राज्यसभा चुनाव 2026: मध्यप्रदेश में बीजेपी के तीनों कैंडिडेट की जीत, जानिए इस चुनाव से किस समुदाय में देखने को मिल रही अधिक नाराजगी

डिजिटल डेस्क, भोपाल। मध्यप्रदेश के राज्यसभा चुनाव में तीनों बीजेपी उम्मीदवार की निर्विरोध जीत हुई, सियासी दांव ऐसा चला कि कांग्रेस की एक मात्र ब्राह्मण उम्मीदवार मीनाक्षी नटराजन का नामांकन रद्द होने से उन्हें चुनावी प्रक्रिया से बाहर होना पड़ा, नटराजन का नामांकन रद्द करने वाले रिटर्निंग ऑफिसर का नाम अरविंद कुमार शर्मा है। वो भी ब्राह्मण वर्ग से आते है। हम आरओ के फैसले पर किसी भी प्रकार की टिप्पणी नहीं कर रहे है, ना करना चाहते।
अब आपको बता दें बीजेपी और कांग्रेस के अंदरूनी खाने में इसे लेकर ब्राह्मण और क्षत्रिय वर्ग में नाराजगी देखने को मिल रही है, क्योंकि बीजेपी के भीतर ब्राह्मण और क्षत्रिय नेताओं की मांग थी, कि इन वर्ग से किसी दिग्गज स्थानीय नेता को उच्च सदन भेजा जाए, मध्यप्रदेश से बीजेपी ने इस वर्ग के नेता को राज्यसभा भेजने में अधिक दिलचस्पी नहीं दिखाई, जबकि कांग्रेस ने जैसै तैसे बीजेपी पर राजनीतिक दवाब बढ़ाने के मकसद से ब्राह्मण कैंडिडेट को तवज्जो दी, लेकिन उसे ही चुनावी अनियमितताओं के चलते चुनावी प्रकिया से बाहर होना पड़ा। इसका ठीकरा स्थानीय नेताओं पर फोड़ा जा रहा है, जबकि बीजेपी के हमारे विश्वसनीय सूत्र बताते है कि बीजेपी प्रदेश कार्यालय में आयोजित विजय उत्सव कार्यक्रम में विजयश्री की बधाई के दौरान ब्राह्मण वर्ग का कोई बड़ा स्थानीय चेहरा नजर नहीं आया। हालांकि इस दौरान जनप्रतिनिधि एवं बीजेपी पदाधिकारीगण मौजूद रहे। कांग्रेस में स्थानीय नेताओं की ओबीसी और एससी समुदाय के नेता को उच्च सदन भेजने की मांग थी। जिसे कांग्रेस आलाकमान ने नकारा, कांग्रेस में इन दोनों समुदाय के स्थानीय नेताओं में बड़ी नाराजगी है।
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अब आपको मध्यप्रदेश की मोहन सरकार के मौजूदा मंत्रिमंडल की स्थिति के बारे में बताते है। राज्य की बीजेपी सरकार में 31 मंत्री है, इनमें से केवल दो मंत्री ब्राह्मण वर्ग से है। इनमें भी राजेंद्र शुक्ला डिप्टी सीएम और राकेश शुक्ला नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा कैबिनेट मंत्री है। यानी 31 में 2 मंत्री, ये कुल मंत्री का साढ़े 6 परसेंट हुआ। जबकि बीजेपी को बनिया और ब्राह्मण की कैडर बैस पार्टी मानी जाती है। बीजेपी की ओर राज्यसभा चुनाव में ब्राह्णण कैंडिडेट को मौका ना मिलने से मध्यप्रदेश के ब्राह्मण नेताओं में नाराजगी देखने को मिल सकती है। इसका असर आगामी विधानसभा चुनाव में देखने को मिल सकता है।
Created On :   13 Jun 2026 6:26 PM IST









