कलकत्ता हाई कोर्ट ने टीएमसी विधायक कुणाल घोष की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए पुलिस प्रमुख को दिया निर्देश
कोलकाता, 12 अक्टूबर (आईएएनएस)। कलकत्ता हाईकोर्ट ने सोमवार को कोलकाता पुलिस आयुक्त को तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) के विधायक कुणाल घोष की सुरक्षा सुनिश्चित करने का निर्देश दिया। कुणाल घोष ने पिछले महीने दो लगातार हमलों की शिकायत की थी।
न्यायमूर्ति सौगत भट्टाचार्य की एकल पीठ ने कोलकाता पुलिस को यह भी सुनिश्चित करने को कहा कि भविष्य में कुणाल घोष पर इस तरह के हमले दोबारा न हों।
अदालत ने मामले को कलकत्ता हाईकोर्ट की एक खंडपीठ (डिवीजन बेंच) को भेज दिया है। इस मामले की सुनवाई पश्चिम बंगाल में लोगों पर अंडे फेंकने की घटनाओं से संबंधित जनहित याचिका के साथ की जाएगी।
न्यायमूर्ति भट्टाचार्य ने कोलकाता पुलिस आयुक्त अजय के. नंद के कार्यालय को अगली सुनवाई तक मामले पर एक रिपोर्ट दाखिल करने का भी निर्देश दिया।
28 सितंबर को कुणाल घोष ने अपनी सुरक्षा को लेकर हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया था। बेलियाघाटा से विधायक घोष ने आरोप लगाया था कि 24 घंटे के भीतर उन पर और उनकी गाड़ी पर दो बार हमला हुआ। पहला हमला 26 सितंबर को हुगली जिले के उत्तरपाड़ा के पास और दूसरा 27 सितंबर को कोलकाता में हुआ था।
सोमवार को मामले की सुनवाई के दौरान न्यायमूर्ति भट्टाचार्य ने पुलिस आयुक्त को घोष की सुरक्षा सुनिश्चित करने का आदेश दिया।
सुनवाई के दौरान घोष के वकील ने उनकी सुरक्षा को लेकर चिंता जताई। उन्होंने कहा कि एक जनप्रतिनिधि होने के बावजूद कुणाल घोष को केवल दो पुलिसकर्मी सुरक्षा के लिए दिए गए हैं। वकील ने उनके लिए पायलट कार समेत अतिरिक्त सुरक्षा की मांग की।
वकील ने कहा, "26 और 27 सितंबर की घटनाओं को सिर्फ अंडे फेंकने की घटना नहीं माना जा सकता। यह उनके जीवन पर हमला करने की कोशिश थी।"
इस दलील पर न्यायमूर्ति भट्टाचार्य ने सवाल उठाया कि जब दो पुलिसकर्मी सुरक्षा में तैनात थे तो भीड़ द्वारा हमला कैसे हो गया। अदालत ने यह भी पूछा कि सुरक्षा कर्मियों की मौजूदगी के बावजूद ऐसी स्थिति क्यों पैदा हुई।
कुणाल घोष की गाड़ी पर कथित तौर पर 26 सितंबर की दोपहर हुगली जिले के उत्तरपाड़ा में हमला हुआ था, जब वह पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी की रैली में शामिल होने के लिए सेरामपुर जा रहे थे।
घोष ने आरोप लगाया था कि इस घटना के पीछे भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के कार्यकर्ता थे।
अगले दिन घोष ने दावा किया कि उनके कोलकाता स्थित बेलियाघाटा विधानसभा क्षेत्र में फिर से उन्हें निशाना बनाया गया। उन्होंने आरोप लगाया कि घर से निकलने के बाद कुछ लोग उनकी गाड़ी का पीछा कर रहे थे और उनमें से कुछ के पास रिवॉल्वर भी थी।
घोष के अनुसार, उनकी कार के शीशे हथौड़े से तोड़ने की कोशिश की गई और गाड़ी के आगे व पीछे के शीशों पर पत्थर भी फेंके गए, जिससे वाहन को नुकसान पहुंचा।
उन्होंने कहा कि उनकी गाड़ी का नरकेलडांगा तक पीछा किया गया और इस हमले के पीछे भाजपा समर्थित लोगों का हाथ था। साथ ही उन्होंने आरोप लगाया कि इन घटनाओं के बावजूद पुलिस निष्क्रिय बनी रही।
हालांकि, भाजपा ने इन हमलों में किसी भी तरह की संलिप्तता से इनकार किया है।
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Created On :   12 Oct 2026 9:02 PM IST












