारिक ट्विटर पर इसकी जानकारी दी।

भाकर ने फाइनल्स में 244.3 के स्कोर के साथ पहले स्थान पर रहते हुए स्वर्ण पदक अपने नाम किया। चैंपियनशिप में भारत का यह पहला स्वर्ण पदक है। मनु पहले ही टोक्यो ओलंपिक-2020 कोटा हासिल कर चुकी हैं। 17 साल की युवा निशानेबाज मनु ने इस साल मई में जर्मनी के म्युनिख में हुए विश्वकप निशानेबाजी टूर्नामेंट में महिलाओं की 10 मीटर एयर पिस्टल स्पर्धा में चौथे स्थान पर रहते हुए टोक्यो ओलंपिक का कोटा हासिल किया था।

वहीं चीन की क्यिान वांग ने 242.8 स्कोर के साथ रजत और वांग की हमवतन रेनक्सिन जियांग ने 220.2 स्कोर के साथ इस स्पर्धा का कांस्य पदक हासिल किया। भारत की यशस्वणी सिंह देशवाल ने इसी स्पर्धा में 157.4 के स्कोर के साथ छठा स्थान हासिल किया। 

वहीं वाणीकपूर और मनीषा कीर की जोड़ी ने चैंपियनशिप के मिश्रित टीम स्पर्धा में स्वर्ण पदक पर कब्जा जमाया। भारतीय जोड़ी ने फाइनल में चीनी जोड़ी को 34-29 से स्वर्ण पदक अपने नाम किया।

दीपक ने कांस्य जीत खुद को दिया बर्थडे गिफ्ट
इससे पहले दीपक ने मंगलवार को ही पुरुषों की 10 मीटर एयर राइफल स्पर्धा का कांस्य पदक अपने नाम करने के साथ ही 2020 में होने वाले खेलों महाकुंभ के लिए क्वालीफाई किया। भारतीय निशानेबाजों द्वारा हासिल किया गया, यह 10वां ओलिंपिक कोटा है। अब तक निशानेबाजी (राइफल एवं पिस्टल स्पर्धा) में एशियाई देशों में चीन ने सबसे अधिक 25 ओलिंपिक कोटे अपने नाम किए हैं। 32 वर्षीय दीपक ने अपने जन्मदिन को यादगार बनाते हुए दमदार प्रदर्शन किया। उन्होंने क्वालीफिकेशन में कुल 626.8 अंक हासिल किए और तीसरे पायदान पर रहते हुए फाइनल में जगह बनाई। फाइनल में भी भारतीय खिलाड़ी का प्रदर्शन अच्छा रहा और उसने कांस्य पदक जीता।

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छत्तीसगढ़ में नक्सलवाद का खात्मा ठोस रणनीति से संभव - अभय तिवारी

छत्तीसगढ़ में नक्सलवाद का खात्मा ठोस रणनीति से संभव - अभय तिवारी

डिजिटल डेस्क, भोपाल। 21वीं सदी में भारत की राजनीति में तेजी से बदल रही हैं। देश की राजनीति में युवाओं की बढ़ती रूचि और अपनी मौलिक प्रतिभा से कई आमूलचूल परिवर्तन देखने को मिल रहे हैं। बदलते और सशक्त होते भारत के लिए यह राजनीतिक बदलाव बेहद महत्वपूर्ण साबित होगा ऐसी उम्मीद हैं।

अलबत्ता हमारी खबरों की दुनिया लगातार कई चहरों से निरंतर संवाद करती हैं। जो सियासत में तरह तरह से काम करते हैं। उनको सार्वजनिक जीवन में हमेशा कसौटी पर कसने की कोशिश में मीडिया रहती हैं।

आज हम बात करने वाले हैं मध्यप्रदेश युवा कांग्रेस (सोशल मीडिया) प्रभारी व राष्ट्रीय समन्वयक, भारतीय युवा कांग्रेस अभय तिवारी से जो अपने गृह राज्य छत्तीसगढ़ से जुड़े मुद्दों पर बेबाकी से अपनी राय रखते हैं और छत्तीसगढ़ को बेहतर बनाने के प्रयास के लिए लामबंद हैं।

जैसे क्रिकेट की दुनिया में जो खिलाड़ी बॉलिंग फील्डिंग और बल्लेबाजी में बेहतर होता हैं। उसे ऑलराउंडर कहते हैं अभय तिवारी भी युवा तुर्क होने के साथ साथ अपने संगठन व राजनीती  के ऑल राउंडर हैं। अब आप यूं समझिए कि अभय तिवारी देश और प्रदेश के हर उस मुद्दे प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से लगातार अपना योगदान देते हैं। जिससे प्रदेश और देश में सकारात्मक बदलाव और विकास हो सके।

छत्तीसगढ़ में नक्सल समस्या बहुत पुरानी है. लाल आतंक को खत्म करने के लिए लगातार कोशिशें की जा रही है. बावजूद इसके नक्सल समस्या बरकरार है।  यह भी देखने आया की पूर्व की सरकार की कोशिशों से नक्सलवाद नहीं ख़त्म हुआ परन्तु कांग्रेस पार्टी की भूपेश सरकार के कदम का समर्थन करते हुए भारतीय युवा कांग्रेस के राष्ट्रीय कोऑर्डिनेटर अभय तिवारी ने विश्वास जताया है कि कांग्रेस पार्टी की सरकार एक संवेदनशील सरकार है जो लड़ाई में नहीं विश्वास जीतने में भरोसा करती है।  श्री तिवारी ने आगे कहा कि जितने हमारे फोर्स हैं, उसके 10 प्रतिशत से भी कम नक्सली हैं. उनसे लड़ लेना कोई बड़ी बात नहीं है, लेकिन विश्वास जीतना बहुत कठिन है. हम लोगों ने 2 साल में बहुत विश्वास जीता है और मुख्यमंत्री के दावों पर विश्वास जताया है कि नक्सलवाद को यही सरकार खत्म कर सकती है।  

बरहाल अभय तिवारी छत्तीसगढ़ मुख्यमंत्री बघेल के नक्सलवाद के खात्मे और छत्तीसगढ़ के विकास के संबंध में चलाई जा रही योजनाओं को जन-जन तक पहुंचाने के लिए निरंतर काम कर रहे हैं. ज्ञात हो कि छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री ने यह कई बार कहा है कि अगर हथियार छोड़ते हैं नक्सली तो किसी भी मंच पर बातचीत के लिए तैयार है सरकार। वहीं अभय तिवारी  सर्कार के समर्थन में कहा कि नक्सली भारत के संविधान पर विश्वास करें और हथियार छोड़कर संवैधानिक तरीके से बात करें।  कांग्रेस सरकार संवेदनशीलता का परिचय देते हुए हर संभव नक्सलियों को सामाजिक  देने का प्रयास करेगी।  

बीते 6 महीने से ज्यादा लंबे चल रहे किसान आंदोलन में भी प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से अभय तिवारी की खासी महत्वपूर्ण भूमिका हैं। युवा कांग्रेस के बैनर तले वे लगातार किसानों की मदद के लिए लगे हुए हैं। वहीं मौजूदा वक्त में कोरोना की दूसरी लहर के बाद बिगड़ी स्थितियों में मरीजों को ऑक्सीजन और जरूरी दवाऐं निशुल्क उपलब्ध करवाने से लेकर जरूरतमंद लोगों को राशन की व्यवस्था करना। राजनीति से इतर बेहद जरूरी और मानव जीवन की रक्षा के लिए प्रयासरत हैं।

बहरहाल उम्मीद है कि देश जल्दी करोना से मुक्त होगा और छत्तीसगढ़ जैसा राज्य नक्सलवाद को जड़ से उखाड़ देगा। देश के बाकी संपन्न और विकासशील राज्यों की सूची में जल्द शामिल होगा। लेकिन ऐसा तभी संभव होगा जब अभय तिवारी जैसे युवा और विजनरी नेता निरंतर रणनीति के साथ काम करेंगे तो जल्द ही छत्तीसगढ़ भी देश के संपन्न राज्यों की सूची में शामिल होगा।