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WB: ममता सरकार को बड़ा झटका, वन मंत्री राजीब बनर्जी ने कैबिनेट से इस्तीफा दिया

WB: ममता सरकार को बड़ा झटका, वन मंत्री राजीब बनर्जी ने कैबिनेट से इस्तीफा दिया

डिजिटल डेस्क, कोलकाता। पश्चिम बंगाल में तृणमूल कांग्रेस सरकार को शुक्रवार को एक और झटका लगा। वन मंत्री राजीब बनर्जी ने ममता कैबिनेट से इस्तीफा दे दिया है। बनर्जी लंबे समय से कैबिनेट की बैठकों में शामिल नहीं हो रहे थे। उन्होंने पार्टी के कामकाज पर अपनी असहमति व्यक्त की थी। इससे पहले परिवहन मंत्री सुवेंदु अधिकारी और पूर्व क्रिकेटर और खेल राज्य मंत्री लक्ष्मीनरतन शुक्ला ने सरकार और पार्टी के पदों से इस्तीफा दे दिया था।

ममता बनर्जी को लिखी चिट्ठी में राजीब बनर्जी ने लिखा: मुझे आपको सूचित करने के लिए खेद है कि मैं आज 22 जनवरी, 2021 को वन मंत्री के अपने पद से इस्तीफा दे रहा हूं। मुझे पश्चिम बंगाल के लोगों की सेवा करने का सौभाग्य मिला। मुझे मौका मिला, इसके लिए मैं बहुत आभारी हूं। उन्होंने इस्तीफे की एक कॉपी गवर्नर जगदीप धनखड़ को भी भेज दी है।

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कैबिनेट से इस्तीफा देने के तुरंत बाद, बनर्जी ने कहा कि उन्होंने राज्य के वन मंत्री के पद को छोड़ दिया क्योंकि पार्टी के नेताओं के एक वर्ग के उन पर हुए व्यक्तिगत हमलों से उन्हें "गहरी चोट" लगी। हालांकि, यह पूछे जाने पर कि उन्होंने आगामी दिनों में पार्टी छोड़ने की योजना बनाई है? इस पर उन्होंने टिप्पणी करने से इनकार कर दिया।

16 जनवरी को, विधानसभा चुनाव से पहले टीएमसी छोड़ने की अटकलों के बीच, बनर्जी ने टीएमसी पर अपना हमला जारी रखते हुए कहा था कि पार्टी के कुछ लोग उनके लोगों की भलाई और जमीनी कार्यकर्ताओं के कल्याण के लिए उनके "मिशन" में बाधा डाल रहे हैं। एक फेसबुक लाइव में, बनर्जी ने कहा, 'मैं लोगों के लिए कुछ अच्छा काम करना चाहता था, लेकिन पार्टी में कुछ लोगों के कारण असफल रहा।

राजीब बनर्जी के इस्तीफे पर प्रतिक्रिया देते हुए, टीएमसी सांसद सौगता रॉय ने कहा, 'हम यह उम्मीद कर रहे थे क्योंकि वह बहुत लंबे समय से कैबिनेट की बैठकों में भाग नहीं ले रहे थे। यह अच्छी बात है क्योंकि वह एक मंत्री और पार्टी नेता के रूप में अपने कर्तव्यों का निर्वहन नहीं कर रहे थे। हमने उनका मन बदलने और उन्हे समझाने की कोशिश की। लेकिन उन्होंने अपना फैसला ले लिया है। यह अच्छा है कि उन्होंने इस्तीफा दे दिया है अन्यथा हमने उनके खिलाफ कार्रवाई की होती।'

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डिजिटल डेस्क, जबलपुर। किसी के लिए भी प्रॉपर्टी खरीदना जीवन के महत्वपूर्ण कामों में से एक होता है। आप सारी जमा पूंजी और कर्ज लेकर अपने सपनों के घर को खरीदते हैं। इसलिए यह जरूरी है कि इसमें इतनी ही सावधानी बरती जाय जिससे कि आपकी मेहनत की कमाई को कोई चट ना कर सके। प्रॉपर्टी की कोई भी डील करने से पहले पूरा रिसर्च वर्क होना चाहिए। हर कागजात को सावधानी से चेक करने के बाद ही डील पर आगे बढ़ना चाहिए। हालांकि कई बार हमें मालूम नहीं होता कि सही और सटीक जानकारी कहा से मिलेगी। इसमें bhaskarproperty.com आपकी मदद कर सकता  है। 

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कोई भी प्रॉपर्टी खरीदने से पहले इस बात का ध्यान रखे कि वो भारतीय रियल एस्टेट इंडस्ट्री के रेगुलेटर RERA से अप्रूव्ड हो। रियल एस्टेट रेगुलेशन एंड डेवेलपमेंट एक्ट, 2016 (RERA) को भारतीय संसद ने पास किया था। RERA का मकसद प्रॉपर्टी खरीदारों के हितों की रक्षा करना और रियल एस्टेट सेक्टर में निवेश को बढ़ावा देना है। राज्य सभा ने RERA को 10 मार्च और लोकसभा ने 15 मार्च, 2016 को किया था। 1 मई, 2016 को यह लागू हो गया। 92 में से 59 सेक्शंस 1 मई, 2016 और बाकी 1 मई, 2017 को अस्तित्व में आए। 6 महीने के भीतर केंद्र व राज्य सरकारों को अपने नियमों को केंद्रीय कानून के तहत नोटिफाई करना था।