सर्वे : सीटों में गिरावट के बावजूद आसानी से उत्तर प्रदेश में सरकार बनाएगी भाजपा

September 4th, 2021

हाईलाइट

  • सीटों में गिरावट के बावजूद आसानी से उत्तर प्रदेश में सरकार बनाएगी भाजपा : सर्वे

डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। पिछली बार जीती सीटों की संख्या में गिरावट के बावजूद, उत्तर प्रदेश में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) आराम से सरकार बनाएगी। एबीपी-सीवोटर-आईएएनएस बैटल फॉर द स्टेट्स - वेव 1 में सामने आए आंकड़ों से यह जानकारी मिली है। सर्वेक्षण से पता चला है कि वोट शेयर में वृद्धि के बावजूद, भाजपा 2017 की तुलना में कम सीटें जीतेगी, लेकिन आराम से 202 सीटों के जादुई आंकड़े को पार कर जाएगी।

भाजपा का वोट शेयर 2021 में 0.4 फीसदी बढ़कर 41.8 फीसदी हो जाएगा, जो 2017 में 41.4 फीसदी था। हालांकि, सीटों की संख्या 2017 में 325 से घटकर अगले साल के चुनावों में 263 रहने की संभावना है। सर्वेक्षण में कहा गया है कि भाजपा को 254 से 267 सीटें मिलेंगी।

सर्वेक्षण के अनुसार, राज्य में मुख्य विपक्षी दल समाजवादी पार्टी (सपा) की सीटों की संख्या और वोट शेयर दोनों इस बार बढ़ेंगे। सपा का वोट शेयर 2017 में 23.6 से बढ़कर 2021 में 30.2 प्रतिशत हो जाएगा, जो 6.6 प्रतिशत की वृद्धि है। इसी तरह 2021 में इसकी सीटें 113 तक पहुंचने की उम्मीद है, जो कि 2017 में महज 48 थी।

सर्वे के मुताबिक, सपा को उत्तर प्रदेश में 109 से 117 सीटें मिलने की संभावना है। सर्वेक्षण में आगे खुलासा हुआ है कि मायावती की बहुजन समाज पार्टी (बसपा) के वोट शेयर और सीटों की संख्या दोनों में कमी आएगी।

बसपा का वोट शेयर 2017 में 22.2 से 6.5 प्रतिशत घटकर 2021 में 15.7 फीसदी हो जाएगा। सर्वेक्षण के अनुसार, बसपा विधायकों की संख्या 2017 में 19 से घटकर 2021 में 15 हो जाएगी। बसपा को 12 से 16 सीटें मिलने की संभावना है। कांग्रेस को उत्तर प्रदेश में वोट शेयर और सीटों की संख्या में भी गिरावट देखने को मिलेगी, जो पार्टी के पुनरुद्धार के लिए एक प्रमुख राज्य है।

सर्वेक्षण में कहा गया है कि कांग्रेस का वोट शेयर 2017 में 6.3 प्रतिशत से घटकर 2021 में 5.1 प्रतिशत हो जाएगा, जिसमें 1.2 फीसदी की गिरावट की संभावना है। इसके अलावा सर्वेक्षण में कहा गया है कि पार्टी 403 सदस्यीय उत्तर प्रदेश विधानसभा में केवल पांच सीटें जीतेगी, जो 2017 की तुलना में दो कम है। सर्वेक्षण में उत्तर प्रदेश की सभी 403 विधानसभा सीटों से 44,000 से अधिक लोगों से उनकी राय ली गई।

 

आईएएनएस

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