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शतरंज : एशिया के पहले ग्रैंड स्लैम टूर में आनंद, कार्लसन पर होंगी सबकी नजर

शतरंज : एशिया के पहले ग्रैंड स्लैम टूर में आनंद, कार्लसन पर होंगी सबकी नजर

हाईलाइट

  • विश्वनाथन आनंद इस महीने के आखिर में होने वाले ग्रैंड शतरंज टूर फाइनल्स में अपनी जगह पक्की करना चाहेंगे
  • ग्रैंड शतरंज टूर (जीसीटी) का आयोजन पहली बार एशिया में हो रहा है

डिजिटल डेस्क, कोलकाता। दिग्गज शतरंज खिलाड़ी विश्वनाथन आनंद इस महीने के आखिर में होने वाले ग्रैंड शतरंज टूर फाइनल्स में अपनी जगह पक्की करना चाहेंगे। ग्रैंड शतरंज टूर (जीसीटी) का आयोजन पहली बार एशिया में हो रहा है। विश्व चैंपियन मैग्नस कार्लसन भी इसमें भाग लेने जा रहे हैं। जीसीटी के साल के दूसरे अंतिम चरण का आयोजन यहां प्रतिष्ठित राष्ट्रीय पुस्तकालय में 22 से 26 नवंबर तक किया जाएगा, जिसमें विश्व के टॉप-10 खिलाड़ी भाग लेंगे।

पांच बार के विश्व चैंपियन आनंद नार्वे के कार्लसन के खिलाफ मुकाबले से अभियान की शुरुआत करेंगे। कार्लसन चेन्नई में 2013 विश्व चैंपियन में आनंद को हराने के बाद से पहली बार भारत में खेलेंगे। अगस्त में शिनफील्ड कप में संयुक्त रूप से तीसरे स्थान पर रहने के अपने निराशाजनक प्रदर्शन के बाद आनंद को अब तक जीसीटी फाइनल्स में जगह बनाने के लिए बचे दो चरणों में केवल 13 अंकों की दरकार है।

जीसीटी फाइनल्स का आयोजन 30 नवंबर से 10 दिसंबर तक लंदन में होगा। आनंद इस समय बुखारेस्ट में छह से 10 नवंबर तक जारी सुपरबेट रेपिड एवं ब्लिट्ज में भाग ले रहे हैं। वह अभी ग्रैंड शतरंज टूर में 24 अंकों के साथ आठवें स्थान पर हैं। दिग्गज आनंद के लिए कोलकाता हमेशा से भाग्यशाली रहा है। उन्होंने 1986 में यहां अपना पहला ग्रैंड मास्टर टूर्नामेंट खेला था जबकि पिछले साल ही टाटा स्टील ब्लिटज टूर्नामेंट जीता था।

इस टूर्नामेंट में शीर्ष 15 में से आठ खिलाड़ी हिस्सा ले रहे हैं और इनमें आनंद और कार्लसन के अलावा डिंग लिरेन, इयान नेपोमनियाची, लेवन आरोनियन, अनिश गिरी, वेस्ले सो, हिकारू नाकामूरा भी शामिल हैं।

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छत्तीसगढ़ में नक्सलवाद का खात्मा ठोस रणनीति से संभव - अभय तिवारी

छत्तीसगढ़ में नक्सलवाद का खात्मा ठोस रणनीति से संभव - अभय तिवारी

डिजिटल डेस्क, भोपाल। 21वीं सदी में भारत की राजनीति में तेजी से बदल रही हैं। देश की राजनीति में युवाओं की बढ़ती रूचि और अपनी मौलिक प्रतिभा से कई आमूलचूल परिवर्तन देखने को मिल रहे हैं। बदलते और सशक्त होते भारत के लिए यह राजनीतिक बदलाव बेहद महत्वपूर्ण साबित होगा ऐसी उम्मीद हैं।

अलबत्ता हमारी खबरों की दुनिया लगातार कई चहरों से निरंतर संवाद करती हैं। जो सियासत में तरह तरह से काम करते हैं। उनको सार्वजनिक जीवन में हमेशा कसौटी पर कसने की कोशिश में मीडिया रहती हैं।

आज हम बात करने वाले हैं मध्यप्रदेश युवा कांग्रेस (सोशल मीडिया) प्रभारी व राष्ट्रीय समन्वयक, भारतीय युवा कांग्रेस अभय तिवारी से जो अपने गृह राज्य छत्तीसगढ़ से जुड़े मुद्दों पर बेबाकी से अपनी राय रखते हैं और छत्तीसगढ़ को बेहतर बनाने के प्रयास के लिए लामबंद हैं।

जैसे क्रिकेट की दुनिया में जो खिलाड़ी बॉलिंग फील्डिंग और बल्लेबाजी में बेहतर होता हैं। उसे ऑलराउंडर कहते हैं अभय तिवारी भी युवा तुर्क होने के साथ साथ अपने संगठन व राजनीती  के ऑल राउंडर हैं। अब आप यूं समझिए कि अभय तिवारी देश और प्रदेश के हर उस मुद्दे प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से लगातार अपना योगदान देते हैं। जिससे प्रदेश और देश में सकारात्मक बदलाव और विकास हो सके।

छत्तीसगढ़ में नक्सल समस्या बहुत पुरानी है. लाल आतंक को खत्म करने के लिए लगातार कोशिशें की जा रही है. बावजूद इसके नक्सल समस्या बरकरार है।  यह भी देखने आया की पूर्व की सरकार की कोशिशों से नक्सलवाद नहीं ख़त्म हुआ परन्तु कांग्रेस पार्टी की भूपेश सरकार के कदम का समर्थन करते हुए भारतीय युवा कांग्रेस के राष्ट्रीय कोऑर्डिनेटर अभय तिवारी ने विश्वास जताया है कि कांग्रेस पार्टी की सरकार एक संवेदनशील सरकार है जो लड़ाई में नहीं विश्वास जीतने में भरोसा करती है।  श्री तिवारी ने आगे कहा कि जितने हमारे फोर्स हैं, उसके 10 प्रतिशत से भी कम नक्सली हैं. उनसे लड़ लेना कोई बड़ी बात नहीं है, लेकिन विश्वास जीतना बहुत कठिन है. हम लोगों ने 2 साल में बहुत विश्वास जीता है और मुख्यमंत्री के दावों पर विश्वास जताया है कि नक्सलवाद को यही सरकार खत्म कर सकती है।  

बरहाल अभय तिवारी छत्तीसगढ़ मुख्यमंत्री बघेल के नक्सलवाद के खात्मे और छत्तीसगढ़ के विकास के संबंध में चलाई जा रही योजनाओं को जन-जन तक पहुंचाने के लिए निरंतर काम कर रहे हैं. ज्ञात हो कि छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री ने यह कई बार कहा है कि अगर हथियार छोड़ते हैं नक्सली तो किसी भी मंच पर बातचीत के लिए तैयार है सरकार। वहीं अभय तिवारी  सर्कार के समर्थन में कहा कि नक्सली भारत के संविधान पर विश्वास करें और हथियार छोड़कर संवैधानिक तरीके से बात करें।  कांग्रेस सरकार संवेदनशीलता का परिचय देते हुए हर संभव नक्सलियों को सामाजिक  देने का प्रयास करेगी।  

बीते 6 महीने से ज्यादा लंबे चल रहे किसान आंदोलन में भी प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से अभय तिवारी की खासी महत्वपूर्ण भूमिका हैं। युवा कांग्रेस के बैनर तले वे लगातार किसानों की मदद के लिए लगे हुए हैं। वहीं मौजूदा वक्त में कोरोना की दूसरी लहर के बाद बिगड़ी स्थितियों में मरीजों को ऑक्सीजन और जरूरी दवाऐं निशुल्क उपलब्ध करवाने से लेकर जरूरतमंद लोगों को राशन की व्यवस्था करना। राजनीति से इतर बेहद जरूरी और मानव जीवन की रक्षा के लिए प्रयासरत हैं।

बहरहाल उम्मीद है कि देश जल्दी करोना से मुक्त होगा और छत्तीसगढ़ जैसा राज्य नक्सलवाद को जड़ से उखाड़ देगा। देश के बाकी संपन्न और विकासशील राज्यों की सूची में जल्द शामिल होगा। लेकिन ऐसा तभी संभव होगा जब अभय तिवारी जैसे युवा और विजनरी नेता निरंतर रणनीति के साथ काम करेंगे तो जल्द ही छत्तीसगढ़ भी देश के संपन्न राज्यों की सूची में शामिल होगा।