झूठे विकास के आगे शर्मसार सड़क: शुभारंभ पर नहीं फूटा नारियल, खुद टूट गई यूपी की सड़क

December 3rd, 2021

हाईलाइट

  • कंक्रीट की काली भ्रष्टाचार सियासी चादर

डिजिटल डेस्क,लखनऊ। उत्तरप्रदेश में आगामी चुनावों को लेकर सियासी दल बीजेपी सूबे में नई सड़क और एक्सप्रेस को लेकर नारियल फोड़ रहे है। और मंचो से विकास का दावा कर रहे है। लेकिन नेताओं के झूठे और सियासी बनाए गए वादों के बीच ऐसी घटना देखी जिस पर विकास के सभी वादे झूठे और खोखले नजर आते है। ऐसा लग रहा है कि योगी सरकार ने सड़क बनाई नहीं बल्कि चुनावी रोटिया सेंकने के लिए कंक्रीट की काली चद्दर से जमीन को ढंका। 

बिजनौर में सड़क बनाने में भ्रष्टाचार की नई तस्वीर सामने आई है। विकास की कहानी बिजनौर जनपद की है जिसमें सड़क का शुभारंभ होने के लिए जैसे ही नारियल को फोड़ा, नारियल तो नहीं फूटा बल्कि झूठे विकास की सड़क टूट गई। अब पूरा सरकारी अमला टूटी हुई सड़क की बात कर रहा है। आखिरकार भ्रष्टाचार का नारियल बिजनौर में फूट गया। ।  आपको बता दे यहां सिंचाई विभाग ने नहर की पटरी पर 1 करोड़ 16 लाख की लागत से 7 किलोमीटर लंबी सड़क बनाई थी। सड़क हल्दौर के चौराहे से नवादा तुल्ला गांव की ओर नहर की पटरी बनी थी। इस पटरी के सहारे कड़ापुर, झालपुर उलेढ़ा और हीमपुर दीपा को जोड़ना था। सात किलोमीटर की सड़क अभी सात सौ मीटर ही बन पाई थी।  छोटी  सी सड़क ने भी सियासी दावे का साथ नहीं दिया। आपको बता दें सात सौ मीटर बन चुकी सड़क का शुभारंभ करने के लिए सदर विधायक सूची मौसम चौधरी को बुलाया था। मौके पर पहुंची विधायक ने विधिपूर्वक पूजा अर्चना की। पूजा के बाद उन्होंने नारियल तोड़ा। नारियल तो नहीं टूटा लेकिन सड़क टूट गई। और बजरी उखड़ कर इधर उधर बिखर गई। इस बात पर विधायक नाराज हो गई। तत्काल विधायक ने सड़क शुभारंभ का कार्यक्रम टाल दिया। और गांव की मांग के साथ सड़क की जांच कराने को लेकर वहीं प्रदर्शन करने लग गई। आनन फानन में विरोध के बढ़ते बोल के चलते डीएम को तुरंत जांच के आदेश देने पड़े। और डीएम ने एक जांच टीम गठित कर जांच के साथ टीम तो मौके पर पहुंचने के आदेश भी दिए। मौके पर पहुंची जांच कमेटी ने विधायक के सामने ही सड़क खोदकर जांचने के लिए सैंपल लैब भेजा गया। विधायक ने जांच के बाद सरकार की छवि खराब होने के लिए जिम्मेदारों के विरोध में कार्यवाही करने को कहा। 

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