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मैरी कॉम ने कहा, कौन है निखहत जरीन?

मैरी कॉम ने कहा, कौन है निखहत जरीन?

हाईलाइट

  • एमसी मैरी कॉम ने कहा है कि, वह निखत को नहीं जानती
  • मैरी कॉम ने बिंद्रा को भी आड़े हाथों लिया है और कहा है कि, उन्हें निशानेबाजी पर ध्यान देना चाहिए
  • निखहत के ट्वीट को ओलंपिक गोल्ड मेडल विजेता निशानेबाज अभिनव बिंद्रा का भी समर्थन मिला था
  • निखहत ने गुरुवार को ट्वीटर पर खेल मंत्री को लिखे पत्र को साझा किया था

डिजिटल डेस्क, कोलकाता। निखहत जरीन द्वारा खेल मंत्री को ट्रायल्स के संबंध में पत्र लिखने के बाद दिग्गज महिला मुक्केबाज एमसी मैरी कॉम ने कहा है कि, वह निखत को नहीं जानती। मैरी कॉम और निखहत ओलंपिक क्वालीफायर के लिए ट्रायल्स के आयोजन को लेकर एक-दूसरे के आमने-सामने हैं।

मैरी कॉम ने कहा, निखहत जरीन कौन है? मैं उन्हें नहीं जानती। जो हो रहा है मैं उससे बेहद दुखी हूं। मैंने विश्व चैंपियनशिप में 8 मेडल अपने नाम किए हैं, जिसमें 6 गोल्ड हैं। भारतीय मुक्केबाजी महासंघ (बीएफआई) को फैसला करने दीजिए की वह किसे भेजना चाहते हैं। वह इस तरह की बातें कैसे कर सकती हैं? भारतीय टीम में जगह बनाने के लिए वह लॉबिइंग नहीं कर सकतीं। यह सही नहीं है।

बीएफआई ने कहा था कि, ओलंपिक क्वालीफायर के लिए 51 किलोग्राम भारवर्ग में ट्रायल्स नहीं होंगी और मैरी कॉम सीधे तीन से 14 फरवरी के बीच चीन के वुहान में होने वाले क्वालीफायर में खेलेंगी। निखहत ने बीएफआई के इस फैसले पर नाराजगी जताई थी।

निखहत ने बुधवार को कहा था कि, बीएफआई अध्यक्ष अजय सिंह से संपर्क करने में विफलता के बाद वह खेल मंत्री से बात करेंगी और निखहत ने ठीक वैसा ही किया। उन्होंने गुरुवार को ट्वीटर पर खेल मंत्री को लिखे पत्र को साझा भी किया था।

निखहत के ट्वीट को ओलंपिक गोल्ड मेडल विजेता निशानेबाज अभिनव बिंद्रा का भी समर्थन मिला था। मैरी कॉम ने बिंद्रा को भी आड़े हाथों लिया है और कहा है कि, उन्हें निशानेबाजी पर ध्यान देना चाहिए।

मैरी कॉम ने कहा, मैं जानती हूं कि इसके पीछे कौन है। यह जेएसडब्ल्यू के लोग हैं और मैं अभिनव बिंद्रा से कहना चाहती हूं कि, आप मुक्केबाजी के बारे में कुछ नहीं जानते हैं इसलिए आप कृपया निशानेबाजी पर ध्यान दें। मैं एक दशक से ज्यादा से मुक्केबाजी कर रही हूं और मुझे कितनी बार ट्रायल्स से गुजरना होगा। क्या मेरे रिकॉर्ड और पदक मेरे बारे में नहीं बताते।

रिजिजू ने हालांकि कहा है कि, वह मंत्री होने के नाते खिलाड़ियों के चयन का हिस्सा नहीं होते। उन्होंने कहा, मैं इस बात को बीएफआई तक जरूर ले जाऊंगा ताकि देश को प्राथमिकता देते हुए सर्वश्रेष्ठ नतीजा निकाला जा सके।
 

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