मोदी 3.0 में अहम फैसलों पर मुहर: हाईवे से लेकर रेलवे कनेक्टिविटी तक, मोदी कैबिनेट में किन राज्यों को मिली प्रायोरिटी

हाईवे से लेकर रेलवे कनेक्टिविटी तक, मोदी कैबिनेट में किन राज्यों को मिली प्रायोरिटी
केंद्र सरकार की कैबिनेट बैठक में बुधवार को कई अहम फैसलों पर मुहर लगाई गई। केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने बताया कि सरकार ने चार रेलवे लाइन और एक फोर लेन हाइवे के प्रोजेक्ट को मंजूरी दी है।

डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। केंद्र सरकार की कैबिनेट बैठक में बुधवार को कई अहम फैसलों पर मुहर लगाई गई। केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने बताया कि सरकार ने चार रेलवे लाइन और एक फोर लेन हाइवे के प्रोजेक्ट को मंजूरी दी है। इस पर कुल 13041 रुपये खर्च होंगे। मोदी कैबिनेट ने मुजफ्फरपुर-सीतामढ़ी-सोनवर्षा हाइवे चार लेन हाइवे के निर्माण को मंजूरी दी है, जिस पर 3591 करोड़ रुपये खर्च होंगे।

कैबिनेट बैठक में सात मुख्य ट्रंक रूट को मंजूरी

रेल परियोजनाओं में पश्चिम बंगाल और ओडिशा के अहम मार्गों को शामिल किया गया है। केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने कहा, 'देश के रेलवे नेटवर्क में सात मुख्य ट्रंक रूट हैं, जिसमें दिल्ली-हावड़ा, हावड़ा-चेन्नई, चेन्नई-मुंबई, मुंबई-दिल्ली, दिल्ली से चेन्नई और मुंबई से हावड़ा की डायगोनल लाइनें और गुवाहाटी की ओर जाने वाला पूर्वोत्तर मार्ग शामिल हैं। इनमें से हावड़ा-चेन्नई रूट काफी महत्वपूर्ण है, जिसे पूरी तरह से चार-लेन (क्वार्डुपल) बनाने की योजना है।'

केंद्रीय मंत्री ने कहा, 'इस बदलाव से इस रूट पर अधिक ट्रेनें चलाई जा सकेंगी, माल ढुलाई आसान होगी और पटरियों के रखरखाव का काम भी आसान हो जाएगा। हाल ही में स्वीकृत परियोजनाओं में से पहली तीन परियोजनाएं इसी हावड़ा-चेन्नई मुख्य लाइन पर हैं, जबकि चौथी परियोजना पारादीप-कटक रेल खंड के लिए मंजूर की गई है।'

केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने पहली परियोजना के बारे में बताते हुए कहा कि खड़गपुर से भद्रक तक का 173 किलोमीटर लंबा रेल खंड अब चार-लेन (फोर-लाइन) कॉरिडोर बनाया जा रहा है। यह रेल रूट बालासोर और रूपसा से होते हुए भद्रक तक जाता है। इस रूट पर कोयला और आयरन-ओर उत्पादक क्षेत्रों से भारी मालगाड़ियों का आवागमन होता है। साथ ही हावड़ा से चेन्नई के बीच चलने वाली मेल, एक्सप्रेस, सुपरफास्ट और पैसेंजर ट्रेनों की भी भारी आवाजाही रहती है।'

भद्रक से हरिदासपुर के बीच डलेगी रेलवे लाइन

उन्होंने बताया, 'इस पूरी परियोजना की अनुमानित लागत लगभग 3,352 करोड़ रुपया है। चार-लेन कॉरिडोर के निर्माण के दौरान इस मार्ग पर 41 बड़े और 169 छोटे पुलों का निर्माण भी किया जाएगा। इस परियोजना से रेल यातायात में सुधार होगा और माल ढुलाई के साथ-साथ यात्री ट्रेनों का संचालन भी काफी सुगम हो जाएगा।

इस दौरान अश्विनी वैष्णव ने मोदी सरकार के दूसरे प्रोजेक्ट को लेकर भी चर्चा की। उन्होंने कहा, 'यह भद्रक से हरिदासपुर के बीच 75 किलोमीटर लंबी रेल लाइन के निर्माण से संबंधित है। हावड़ा-खड़गपुर-भद्रक रूट पर आगे बढ़ते हुए भद्रक से हरिदासपुर खंड पर तीसरी लाइन का काम पहले से ही तेजी से चल रहा है और कई जगहों पर पूरा भी हो चुका है, जिसके बाद अब यहां चौथी लाइन बनाई जाएगी। 5,000 साल पुराने ऐतिहासिक कटक शहर को रेल यातायात के कारण होने वाली समस्याओं और जाम से बचाने के लिए इस परियोजना के तहत विशेष रेल-ओवर-रेल और रेल फ्लाई-ओवर ढांचों को डिजाइन किया गया है।'

केंद्रीय मंत्री ने आगे कहा, 'लगभग 1,533 करोड़ रुपये की लागत वाली इस परियोजना से शहर के भीतर ट्रेनों की भीड़भाड़ काफी हद तक खत्म हो जाएगी। इस रेल लाइन के शुरू होने से देश को हर साल करीब 433 करोड़ रुपये की लॉजिस्टिक्स लागत की बचत होगी, साथ ही इसके निर्माण कार्य से स्थानीय स्तर पर 26 लाख रोजगार भी पैदा होगा।'

Created On :   19 Aug 2026 4:49 PM IST

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