Sanjay Raut News: 'इडियट को इडियट कहना...', राहुल गांधी को नोटिस मिलने पर संजय राउत ने केंद्र सरकार को घेरा

डिजिटल डेस्क, मुंबई। महाराष्ट्र में उद्धव ठाके के राज्यसभा सांसद संजय राउत ने रविवार को नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी को लोकसभा सचिवालय में नोटिस मिलने पर केंद्र सरकार पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने कहा कि उन्हें क्यों नोटिस भेजा गया है? उन्होंने किसी को इडियट कहा। क्या इडियट कहना कोई असंसदीय शब्द है? हमारे गृह मंत्री, जिन्होंने जंतर-मंतर पर छोटे बच्चों के खिलाफ पैलेट गन चलवाई, आंसू गैस छोड़े, कील वाली लाठियों से उन्हें मारा। अगर वे संसद में नहीं आते हैं और जवाब नहीं देते हैं तो उन्हें आप क्या कहेंगे?
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संजय राउत ने केंद्र सरकार पर साधा निशाना
संजय राउत ने आगे कहा कि आमिर खान की एक फिल्म भी आई थी, 3 इडियट। उसे बहुत से पुरस्कार मिले हैं। अगर इडियट शब्द असंसदीय है तो इस फिल्म को सेंसर ने मंजूर कैसे किया। संजय राउत ने सवाल किया कि इडियट को इडियट बोलना इस देश में गुनाह है क्या।
महाराष्ट्र सरकार के मंत्री नितेश राणे के कांवड़ यात्रा निकालने पर भी संजय राउत ने तंज कसा। उन्होंने कहा, "मुझे नहीं पता। वह कांवड़ यात्रा कार में निकाल रहे थे, जिसमें उनके माता-पिता बैठे थे? वह खुद को श्रवण कुमार के रूप में पेश करने की कोशिश कर रहे थे। ये सब इडियट हैं। राहुल गांधी ने बिल्कुल सही शब्द इस्तेमाल किया है। उन्होंने इस देश में अंधभक्त और इडियट दोनों तैयार कर दिए हैं।"
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बाबा रामदेव के बयान पर किया पलटवार
बता दें कि ठाणे में मुंबरेश्वर देवी और विश्व हिंदू परिषद के संयुक्त तत्वावधान में कावड़ यात्रा का आयोजन किया गया। इस धार्मिक आयोजन में महाराष्ट्र सरकार के मंत्री नितेश राणे भी शामिल हुए।
योग गुरु बाबा रामदेव के बयान पर बोलते हुए संजय राउत ने कहा, "रामदेव बाबा को अब एहसास हो गया है कि देश में हवा बदल रही है। इसका मतलब है कि उन्हें पता है कि पीएम मोदी और गृह मंत्री अमित शाह जा रहे हैं, इसलिए बाबा रामदेव ने अपनी निष्ठा की दिशा बदल ली है।"
मालूम हो कि बाबा रामदेव ने आरोप लगाया कि सरकारी भर्तियों में पैसों के लेन-देन और भ्रष्टाचार के जरिए चहेते लोगों को भरा जा रहा है। उन्होंने शिक्षा व्यवस्था की बदहाली का जिक्र करते हुए कहा कि स्कूलों में शिक्षकों, पानी और बुनियादी सुविधाओं की भारी कमी है। सरकार को आगाह करते हुए उन्होंने कहा कि यदि ये 'घपले' नहीं सुधरे, तो युवाओं और छात्रों के बीच असंतोष के चलते बड़े आंदोलन फिर से शुरू हो सकते हैं।
Created On :   16 Aug 2026 4:51 PM IST












