यूपी राज्यसभा चुनाव 2026: BJP का बड़ा दांव, 8 नए चेहरों पर जताया भरोसा, पुराने सांसदों का कटा पत्ता, जातीय समीकरण भी साधा

BJP का बड़ा दांव, 8 नए चेहरों पर जताया भरोसा, पुराने सांसदों का कटा पत्ता, जातीय समीकरण भी साधा
उत्तरप्रदेश राज्यसभा चुनाव के लिए भारतीय जनता पार्टी ने सोमवार को अपने 8 उम्मीदवारों घोषित कर दिए। पार्टी ने सभी मौजूदा राज्यसभा सांसदों का पत्ता काटते हुए नए चेहरों पर दाव खेला है।

डिजिटल डेस्क, दिल्ली। उत्तरप्रदेश राज्यसभा चुनाव के लिए भारतीय जनता पार्टी ने सोमवार को अपने 8 उम्मीदवारों घोषित कर दिए। पार्टी ने सभी मौजूदा राज्यसभा सांसदों का पत्ता काटते हुए नए चेहरों पर दाव खेला है। कैंडिडेट्स के सिलेक्शन में सत्ताधारी दल ने सोशल इंजीलियरिंग का विशेष ध्यान रखा है।

बड़े चेहरों का कटा पत्ता

केंद्रीय मंत्रिमंडल में शामिल बीएल वर्मा और हरदीप सिंह पुरी का टिकट काट दिया गया है। ऐसा माना जा रहा है कि मोदी मंत्रिमंडल से इनकी छुट्‌टी होनी भी तय है। 2027 विधानसभा चुनाव को ध्यान में रखते हुए पार्टी नए उम्मीदवार के चयन में जातीय समीकरण साधने के साथ-साथ क्षेत्रीय संतुलन बनाने की बड़ी रणनीति पर काम कर रही है।

भाजपा के राज्यसभा प्रत्याशियों में 2 ब्राह्मण, 1 ठाकुर, 3 पिछड़े और 2 दलित शामिल हैं। पिछड़े वर्ग में एक लोधी, एक कुर्मी और एक पाल समाज से हैं। वहीं, दलित वर्ग में एक खटीक और एक पासी समाज से हैं। आइए जानते है उन आठ चेहरों के बारे में, जिन्हें बीजेपी उत्तरप्रदेश से राज्यसभा भेजना चाहती है।

1. धर्मपाल सिंह (योगी सरकार में कैबिनेट मंत्री)

धर्मपाल सिंह बरेली की आंवला सीट से विधायक है और योगी मंत्रीमंडल में पशुपालन एवं डेयरी विकास मंत्रालय संभाल रहे हैं। वो पांच बार विधानसभा के सदस्य बन चुके हैं। वो ओबीसी वर्ग के लोधी समुदाय से आते हैं, जिसे बीजेपी का कोर वोटर माना जाता हैं। उन्होंने अब तक 4 मंत्रालयों का कार्यभार संभाला है।

2. प्रियंका सिंह रावत (बाराबंकी की पूर्व सांसद और पासी चेहरा)

प्रियंका सिंह रावत 2014 में बाराबंकी सीट से सांसद रह चुकी है। ये पासी समाज से आने वाली प्रमुख महिला चेहरा है और बाराबंकी की पहली महिला सांसद भी बनी थीं। पार्टी में लंबे समय से सक्रिय रहने वाली प्रियंका वर्तमान में पंकज चौधरी की टीम में प्रदेश उपाध्यक्ष है।

3. विद्यासागर सोनकर (पूर्व सांसद और दलित चेहरा)

विद्यासागर सोनकर आरएसएस की पृष्ठभूमि से आने वाले संगठन के वरिष्ठ नेता है। वे 1996 में सैदपुर संसदीय सीट से सांसद रह चुके है। 2017 में विधानसभा चुनाव हारने के बाद पार्टी ने उन्हें एमएलसी बनाया। विद्यासागर पूर्वांचल के दलित समुदाय से आते हैं।

4. राम प्रताप सिंह चौहान (ठाकुर चेहरा)

राम प्रताप सिंह चौहान 2017 में आगरा की एत्मादपुर से विधायक रह चुके हैं। यूजीसी समेत अन्य मुद्दों पर ठाकुर समाज में बढ़ती नाराजगी को दूर करने के लिए पार्टी ने उन्हें जून 2026 में उन्हें प्रदेश महामंत्री की जिम्मेदारी सौंपी और अब राज्यसभा भेजने का फैसला किया है।

5. श्रुति गंगवार (मजबूत कुर्मी चेहरा)

श्रुति गंगवार, पूर्व केंद्रीय मंत्री व झारखंड के राज्यपाल संतोष गंगवार की बेटी हैं। श्रुति, अर्बन कोऑपरेटिव बैंक की चेयरमैन हैं और बरेली में बीजेपी की सशक्त महिला और कुर्मी (OBC) चेहरा मानी जाती हैं। रूहेलखंड में पार्टी का विस्तार करने में इनकी भूमिका महत्वपूर्ण रही है।

6. प्रकाश पाल (भाजपा पिछड़ा मोर्चा के प्रदेश अध्यक्ष)

प्रकाश पाल RSS और एबीवीपी (ABVP) पृष्ठभूमि से आने वाले समर्पित नेता हैं। उन्हें पार्टी ने जून 2026 में ओबीसी मोर्चा के प्रदेश अध्यक्ष बनाय था। वे पार्टी के अति-पिछड़े (OBC) चेहरे के रूप में जाने जाते हैं जिन्होंने पूरे प्रदेश में पिछड़े वर्गों को बीजेपी के पाले में लाने के लिए लंबे समय तक काम किया। वह कानपुर-बुंदेलखंड क्षेत्र के भाजपा क्षेत्रीय अध्यक्ष भी रह चुके हैं।

7. गोपी कृष्ण पांडेय (ब्राह्मण चेहरा)

गोपी कृष्ण पांडेय संघ की पृष्ठभूमी से आने वाले वरिष्ठ भाजपा नेता है। वे पार्टी के बड़े ब्राम्हण चेहरों में से एक है। वे मूल रूप से बलिया जिले से ताल्लुक रखते हैं। पूर्वांचल में ब्राम्हण समाज को जोड़े रखने के के उद्देश्य से पार्टी ने उन्हें राज्यसभा भेजने का फैसला किया है।

8. राधाकांत ओझा (इलाहाबाद हाईकोर्ट के वरिष्ठ अधिवक्ता)

राधाकांत ओझा प्रयागराज के वरिष्ठ अधिवक्ता हैं और इलाहाबाद हाईकोर्ट बार एसोसिएशन के पूर्व अध्यक्ष रह चुके हैं। वे ब्राम्हण समुदाय से आते है और लंबे समय से सामाजिक गतिविधियों में सक्रिय हैं।

Created On :   5 Oct 2026 9:36 PM IST

Tags

Next Story