दतिया उप चुनाव की तैयारियां शुरू: EVM एवं VVPAT की फर्स्ट लेवल चेकिंग प्रक्रिया स्थगित, HC फैसले पर टिका इलेक्शन

डिजिटल डेस्क, भोपाल। मध्यप्रदेश के दतिया में 19 मई 2026 को प्रस्तावित ईवीएम एवं वीवीपैट की फर्स्ट लेवल चेकिंग (FLC) प्रक्रिया को आगामी आदेश तक स्थगित कर दिया है। उप जिला निर्वाचन अधिकारी दतिया अंजीने कुमार सिंह ने इसकी जानकारी दी। प्रशासनिक अधिकारियों ने ये फैसला भारत निर्वाचन आयोग में हुई बैठक के निर्णय के बाद मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी मध्यप्रदेश भोपाल के निर्देशों के पालन में लिया गया है। सिंह ने कलेक्टर व जिला निर्वाचन अधिकारी दतिया समेत समस्त मान्यता प्राप्त राजनीतिक दलों को इस संबंध में सूचना दी।
दिल्ली हाईकोर्ट में होने वाली आगामी सुनवाई और उसके आदेश के साथ कांग्रेस नेता भारती की सजा पर इस केस से जुड़े सभी पक्षों ,चुनाव आयोग से लेकर सियासी नेताओं और कानूनी के जानकारों की निगाहें टिकी हुई है। कोर्ट के आगामी निर्णय का असर दतिया की राजनीति के साथ साथ प्रदेश की सियासत और आगामी राज्यसभा चुनाव के समीकरणों पर पड़ सकता है। दतिया से कांग्रेस के पूर्व विधायक राजेंद्र भारती पर दतिया भूमि एवं कृषि विकास बैंक के अध्यक्ष रहते वित्तीय अनियमितता का आरोप लगा था।
पहले से प्रस्तावित FLC प्रक्रिया को आगामी आदेश तक स्थगित करने को दतिया से पूर्व कांग्रेस विधायक राजेंद्र भारती से जुड़े भूमि विकास बैंक एफडी धोखाधड़ी केस से जोड़कर देखा जा रहा है। आपको बता दें इस केस में दिल्ली की राऊज एवेन्यू कोर्ट की एमपी-एमएलए (MP-MLA) कोर्ट ने भारती को तीन साल की सजा सुनाई, इसके बाद भारती की विधानसभा सदस्यता कैंसिल कर दी गई थी। इसके बाद से सियासी गलियारों के साथ साथ प्रशासनिक और चुनाव आयोग में दतिया विधानसभा में उपचुनाव की तैयारी होने लगी थी।
हालांकि भारती केस की 28 अप्रैल को दिल्ली हाईकोर्ट में जस्टिस स्वर्ण कांत शर्मा की बेंच में अहम सुनवाई हुई। पूर्व विधायक ने हाई कोर्ट में पिटीशन दायर कर अपने खिलाफ चल रही कानूनी कार्रवाई पर रोक लगाने और अन्य राहत की मांग की थी। कोर्ट में हुई पिछली सुनवाई में शिकायतकर्ता पक्ष कोर्ट के नोटिस का जवाब पेश नहीं कर पाया था। जवाब दाखिल नहीं होने की वजह से कोर्ट ने सुनवाई की तारीख को आगे बढ़ा दिया था। इस सुनवाई में दिल्ली हाईकोर्ट ने भारती को अंतरिम राहत देने से इनकार करते हुए मामले की अगली सुनवाई 29 जुलाई तय कर दी थी। हाईकोर्ट ने पिछली सुनवाई में साफ संकेत दे दिए थे कि सुनवाई की अगली तारीख पर गहराई से विचार किया जाएगा, इससे केस और उपचुनाव की दिशा तय हो सकती है। कांग्रेस नेता ने कोर्ट में अपने अधिकारों का हनन होने और कार्रवाई में उचित प्रक्रिया का पालन नहीं किए जाने का आरोप लगाया है।
यदि 29 जुलाई की सुनवाई में दिल्ली हाईकोर्ट से कांग्रेस के पूर्व विधायक की सजा पर स्टे नहीं लगाता है, तो दतिया में उपचुनाव करवाया जाएगा। उसके बाद भी भारती सुप्रीम कोर्ट का भी रूख कर सकते है। अगर हाईकोर्ट से उनकी सजा पर स्टे लगता है तो फिर दतिया में उपचुनाव कराने की जरूर नहीं है। ऐसे में शिकायतकर्ता भी हाईकोर्ट के फैसले के विरोध में सर्वोच्च अदालत जा सकता है।
Created On :   19 May 2026 7:30 PM IST












