PoK Assembly Election 2026: पहले फेज की वोटिंग जारी, कई वोटर्स ने किया बहिष्कार, पोलिंग बूथ रहे खाली

पहले फेज की वोटिंग जारी, कई वोटर्स ने किया बहिष्कार, पोलिंग बूथ रहे खाली
विरोध प्रदर्शनों के बीच पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर यानि PoK में विधानसभा चुनाव के पहले फेज की वोटिंग हो रही है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, मतदाताओं ने बड़ी संख्या में चुनाव का बहिष्कार किया है।

डिजिटल डेस्क, दिल्ली। विरोध प्रदर्शनों के बीच पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर यानि PoK में विधानसभा चुनाव के पहले फेज की वोटिंग हो रही है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, मतदाताओं ने बड़ी संख्या में चुनाव का बहिष्कार किया है। अधिकांश मतदान केंद्र ऐसे हैं, जहां पर केवल कर्मचारी ही दिखाई दे रहे हैं, कोई वोटर नहीं।

दरअसल, इस बहिष्कार की वजह पीओके में दो महीने से जारी विरोध प्रदर्शन, हिंसा, गिरफ्तारियां और सरकारी की कार्रवाई है। विरोध प्रदर्शन की वजह जम्मू-कश्मीर से आए शरणार्थियों के लिए आरक्षित 12 सीटें हैं। उनका कहना है कि अगर स्थानीय लोगों को ज्यादा हिस्सेदारी नहीं मिलती है तो इस चुनाव का कोई मतलब नहीं रह जाएगा। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि इन सीटों पर उन्हीं लोगों को चुनाव लड़ने का मौका मिले जो अभी भी पीओके में रह रहे हैं, उन्हें नहीं जो यहां से देश के अन्य हिस्सों में जाकर बस गए हैं।

जेएएसी को मिला जनसमर्थन

प्रदर्शनों का नेतृत्व कर रही जम्मू-कश्मीर जॉइंट अवामी एक्शन कमेटी (जेएएसी) के मुताबिक इस मांग को सरकार तक पहुंचा दिया गया है, लेकिन अभी तक इस पर कोई पॉजिटिव रिस्पॉन्स नहीं मिला है। जेएएसी के विधानसभा चुनाव के पूर्ण बहिष्कार के फैसले को व्यापक जनसमर्थन मिल रहा है। लोग आज हो रही वोटिंग में बहुत कम संख्या में वोट डालने के लिए निकले।

प्रतिबंध, गिरफ्तारी और हिंसा

सरकार ने जून की शुरुआत में ही जेएएसी पर प्रतिबंध लगा दिया था। इसके बाद शुरू हुआ गिरफ्तारी और हिंसा का दौर अभी भी जारी है। प्रतिबंध लगने के बाद जेएएसी के कई नेता भूमिगत हो गए हैं, जब कुछ पुंछ डिवीजन के मुख्यालय रावलाकोट में धरना स्थल से आंदोलन को लीड कर रहे हैं।

अभी भी तक कई बार प्रदर्शनकारियों और सुरक्षा बलों के बीच दर्जनों बार मुठभेंड़ हो चुकी है, जिसमें 40 लोगों की मौत हो गई है। विरोध प्रदर्शनों के चलते पीओके की स्थिति इतनी खराब हो गई है कि बैंक लगातार दो सप्ताह तक बंद रहे। कई क्षेत्रों में मोबाइल सेवाएं बीते 50 दिनों से बंद हैं।

इस वजह से तीन चरणों में हो रहे चुनाव

पीओके विधानसभा चुनाव पहले एक ही चरण में 27 जुलाई को होने वाले थे। लेकिन लगातार तनाव होने की वजह से इन्हें तीन चरणों में कराया जा रहा है। पहले चरण का चुनाव मीरपुर डिवीजन में 27 जुलाई को, दूसरे चरण का चुनाव मुजफ्फराबाद डिवीजन और शरणार्थियों के लिए आरक्षित 12 सीटों पर 2 अगस्त को और तीसरे चरण का चुनाव पुंछ डिवीजन में 10 अगस्त को होगा। बता दें कि सबसे ज्यादा तनाव पुंछ डिवीजन में ही बना हुआ है।

Created On :   27 July 2026 7:23 PM IST

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