comScore

© Copyright 2019-20 : Bhaskarhindi.com. All Rights Reserved.

West Bengal: ममता बनर्जी का अमित शाह पर निशाना, बोलीं- अपने करियर में कभी भी ऐसा गृह मंत्री नहीं देखा

November 26th, 2020 20:56 IST
West Bengal: ममता बनर्जी का अमित शाह पर निशाना, बोलीं- अपने करियर में कभी भी ऐसा गृह मंत्री नहीं देखा

डिजिटल डेस्क, कोलकाता। पश्चिम बंगाल में अगले साल होने जा रहे विधानसभा चुनाव से पहले सियासी पारा चढ़ गया है। बीजेपी और टीएमसी एक दूसरे पर हमलावर है। गुरुवार को पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने गुरुवार को गृहमंत्री अमित शाह पर जोरदार हमला बोला। ममता बनर्जी ने कहा, उन्होंने ‘अपने करियर में कभी भी ऐसा गृह मंत्री’ नहीं देखा है। एक गृह मंत्री को देश चलाना चाहिए। इसके बजाय वो निकाय चुनावों को मैनेज करने में बिजी रहते हैं। लोगों के घरों पर भोजन करने जाते हैं और फोटो खिंचवाते हैं।

ममता ने कहा, बंगाल में बाहरी लोगों के लिए कोई जगह नहीं है। जो लोग सिर्फ चुनावों के दौरान राज्य में आते हैं और राज्य की शांति को बाधित करने की कोशिश करते हैं, उनका कोई स्वागत नहीं है। उन्होंने कहा, 'वे कह रहे हैं कि पश्चिम बंगाल को गुजरात में बदल देंगे। क्यों वे हमारे बंगाल को गुजरात जैसे दंगा-प्रभावित स्थान में बदलना चाहते हैं? हम दंगा नहीं चाहते। बता दें कि हाल ही में भाजपा ने राज्य को पांच संगठनात्मक क्षेत्रों में विभाजित किया है और केंद्रीय नेताओं को उनका प्रभारी बनाया है। 

किसान आंदोलन को लेकर ममता ने कहा कि केंद्र सरकार सभी लोगों के सभी मौलिक अधिकारों पर कब्जा करना चाहती है। वे किसानों के लोकतांत्रिक अधिकारों पर अंकुश नहीं लगा सकते हैं। कृषि कानून अवैध है। अगर कोई कानून किसानों के लिए नहीं है, बल्कि कालाबाजारियों के लिए है, तो यह गैरकानूनी है। केंद्र सरकार किसानों के अधिकार क्यों छीनना चाहती है? कोरोना वैक्सीन पर बात करते हुए ममता बनर्जी ने कहा, वैक्सीन के बारे में वे इतनी बड़ी चर्चा में शामिल हुए लेकिन कोई नहीं जानता कि वैक्सीन कब आएगी! फिर भी वे पिछले छह महीनों से इस पर "भाषाण" देने में व्यस्त हैं। 
 

कमेंट करें
JhwMe
कमेंट पढ़े
Advocate hemant bhakte November 26th, 2020 23:40 IST

मतलब इस बाई ने राजनीति को करियर बनाया, कितना कमाया करियर में.....पैसा हो या बद्दुआ, 1% राष्ट्रहित में काम कर बाई,जीवन सफल हो जाएगा,दुसरो को कोसना बंद करो,खुद सुधरो बंगाल की सेवा करो ।

NEXT STORY

Real Estate: खरीदना चाहते हैं अपने सपनों का घर तो रखे इन बातों का ध्यान, भास्कर प्रॉपर्टी करेगा मदद

Real Estate: खरीदना चाहते हैं अपने सपनों का घर तो रखे इन बातों का ध्यान, भास्कर प्रॉपर्टी करेगा मदद

डिजिटल डेस्क, जबलपुर। किसी के लिए भी प्रॉपर्टी खरीदना जीवन के महत्वपूर्ण कामों में से एक होता है। आप सारी जमा पूंजी और कर्ज लेकर अपने सपनों के घर को खरीदते हैं। इसलिए यह जरूरी है कि इसमें इतनी ही सावधानी बरती जाय जिससे कि आपकी मेहनत की कमाई को कोई चट ना कर सके। प्रॉपर्टी की कोई भी डील करने से पहले पूरा रिसर्च वर्क होना चाहिए। हर कागजात को सावधानी से चेक करने के बाद ही डील पर आगे बढ़ना चाहिए। हालांकि कई बार हमें मालूम नहीं होता कि सही और सटीक जानकारी कहा से मिलेगी। इसमें bhaskarproperty.com आपकी मदद कर सकता  है। 

जानिए भास्कर प्रॉपर्टी के बारे में:
भास्कर प्रॉपर्टी ऑनलाइन रियल एस्टेट स्पेस में तेजी से आगे बढ़ने वाली कंपनी हैं, जो आपके सपनों के घर की तलाश को आसान बनाती है। एक बेहतर अनुभव देने और आपको फर्जी लिस्टिंग और अंतहीन साइट विजिट से मुक्त कराने के मकसद से ही इस प्लेटफॉर्म को डेवलप किया गया है। हमारी बेहतरीन टीम की रिसर्च और मेहनत से हमने कई सारे प्रॉपर्टी से जुड़े रिकॉर्ड को इकट्ठा किया है। आपकी सुविधाओं को ध्यान में रखकर बनाए गए इस प्लेटफॉर्म से आपके समय की भी बचत होगी। यहां आपको सभी रेंज की प्रॉपर्टी लिस्टिंग मिलेगी, खास तौर पर जबलपुर की प्रॉपर्टीज से जुड़ी लिस्टिंग्स। ऐसे में अगर आप जबलपुर में प्रॉपर्टी खरीदने का प्लान बना रहे हैं और सही और सटीक जानकारी चाहते हैं तो भास्कर प्रॉपर्टी की वेबसाइट पर विजिट कर सकते हैं।

ध्यान रखें की प्रॉपर्टी RERA अप्रूव्ड हो 
कोई भी प्रॉपर्टी खरीदने से पहले इस बात का ध्यान रखे कि वो भारतीय रियल एस्टेट इंडस्ट्री के रेगुलेटर RERA से अप्रूव्ड हो। रियल एस्टेट रेगुलेशन एंड डेवेलपमेंट एक्ट, 2016 (RERA) को भारतीय संसद ने पास किया था। RERA का मकसद प्रॉपर्टी खरीदारों के हितों की रक्षा करना और रियल एस्टेट सेक्टर में निवेश को बढ़ावा देना है। राज्य सभा ने RERA को 10 मार्च और लोकसभा ने 15 मार्च, 2016 को किया था। 1 मई, 2016 को यह लागू हो गया। 92 में से 59 सेक्शंस 1 मई, 2016 और बाकी 1 मई, 2017 को अस्तित्व में आए। 6 महीने के भीतर केंद्र व राज्य सरकारों को अपने नियमों को केंद्रीय कानून के तहत नोटिफाई करना था।