Donald Trump Trade Policy: ईरान से युद्ध के बीच ट्रंप प्रशासन का बड़ा फैसला, भारत, चीन समेत 16 देशों पर कसेगा '301' का शिंकजा

डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। ईरान से युद्ध के बीच अमेरिका में राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप प्रशासन ने भारत, चीन और बांग्लादेश समेत 16 बड़े व्यापारिक साझेदार देशों के खिलाफ नई जांच शुरू की है। इस जांच को अमेरिका के व्यापार कानून सेक्शन 301 (ट्रेड एक्ट 1974) के तहत किया जा रहा है। इस कानून के अंतर्गत अमेरिका किसी देश पर टैरिफ यानी इम्पोर्ट टैक्स में इजाफा कर सकता है। दरअसल, यह फैसला ऐसे समय में लिया गया है कि जब बीते महीने अमेरिका के सुप्रीम कोर्ट ने ट्रंप प्रशासन की ओर से लगाए गए टैरिफ को अवैध बताते हुए रद्द कर दिया था। इसके बाद अब नई जांच के जरिए अमेरिका फिर से दबाव बनाने की कोशिश कर रहा है।
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भारत, चीन समेत 16 देशों पर होगी नई जांच
इस जांच को अमेरिका के व्यापार कानून सेक्शन 301 (ट्रेड एक्ट 1974) के तहत किया जा रहा है। इस कानून के अंतर्गत अमेरिका किसी देश पर टैरिफ यानी इम्पोर्ट टैक्स में इजाफा कर सकता है। दरअसल, यह फैसला ऐसे समय में लिया गया है कि जब पिछले महीने अमेरिका के सुप्रीम कोर्ट ने ट्रंप प्रशासन की ओर से लगाए गए टैरिफ को अवैध बताते हुए रद्द कर दिया था। इसके बाद अब नई जांच के जरिए अमेरिका फिर से दबाव बनाने की कोशिश कर रहा है।
इस बारे में अमेरिकी व्यापार प्रतिनिधि जैमीसन ग्रीर ने कहा कि अगर जांच में गड़बड़ी पाई जाती है तो कई देशों पर नए टैरिफ लगाए जा सकते हैं। जिन देशों पर असर पड़ सकता है उनमें चीन, यूरोपीय संघ, भारत, जापान, दक्षिण कोरिया और मेक्सिको शामिल हैं। इस जांच का मकसद उन देशों को देखना है, जिनके पास उत्पादन क्षमता ज्यादा है या जो लगातार बड़े व्यापार सरपल्स के साथ अमेरिका को सामान बेचते हैं। अमेरिका का कहना है कि ऐसे हालात में घरेलू उद्योग को नुकसान हो सकता है।
ट्रंप प्रशासन ने जांच के लिए भारत, चीन के अलावा ताइवान, वियतनाम, थाईलैंड, मलेशिया, कंबोडिया, सिंगापुर, इंडोनेशिया, बांग्लादेश, स्विट्जरलैंड और नॉर्वे को शामिल किया गया है। हालांकि, हैरानी की बात यह है कि अमेरिका ने अपने दूसरे सबसे बड़े व्यापारिक साझेदार कनाडा को इस लिस्ट से बाहर रखा है। अमेरिका ने यह भी कहा है कि वह एक अलग जांच शुरू करने जा रहा है, जिसमें उन उत्पादों के आयात पर रोक लगाने की संभावना देखी जाएगी, जो जबरन लेबर से बनाए जाते हैं। यह जांच 60 से अधिक देशों को कवर कर सकती है।
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क्या है सेक्शन 301?
हाल ही में अमेरिका ने चीन के शिनजियांग क्षेत्र से आने वाले सोलर पैनल और अन्य उत्पादों पर एक्शन लिया था। यह कदम Uyghur Forced Labour Protection Act के तहत उठाया गया था, जिसे पूर्व अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडेन के शासन काल में मान्यता मिली थी। अमेरिका का आरोप है कि चीन के शिनजियांग क्षेत्र में उइगर मुस्लिम समुदाय के लोगों से जबरन काम कराया जाता है। हालांकि चीन इन आरोपों से इनकार करता रहा है। ट्रंप प्रशासन ने इस जांच के लिए तेज समय सीमा तय की है। 15 अप्रैल तक जनता से सुझाव मांगे जाएंगे और 5 मई के आसपास सार्वजनिक सुनवाई होगी। इसके बाद जुलाई तक जांच पूरी करने की योजना है। यह कदम ट्रंप प्रशासन के उस बड़े लक्ष्य का हिस्सा माना जा रहा है, जिसमें अमेरिका व्यापार घाटा कम करना और घरेलू मैन्युफैक्चरिंग को मजबूत करना चाहता है।
सेक्शन 301 अमेरिका के व्यापार कानून Trade Act of 1974 का एक अहम हिस्सा है। इसका इस्तेमाल तब किया जाता है जब अमेरिका को लगता है कि कोई दूसरा देश व्यापार में गलत या अनुचित तरीके अपना रहा है। इस कानून के तहत अमेरिका उस देश के खिलाफ जांच शुरू कर सकता है और जरूरत पड़ने पर टैरिफ या अन्य व्यापारिक प्रतिबंध लगा सकता है। इस कानून के अनुसार अमेरिकी सरकार का व्यापार विभाग Office of the United States Trade Representative (USTR) किसी देश की व्यापार नीतियों की जांच करता है।
Created On :   12 March 2026 9:38 AM IST












