राजस्थान घमासान: सीएम अशोक गहलोत पर सचिन पायलट ने साधा निशाना, राहुल गांधी का आड़े लेकर किया बड़ा सियासी हमला, क्या होगा गहलोत का जवाब?

January 24th, 2023

डिजिटल डेस्क, जयपुर। राजस्थान में आगामी विधानसभा चुनाव के लिए कांग्रेस पार्टी कमर कसती हुई दिखाई दे रही है। पार्टी के पदाधिकारी बैठक पर बैठक कर रहे हैं। इसी बीच सचिन पायलट का एक बड़ा बयान सामने आया है। जिसमें वह इशारों-इशारों में मुख्यमंत्री अशोक गहलोत पर निशाना साधते हुए दिखाई दिए। दरअसल, सचिन पायलट ने राहुल गांधी का जिक्र करते हुए कहा कि, साल 2019 के आम चुनाव में हार मिलने पर राहुल गांधी ने कांग्रेस के अध्यक्ष पद से इस्तीफा दे दिया था।

वहीं सभी चाहते थे कि राहुल ही अध्यक्ष रहें लेकिन उन्होंने मना कर दिया। केवल एक वहीं नेता हैं जिन्होंने यह काम किया। पायलट ने कहा कि, बहुत से लोग ऐसे हैं जो हारते-हारते थकते नहीं, लेकिन पदों को नहीं छोड़ते हैं। देश में शायद ही कोई नेता होगा जिसने ऐसा कारनामा किया हो। हालांकि, पायलट द्वारा दिया गया यह बयान सीएम अशोक गहलोत से जोड़ कर देखा जा रहा है। एक बार और कयास लगाए जा रहे हैं कि सचिन पायलट और अशोक गहलोत में मनमुटाव बढ़ सकता है। पिछले दिनों ही दोनों वरिष्ठ नेताओं में जुबानी हमले हो चुके हैं। 

इशारों-इशारों में साधा निशाना

प्रदेश कांग्रेस अपनी आंतरिक कलह की वजह से हमेशा सुर्खियों में बनी रहती है। सीएम और पूर्व डिप्टी सीएम में खींचतान जग जाहिर है। राजनीतिक विश्लेषकों के मुताबिक, सचिन पायलट ने जो बयान दिया है वह बहुत कुछ इशारा करता है। इससे लगता है कि सीएम अशोक गहलोत और सचिन पायलट के बीच सियासत अभी और गर्माएगी। सचिन ने राहुल गांधी के नाम का सहारा लेते हुए सीएम गहलोत पर आक्रमण किया है। बता दें कि, कांग्रेस पार्टी अशोक गहलोत के नेतृत्व में राजस्थान के दो विधानसभा चुनाव लड़ चुकी है। लेकिन दोनों में उन्हें मुंह की खानी पड़ी थी। वहीं एक बार गहलोत के नेतृत्व में पार्टी को राजस्थान के 200 विधानसभा सीटों में महज 21 सीटों पर ही जीत मिल पाई थी। 

गौरतलब है कि, मुख्यमंत्री अशोक गहलोत इस मुद्दे पर कई बार बोल चुके हैं। उन्होंने कहा था कि, पार्टी की हार की जिम्मेदारी एक की नहीं होती बल्कि पूरे पार्टी समूह की होती है। हम सब जानते हैं कि विधानसभा चुनाव क्यों हारे।

सचिन पायलट के इस हमले से पहले सीएम अशोक गहलोत ने सचिन पालट को कोरोना बताया था। जिसके जवाब में सचिन ने गहलोत पर कहा था कि, मैं किसी पर निजी टिप्पणी नहीं करता। सचिन और गहलोत में साल 2020 से ही खुलकर टीका टिप्पणी होती आ रही है। जिसमें कई बार पार्टी हाईकमान को भी बीचबचाव करना पड़ा।


कांग्रेस पार्टी फिर बनाएगी सरकार

सचिन पायलट आगामी विधानसभा के लिए प्रदेश के अलग-अलग इलाकों में जाकर जनता का मूड टटोलने का काम कर रहे हैं। पायलट सोमवर को अपने निर्वाचन क्षेत्र टोंक पहुंचे थे। जहां पर उन्होंने मीडिया से बाततीच करते हुए पार्टी के अनुशासन पर कहा कि, कांग्रेस सबसे पुरानी पार्टी है। कोई कितना भी बड़ा हो, चाहे जिस पोस्ट पर हो, अगर कोई भी पार्टी के अनुशासन के खिलाफ चलता है तो इसका फैसला क्या करना है। वह पार्टी नेतृत्व एआईसीसी का काम है। वहीं सचिन पायलट आज चाकसू में मौजूद रहे। जहां पर उन्होंने राजकीय कन्या महाविद्यालय का शिलान्यास किया। सचिन पायलट ने कार्यक्रम में कहा कि, कांग्रेस पार्टी भारत जोड़ो यात्रा के बाद हाथ से हाथ जोड़ो अभियान चला रही है। जिसे कांग्रेस को और मजबूती मिलेगी। साथ ही राजस्थान में एक बार फिर कांग्रेस पार्टी की ही सरकार बनेगी।