MP राज्यसभा चुनाव: हरदीप पुरी के नामांकन से पहले भोपाल में बवाल, सिंघार का हमला और मनोज शुक्ला पर पुलिस का पहरा

हरदीप पुरी के नामांकन से पहले भोपाल में बवाल, सिंघार का हमला और मनोज शुक्ला पर पुलिस का पहरा
केंद्रीय मंत्री हरदीप सिंह पुरी के मध्यप्रदेश से राज्यसभा नामांकन को लेकर प्रदेश की सियासत गरमा गई है। एक ओर नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने पुरी की उम्मीदवारी पर तीखे सवाल उठाए हैं।

डिजिटल डेस्क, भोपाल। केंद्रीय मंत्री हरदीप सिंह पुरी के मध्यप्रदेश से राज्यसभा नामांकन को लेकर प्रदेश की सियासत गरमा गई है। एक ओर नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने पुरी की उम्मीदवारी पर तीखे सवाल उठाए हैं, वहीं दूसरी ओर उनके भोपाल दौरे से पहले कांग्रेस नेता मनोज शुक्ला को पुलिस द्वारा नजरबंद किए जाने का मामला सामने आया है। इस दौरान कांग्रेस कार्यकर्ताओं और पुलिस के बीच झड़प और धक्का-मुक्की भी हुई।

सिंघार ने पुरी की उम्मीदवारी पर उठाए सवाल

नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने हरदीप पुरी के नामांकन पर तीखी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि उत्तर प्रदेश में चुनाव होने के बावजूद उन्हें वहां से टिकट तक नहीं मिला और वे मध्यप्रदेश आ पहुंचे। सिंघार ने एपस्टीन फाइल्स (Epstein Files) से जुड़े खुलासों का जिक्र करते हुए पुरी पर निशाना साधा। उन्होंने सवाल किया कि यदि उनका दामन साफ है तो मीडिया के सवालों से बचने का डर कैसा है? उन्हें सामने आकर जवाब देना चाहिए।

CM और हेमंत खंडेलवाल पर भी साधा निशाना

सिंघार ने मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव और भाजपा प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल को भी घेरा। उन्होंने कहा कि भाजपा के दोनों नेता अपने उम्मीदवार को सामने लाने से बच रहे हैं। आखिर ऐसी कौन सी मजबूरी है कि पार्टी और उसके नेता जनता के सवालों का जवाब नहीं दे रहे हैं? सिंघार ने कहा कि जनता इन सवालों का जवाब चाहती है।

हरदीप पुरी के दौरे से पहले मनोज शुक्ला नजरबंद

इधर, हरदीप पुरी के भोपाल दौरे से पहले कांग्रेस नेता मनोज शुक्ला के कार्यालय के बाहर पुलिस बल तैनात कर दिया गया। शुक्ला और उनके समर्थकों को कार्यालय से बाहर निकलने से रोके जाने का मामला सामने आया है। पुलिस की इस कार्रवाई का कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने विरोध किया और सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की।

पुलिस और कांग्रेस कार्यकर्ताओं के बीच झड़प

कार्यालय के बाहर तैनात पुलिस बल और कांग्रेस कार्यकर्ताओं के बीच तीखी बहस हुई। देखते ही देखते मामला धक्का-मुक्की तक पहुंच गया। कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने पुलिस की कार्रवाई पर नाराजगी जताते हुए इसे विरोध की आवाज दबाने की कोशिश बताया। हरदीप पुरी के नामांकन और कांग्रेस के विरोध के बीच प्रदेश में भाजपा और कांग्रेस के बीच राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप तेज हो गए हैं।

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