डेस्क जॉब में घंटों कुर्सी पर बैठकर हो रहा कमर दर्द? पश्चिमोत्तानासन से दें अपनी बैक को नया जीवन

डेस्क जॉब में घंटों कुर्सी पर बैठकर हो रहा कमर दर्द? पश्चिमोत्तानासन से दें अपनी बैक को नया जीवन
आज की तेज रफ्तार वाली जीवनशैली में हमारा ज्यादातर समय ऑफिस या कुर्सी पर बैठकर गुजरता है। इससे रीढ़ की हड्डी, कमर और पीठ की मांसपेशियों में तनाव और दर्द होने होना आम बात है। ऐसे में पश्चिमोत्तानासन शरीर को कई तरह के लाभ पहुंचाते हैं।

नई दिल्ली, 4 अप्रैल (आईएएनएस)। आज की तेज रफ्तार वाली जीवनशैली में हमारा ज्यादातर समय ऑफिस या कुर्सी पर बैठकर गुजरता है। इससे रीढ़ की हड्डी, कमर और पीठ की मांसपेशियों में तनाव और दर्द होने होना आम बात है। ऐसे में पश्चिमोत्तानासन शरीर को कई तरह के लाभ पहुंचाते हैं।

यह आसन हठयोग की मूलभूत मुद्राओं में शामिल है। इसे 'सीटेड फॉरवर्ड बेंड' या 'पश्चिम उत्तासन' भी कहते हैं। यह एक संस्कृत शब्द है, 'पश्चिम' का अर्थ 'शरीर का पिछला हिस्सा' और 'उत्तान' का अर्थ 'गहरा खिंचाव' या तीव्र विस्तार और 'आसन' का अर्थ 'मुद्रा' है। यानी यह आसन शरीर के पिछले हिस्से को गहराई से खींचता है।

हठ योग प्रदीपिका के अनुसार, पश्चिमोत्तानासन एक प्रमुख आसन है, जिसे 'आसनों में सर्वश्रेष्ठ' में से एक माना जाता है और यह हठ योग के 12 मूल आसनों में गिना जाता है। यह आसन पीठ और पैरों को अच्छा खिंचाव देता है और पाचन तंत्र को मजबूत बनाता है। यही नहीं, पेट की चर्बी को भी कम करता है।

आयुष मंत्रालय के अनुसार, पश्चिमोत्तानासन (सीटेड फॉरवर्ड बेंड) मधुमेह, साइटिका और मोटापे के लिए एक अत्यंत लाभकारी योगासन है, जो वरिष्ठ नागरिकों के लिए विशेष रूप से फायदेमंद है। यह पेट के अंगों को उत्तेजित करता है, रीढ़ की हड्डी को लचीला बनाता है और मानसिक तनाव व चिंता को कम करने में मदद करता है।

पश्चिमोत्तानासन करने से पहले सही तरीका जानना बेहद जरूरी है। इसे करते समय शरीर पर ज्यादा जोर न डालें खासकर जब आप इसकी शुरुआत कर रहे हैं। इस आसन को करने के लिए सबसे पहले जमीन पर पैरों को सीधे फैलाकर बैठें। फिर गहरी सांस लें और धीरे-धीरे शरीर को आगे की ओर झुकाएं। अपनी क्षमता अनुसार हाथों से पैरों को छुएं और सिर या नाक घुटनों से मिलाएं। थोड़ी देर ऐसे ही रुकें, फिर धीरे-धीरे वापस सीधा हो जाएं।

शुरू में इस आसन को करने के लिए शरीर पर ज्यादा दबाव न डालें। रोजाना योगाभ्यास करने से शरीर खुलने लगेगा। पेट में अल्सर, दस्त या हाल ही में पेट की सर्जरी हुई हो तो यह आसन न करें या फिर किसी भी विशेषज्ञ की सलाह पर ही करें।

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Created On :   4 April 2026 9:08 AM IST

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